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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Tali Al-'urwatul wutsqa adalah tauhid
Imam Muslim : 4536

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى الْعَنَزِيُّ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ مُعَاذٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَوْنٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ قَيْسِ بْنِ عُبَادٍ قَالَ كُنْتُ بِالْمَدِينَةِ فِي نَاسٍ فِيهِمْ بَعْضُ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَجَاءَ رَجُلٌ فِي وَجْهِهِ أَثَرٌ مِنْ خُشُوعٍ فَقَالَ بَعْضُ الْقَوْمِ هَذَا رَجُلٌ مِنْ أَهْلِ الْجَنَّةِ هَذَا رَجُلٌ مِنْ أَهْلِ الْجَنَّةِ فَصَلَّى رَكْعَتَيْنِ يَتَجَوَّزُ فِيهِمَا ثُمَّ خَرَجَ فَاتَّبَعْتُهُ فَدَخَلَ مَنْزِلَهُ وَدَخَلْتُ فَتَحَدَّثْنَا فَلَمَّا اسْتَأْنَسَ قُلْتُ لَهُ إِنَّكَ لَمَّا دَخَلْتَ قَبْلُ قَالَ رَجُلٌ كَذَا وَكَذَا قَالَ سُبْحَانَ اللَّهِ مَا يَنْبَغِي لِأَحَدٍ أَنْ يَقُولَ مَا لَا يَعْلَمُ وَسَأُحَدِّثُكَ لِمَ ذَاكَ رَأَيْتُ رُؤْيَا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَصَصْتُهَا عَلَيْهِ رَأَيْتُنِي فِي رَوْضَةٍ ذَكَرَ سَعَتَهَا وَعُشْبَهَا وَخُضْرَتَهَا وَوَسْطَ الرَّوْضَةِ عَمُودٌ مِنْ حَدِيدٍ أَسْفَلُهُ فِي الْأَرْضِ وَأَعْلَاهُ فِي السَّمَاءِ فِي أَعْلَاهُ عُرْوَةٌ فَقِيلَ لِي ارْقَهْ فَقُلْتُ لَهُ لَا أَسْتَطِيعُ فَجَاءَنِي مِنْصَفٌ قَالَ ابْنُ عَوْنٍ وَالْمِنْصَفُ الْخَادِمُ فَقَالَ بِثِيَابِي مِنْ خَلْفِي وَصَفَ أَنَّهُ رَفَعَهُ مِنْ خَلْفِهِ بِيَدِهِ فَرَقِيتُ حَتَّى كُنْتُ فِي أَعْلَى الْعَمُودِ فَأَخَذْتُ بِالْعُرْوَةِ فَقِيلَ لِيَ اسْتَمْسِكْ فَلَقَدْ اسْتَيْقَظْتُ وَإِنَّهَا لَفِي يَدِي فَقَصَصْتُهَا عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ تِلْكَ الرَّوْضَةُ الْإِسْلَامُ وَذَلِكَ الْعَمُودُ عَمُودُ الْإِسْلَامِ وَتِلْكَ الْعُرْوَةُ عُرْوَةُ الْوُثْقَى وَأَنْتَ عَلَى الْإِسْلَامِ حَتَّى تَمُوتَ قَالَ وَالرَّجُلُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ

हमसे [मुहम्मद बिन अल मुत्सना अल 'अनबारी] बताइन हैं; हमसे [मुआदज़ बिन मुअदज़] बताइस है; हमका [अब्दुल्लाह बिन औन] [मुहम्मद बिन सिरिन] से [कैस बिन उबाद] से कहिन है; एक दिन मैं मदीना मा ओन लोगन के साथे रहा जेहिमा पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दोस्त रहे। फिर केहू आवा अऊर ओकरे चेहरा पर गंभीरता के निशान रहा। लोग कहत हैं; ऊ मनई स्वर्ग के निवासियन मा है, ऊ मनई स्वर्ग के निवासियन मा है। फिर उ दुई हल्का रकात पढ़िन। जब ऊ मस्जिद से निकला, तब तक मैं ओकरे पीछे-पीछे तब तक चला जब तक कि ऊ घर मा घुस गवा, मैं ओकरे साथे अंदर गय अऊर हम बात किहेन। जब उ सुनिस, त हम ओसे कहेन; मस्जिद में घुसे तो लोग ऐसे वइसन बातें कहत हैं। व्यक्ति कहिस; सुभानअल्लाह लोगन का कुछ पता न होय ​​न बोलै का चाही। मैं तोहका बताउब, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के समय मा कुछ सपना देखे रहेन फिर हम ओनका सपना बतायेन, हम सपना देखेन कि लागत रहा कि हम बगीचा मा हई, -इब्न औन कहिन; ऊ कहिस कि ई चौड़ा है, घास हरी है, अऊर बीच मा एक लोहा के खम्भा है, जेकर तल धरती से अऊर ऊपर से आसमान से चिपक जात है। वहिमा एक रस्सी रही अऊर उ मोसे कहिस: ऊपर जा। हम कहेन; हम नाय कइ सकित। फिर मिसन्हफ आवा - इब्न औन अल मिन्शाफ नौकर है - तब उ पीछे से मोर कमीज उठाइस, उ कहिस; ऊपर आवा। मैं तब तक ऊपर चढ़ा जब तक कि मैं खम्भा के ऊपर नाहीं रहा अऊर रस्सी पकड़ लिहिस, उ कहिन; रस्सी का पकड़ के रखौ। फिर हम जागेन तौ रस्सी हमरे हाथ मा रही। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास गये फिर बताये। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'पौने का मतलब इस्लाम है, खम्भा इस्लाम का खम्भा है जबकि रस्सी तंग रस्सी है, और मरने तक इस्लाम में रहो'। इब्न औन ने कहा: 'जिण व्यक्ति का संदर्भित कीन जात है उ ['अब्दुल्लाह बिन सलाम] है'।

Hadith Corroboration :


Imam Ahmad : 22671
Imam Bukhari : 3529, 6493, 6497
Imam Muslim : 4536, 4537, 4538