Hadith Representative
Jarak antara permohonan penghuni neraka dengan jawaban Malaikat Malik kepada mereka adalah seribu tahun, lalu dijawab “kalian akan tetap tinggal”
Imam Tirmidzi : 2511حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَخْبَرَنَا عَاصِمُ بْنُ يُوسُفَ حَدَّثَنَا قُطْبَةُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شِمْرِ بْنِ عَطِيَّةَ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ أُمِّ الدَّرْدَاءِ عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُلْقَى عَلَى أَهْلِ النَّارِ الْجُوعُ فَيَعْدِلُ مَا هُمْ فِيهِ مِنْ الْعَذَابِ فَيَسْتَغِيثُونَ فَيُغَاثُونَ بِطَعَامٍ مِنْ ضَرِيعٍ لَا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِي مِنْ جُوعٍ فَيَسْتَغِيثُونَ بِالطَّعَامِ فَيُغَاثُونَ بِطَعَامٍ ذِي غُصَّةٍ فَيَذْكُرُونَ أَنَّهُمْ كَانُوا يُجِيزُونَ الْغَصَصَ فِي الدُّنْيَا بِالشَّرَابِ فَيَسْتَغِيثُونَ بِالشَّرَابِ فَيُرْفَعُ إِلَيْهِمْ الْحَمِيمُ بِكَلَالِيبِ الْحَدِيدِ فَإِذَا دَنَتْ مِنْ وُجُوهِهِمْ شَوَتْ وُجُوهَهُمْ فَإِذَا دَخَلَتْ بُطُونَهُمْ قَطَّعَتْ مَا فِي بُطُونِهِمْ فَيَقُولُونَ ادْعُوا خَزَنَةَ جَهَنَّمَ فَيَقُولُونَ أَلَمْ{ تَكُ تَأْتِيكُمْ رُسُلُكُمْ بِالْبَيِّنَاتِ قَالُوا بَلَى قَالُوا فَادْعُوا وَمَا دُعَاءُ الْكَافِرِينَ إِلَّا فِي ضَلَالٍ }قَالَ فَيَقُولُونَ ادْعُوا مَالِكًا فَيَقُولُونَ{ يَا مَالِكُ لِيَقْضِ عَلَيْنَا رَبُّكَ }قَالَ فَيُجِيبُهُمْ{ إِنَّكُمْ مَاكِثُونَ }قَالَ الْأَعْمَشُ نُبِّئْتُ أَنَّ بَيْنَ دُعَائِهِمْ وَبَيْنَ إِجَابَةِ مَالِكٍ إِيَّاهُمْ أَلْفَ عَامٍ قَالَ فَيَقُولُونَ ادْعُوا رَبَّكُمْ فَلَا أَحَدَ خَيْرٌ مِنْ رَبِّكُمْ فَيَقُولُونَ{ رَبَّنَا غَلَبَتْ عَلَيْنَا شِقْوَتُنَا وَكُنَّا قَوْمًا ضَالِّينَ رَبَّنَا أَخْرِجْنَا مِنْهَا فَإِنْ عُدْنَا فَإِنَّا ظَالِمُونَ }قَالَ فَيُجِيبُهُمْ{ اخْسَئُوا فِيهَا وَلَا تُكَلِّمُونِ }قَالَ فَعِنْدَ ذَلِكَ يَئِسُوا مِنْ كُلِّ خَيْرٍ وَعِنْدَ ذَلِكَ يَأْخُذُونَ فِي الزَّفِيرِ وَالْحَسْرَةِ وَالْوَيْلِقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَالنَّاسُ لَا يَرْفَعُونَ هَذَا الْحَدِيثَ قَالَ أَبُو عِيسَى إِنَّمَا نَعْرِفُ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شِمْرِ بْنِ عَطِيَّةَ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ أُمِّ الدَّرْدَاءِ عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ قَوْلَهُ وَلَيْسَ بِمَرْفُوعٍ وَقُطْبَةُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ هُوَ ثِقَةٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ
हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन अब्दुररहमान] हमरा सब के कहलक अछि [‘अशिम बिन यूसुफ] हमरा सब के [कुथबाह बिन अब्दुल अजीज] के [अल अ’मासी] स [सिमीर बिन अथिय्याह] स [स्याहर बिन हौस्याब] स [उम्मू अद दरदा’] स [अबू अद दरदा] स [अबू अद दरदा’] स कहलक अछि, रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'ई फेकल जायत नरक के निवासी के जे यातना के तुलना में भूख के अनुभव क रहल छैथ, तखन ओ सब मदद मांगैत छैथ, फेर हुनका सब के मदद मिलैत छैन्ह जे 'धारी' - एकटा काँट वाला गाछ - स भोजन देल जाइत छैन्ह - जे ने भूख के मोटाबैत छैन्ह आ नै खत्म करैत छैन्ह, तखन ओ सब भोजन देबय लेल कहैत छैथ आ फेर हुनका सब के एहन भोजन देल जाइत छैन्ह जे हुनकर कंठ के बंद क दैत छैन्ह, तखन हुनका सब के याद छैन्ह जे अतीत में ओहि दुनिया में जे ओ सब इलाज केने छलाह.' पीबै के साथ कंठ में रुकावट होय जाय छै, तें पीबै लेली कुछ पीबै लेली कहै छै, तखनिये ओकरा पर उबलतें पानी डाललऽ जाय छै 'अल कलालिब' - एक लोहा जेकरऽ मुड़लऽ छोर के उपयोग मटकी सें मांस उठाबै लेली होय छै- जे जबेॅ ओकरऽ चेहरा के नजदीक होय जाय छै त॑ ओकरऽ चेहरा जरी जाय छै, ओकरऽ चेहरा जली जाय छै, आरो अगर वू पेट में घुसी जाय छै त॑ वू निश्चित रूप सें पेट के अंग के काट॑ छै, तखनिये एक-दूसरा सें कहै छै; 'नरकक नरकक रक्षक सँ निहोरा करू' मुदा ओ सभ ई श्लोक पढ़लनि 'आ अहाँक दूत सभ एखन धरि सूचना लऽ कऽ अहाँ लग नहि आबय दियौक' ओ सभ उत्तर देलक: 'हँ, ओ सभ आबि गेल अछि'। जहन्नामक पहरेदार सभ कहलक: 'प्रार्थना करू'। आ काफिर के दुआ खाली व्यर्थ भ' जाइत छैक'। -क्यूएस गफीर : 50- रसुलुल्लाह कहलनि; 'तखन ओ सभ कहलक; 'एन्जेल मलिक सँ निहोरा करू,' ओ सभ बजलाह; -हे मालिक तोहर भगवान बस हमरा सभकेँ मारि दियौक-'। QS Az-Zukhrf: 77. नबी कहलनि: 'ओ जवाब देलनि; 'अहाँ रहब -एहि नरक मे-''। -अल अ'मासी कहलक; 'हमरा कहल गेल छल जे हुनका लोकनिक निहोरा आ एन्जल मलिकक हुनका लोकनिक जवाबक बीचक अंतर हजार वर्षक अछि,' - नबी कहलनि: 'तखन दुनू गोटे एक दोसरा सँ कहलनि; 'अपन रब्ब सँ पूछू किएक त' अहाँक रब्ब सँ नीक कियो नहि अछि'। तखन ओ सभ भीख मांगलनि; 'हे हमर प्रभु, हम सब अपन बुराई पर हावी भ' गेल छी, आ हम सब एकटा एहन लोक छलहुँ जे भटकल छल।' हे हमर प्रभु, हमरा सभ केँ एहि सँ बाहर निकालू -आ हमरा सभ केँ एहि संसार मे वापस करू-, तखन जँ हम सभ -अविश्वास मे सेहो वापस आबि जायब-, तखन सचमुच हम सभ अपराधी छी'।' क्यूएस अल मुकमिनुन: 106-107। नबी कहलनि: 'तखन अल्लाह हुनका लोकनि केँ जवाब देलनि; "ओहि मे विनम्रतापूर्वक रहू, आ हमरा सँ गप्प नहि करू।" प्र.स. अल मुकमिनुन : 108. नबी कहलनि: 'तखन ओहि समय मे ओ सब भलाई सँ निराश भ' गेलाह, आ ओहि समय मे ओ सब ब्रेच करैत छलाह आ पछताबैत छलाह आ नुकसान उठौलनि'। अब्दुल्ला बिन अब्दुररहमान कहलनि; 'लोक नबी - ई हदीस स' संबंध नहि रखैत अछि'। अबू ईसा कहलनि; 'हमरा लोकनि ई हदीस केँ केवल अल अ'मासी सँ सिमीर बिन अथिय्याह सँ स्याहर बिन हस्याब सँ उम्म अद दरदा सँ' अबू अद दरदा'क शब्द सँ जनैत छी', आ ओ मरफू नहि छथि'। रहल बात कुतुबाह बिन अब्दुल अजीज के त हदीस विशेषज्ञ के अनुसार ओ त्सीकाह छलाह |