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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Allah Asma’ul husnaa As Salam
हदीस :
हदीस : 1
हदीस
As Salam
Imam Nasa'i : 1155

أَخْبَرَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ خَالِدٍ الرَّقِّيُّ قَالَ حَدَّثَنَا حَارِثُ بْنُ عَطِيَّةَ وَكَانَ مِنْ زُهَّادِ النَّاسِ عَنْ هِشَامٍ عَنْ حَمَّادٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ قَالَكُنَّا إِذَا صَلَّيْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَقُولُ السَّلَامُ عَلَى اللَّهِ السَّلَامُ عَلَى جِبْرِيلَ السَّلَامُ عَلَى مِيكَائِيلَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَقُولُوا السَّلَامُ عَلَى اللَّهِ فَإِنَّ اللَّهَ هُوَ السَّلَامُ وَلَكِنْ قُولُوا التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ السَّلَامُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ السَّلَامُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ

हमरा ['अब्दुररहमान बिन खालिद अर रिक्की] के रिपोर्ट कइला के बाद उ कहले; हमनी के [हरित्स बिन अथिय्याह] बतवले बाड़े अवुरी उ सबसे तपस्वी लोग में से एक हवे, [हिस्याम] से [हम्मद] से [इब्राहिम] से [अलकामाह] से [इब्न मसूद] से उ कहले; 'हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के साथे इ कह के नमाज पढ़त रहनी कि अस्सलामु अल्लाह, अस्सलामु आला जिब्रिल, अस्सलामु अला मिकैल -अल्लाह पर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, जिब्रिल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, मीकैल पर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम-'। तब रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम कहले कि उपेक्षा मत करीं; 'असलामू अल्लाह -अल्लाह पर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- ' काहे कि अल्लाह अस्सलाम हउवें -शांति के दाता-, लेकिन कह दीं कि 'त तहियातुत लिल्लाही वस्-शालावातु वथ-थय्यबातु, असलामु अलाईका अय्यूहान-नबिय्यू वा रहमतुल्लाही वा बरकातुह, असलामु अलैना वा अला 'इबदिल्लाहिश-सालिहिन, अस्यहदु।' अल्ला इलाह इल्लाल्लाह वहदाहु ला शरीकलाह वा अस्यहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहु वारसूलुह -अल्लाह पर अच्छा श्रद्धा आ बरकत होखे। शांति, दया आ बरकत रउरा पर बनल रहे हे नबी। अल्लाह के सज्जन सेवक पर भी शांति होखे। हम गवाही देत बानी कि अकेले अल्लाह के अलावा इबादत के लायक केहू नइखे, बिना कवनो साथी के, आ हम गवाही देत बानी कि मुहम्मद उनुकर सेवक आ दूत हवें-'।

हदीस :

Imam Ahmad : 3439, 3724, 3725, 3813, 3858, 3892, 4190, 11958, 21601
Imam Bukhari : 788, 791, 5762, 5853, 6833
Imam Muslim : 609
Imam Abu Dawud : 825
Imam Nasa'i : 1155, 1156, 1281
Imam Ibnu Majah : 889
Imam Darimi : 1306