Imam Bukhari : 3344
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا أَزْهَرُ بْنُ سَعْدٍ حَدَّثَنَا ابْنُ عَوْنٍ قَالَ أَنْبَأَنِي مُوسَى بْنُ أَنَسٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ افْتَقَدَ ثَابِتَ بْنَ قَيْسٍ فَقَالَ رَجُلٌ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَنَا أَعْلَمُ لَكَ عِلْمَهُ فَأَتَاهُ فَوَجَدَهُ جَالِسًا فِي بَيْتِهِ مُنَكِّسًا رَأْسَهُ فَقَالَ مَا شَأْنُكَ فَقَالَ شَرٌّ كَانَ يَرْفَعُ صَوْتَهُ فَوْقَ صَوْتِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَدْ حَبِطَ عَمَلُهُ وَهُوَ مِنْ أَهْلِ الْأَرْضِ فَأَتَى الرَّجُلُ فَأَخْبَرَهُ أَنَّهُ قَالَ كَذَا وَكَذَا فَقَالَ مُوسَى بْنُ أَنَسٍ فَرَجَعَ الْمَرَّةَ الْآخِرَةَ بِبِشَارَةٍ عَظِيمَةٍ فَقَالَ اذْهَبْ إِلَيْهِ فَقُلْ لَهُ إِنَّكَ لَسْتَ مِنْ أَهْلِ النَّارِ وَلَكِنْ مِنْ أَهْلِ الْجَنَّةِ
हमसे कहिन है [अली बिन अब्दुल्ला] हमसे कहिन है [अजहर बिन साद] हमसे कहिन है [इब्न औन] ने कहा है [मूसा बिन अनस] ने हमसे [अनस बिन मलिक रदलियाल्लाहु अन्हू] से कहा है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम थाबित बिन कैस को खो दिहिन तब एक आदमी ने कहा; 'हे अल्लाह के रसूल, मैं तोहका ओकरे ठिकाने के बारे मा सूचित करब'। तौ ई मनई थाबित से मिला जउन अपने घर मा माथा झुका के बइठा रहा। आदमी पूछिस; 'तुम्हारे साथ का बुराई है?'। थाबित जवाब दिहिस; 'खराब'। पहिले थाबित के आवाज पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के आवाज से ज्यादा जोर से रही। -थाबिट का लाग कि ओकर सब अच्छा काम मिटा के धरती -नरक- के निवासियन मा शामिल होइगा है। उ आदमी उनसे मिला, शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अऊर उनसे कहिन कि थाबित ई अऊर ऊ कहिन। मूसा बिन अनस ने कहा; 'फिर ऊ आदमी लौटि आवा - शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले खातिर - आखिरी बार बहुत अच्छी खबर के साथ। उ सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'साबित से मिलौ अऊर ओसे कहौ कि उ नरक के निवासियन मा से नाहीं बल्कि स्वर्ग के निवासी हैं'।