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Nabi Isa mencari Dajjal hingga menemuinya di pintu Ludd lalu membunuhnya
Imam Tirmidzi : 2166حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ أَخْبَرَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ جَابِرٍ دَخَلَ حَدِيثُ أَحَدِهِمَا فِي حَدِيثِ الْآخَرِ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ جَابِرٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ جَابِرٍ الطَّائِيِّ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ أَبِيهِ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ عَنْ النَّوَّاسِ بْنِ سَمْعَانَ الْكِلَابِيِّ قَالَذَكَرَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الدَّجَّالَ ذَاتَ غَدَاةٍ فَخَفَّضَ فِيهِ وَرَفَّعَ حَتَّى ظَنَنَّاهُ فِي طَائِفَةِ النَّخْلِ قَالَ فَانْصَرَفْنَا مِنْ عِنْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ رَجَعْنَا إِلَيْهِ فَعَرَفَ ذَلِكَ فِينَا فَقَالَ مَا شَأْنُكُمْ قَالَ قُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ ذَكَرْتَ الدَّجَّالَ الْغَدَاةَ فَخَفَّضْتَ فِيهِ وَرَفَّعْتَ حَتَّى ظَنَنَّاهُ فِي طَائِفَةِ النَّخْلِ قَالَ غَيْرُ الدَّجَّالِ أَخْوَفُ لِي عَلَيْكُمْ إِنْ يَخْرُجْ وَأَنَا فِيكُمْ فَأَنَا حَجِيجُهُ دُونَكُمْ وَإِنْ يَخْرُجْ وَلَسْتُ فِيكُمْ فَامْرُؤٌ حَجِيجُ نَفْسِهِ وَاللَّهُ خَلِيفَتِي عَلَى كُلِّ مُسْلِمٍ إِنَّهُ شَابٌّ قَطَطٌ عَيْنُهُ طَافِئَةٌ شَبِيهٌ بِعَبْدِ الْعُزَّى بْنِ قَطَنٍ فَمَنْ رَآهُ مِنْكُمْ فَلْيَقْرَأْ فَوَاتِحَ سُورَةِ أَصْحَابِ الْكَهْفِ قَالَ يَخْرُجُ مَا بَيْنَ الشَّامِ وَالْعِرَاقِ فَعَاثَ يَمِينًا وَشِمَالًا يَا عِبَادَ اللَّهِ اثْبُتُوا قَالَ قُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ وَمَا لَبْثُهُ فِي الْأَرْضِ قَالَ أَرْبَعِينَ يَوْمًا يَوْمٌ كَسَنَةٍ وَيَوْمٌ كَشَهْرٍ وَيَوْمٌ كَجُمُعَةٍ وَسَائِرُ أَيَّامِهِ كَأَيَّامِكُمْ قَالَ قُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ أَرَأَيْتَ الْيَوْمَ الَّذِي كَالسَّنَةِ أَتَكْفِينَا فِيهِ صَلَاةُ يَوْمٍ قَالَ لَا وَلَكِنْ اقْدُرُوا لَهُ قَالَ قُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ فَمَا سُرْعَتُهُ فِي الْأَرْضِ قَالَ كَالْغَيْثِ اسْتَدْبَرَتْهُ الرِّيحُ فَيَأْتِي الْقَوْمَ فَيَدْعُوهُمْ فَيُكَذِّبُونَهُ وَيَرُدُّونَ عَلَيْهِ قَوْلَهُ فَيَنْصَرِفُ عَنْهُمْ فَتَتْبَعُهُ أَمْوَالُهُمْ وَيُصْبِحُونَ لَيْسَ بِأَيْدِيهِمْ شَيْءٌ ثُمَّ يَأْتِي الْقَوْمَ فَيَدْعُوهُمْ فَيَسْتَجِيبُونَ لَهُ وَيُصَدِّقُونَهُ فَيَأْمُرُ السَّمَاءَ أَنْ تُمْطِرَ فَتُمْطِرَ وَيَأْمُرُ الْأَرْضَ أَنْ تُنْبِتَ فَتُنْبِتَ فَتَرُوحُ عَلَيْهِمْ سَارِحَتُهُمْ كَأَطْوَلِ مَا كَانَتْ ذُرًا وَأَمَدِّهِ خَوَاصِرَ وَأَدَرِّهِ ضُرُوعًا قَالَ ثُمَّ يَأْتِي الْخَرِبَةَ فَيَقُولُ لَهَا أَخْرِجِي كُنُوزَكِ فَيَنْصَرِفُ مِنْهَا فَيَتْبَعُهُ كَيَعَاسِيبِ النَّحْلِ ثُمَّ يَدْعُو رَجُلًا شَابًّا مُمْتَلِئًا شَبَابًا فَيَضْرِبُهُ بِالسَّيْفِ فَيَقْطَعُهُ جِزْلَتَيْنِ ثُمَّ يَدْعُوهُ فَيُقْبِلُ يَتَهَلَّلُ وَجْهُهُ يَضْحَكُ فَبَيْنَمَا هُوَ كَذَلِكَ إِذْ هَبَطَ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ عَلَيْهِ السَّلَام بِشَرْقِيِّ دِمَشْقَ عِنْدَ الْمَنَارَةِ الْبَيْضَاءِ بَيْنَ مَهْرُودَتَيْنِ وَاضِعًا يَدَيْهِ عَلَى أَجْنِحَةِ مَلَكَيْنِ إِذَا طَأْطَأَ رَأْسَهُ قَطَرَ وَإِذَا رَفَعَهُ تَحَدَّرَ مِنْهُ جُمَّانٌ كَاللُّؤْلُؤِ قَالَ وَلَا يَجِدُ رِيحَ نَفْسِهِ يَعْنِي أَحَدًا إِلَّا مَاتَ وَرِيحُ نَفْسِهِ مُنْتَهَى بَصَرِهِ قَالَ فَيَطْلُبُهُ حَتَّى يُدْرِكَهُ بِبَابِ لُدٍّ فَيَقْتُلَهُ قَالَ فَيَلْبَثُ كَذَلِكَ مَا شَاءَ اللَّهُ قَالَ ثُمَّ يُوحِي اللَّهُ إِلَيْهِ أَنْ حَوِّزْ عِبَادِي إِلَى الطُّورِ فَإِنِّي قَدْ أَنْزَلْتُ عِبَادًا لِي لَا يَدَانِ لِأَحَدٍ بِقِتَالِهِمْ قَالَ وَيَبْعَثُ اللَّهُ يَأْجُوجَ وَمَأْجُوجَ وَهُمْ كَمَا قَالَ اللَّهُ{ مِنْ كُلِّ حَدَبٍ يَنْسِلُونَ }قَالَ فَيَمُرُّ أَوَّلُهُمْ بِبُحَيْرَةِ الطَّبَرِيَّةِ فَيَشْرَبُ مَا فِيهَا ثُمَّ يَمُرُّ بِهَا آخِرُهُمْ فَيَقُولُ لَقَدْ كَانَ بِهَذِهِ مَرَّةً مَاءٌ ثُمَّ يَسِيرُونَ حَتَّى يَنْتَهُوا إِلَى جَبَلِ بَيْتِ مَقْدِسٍ فَيَقُولُونَ لَقَدْ قَتَلْنَا مَنْ فِي الْأَرْضِ فَهَلُمَّ فَلْنَقْتُلْ مَنْ فِي السَّمَاءِ فَيَرْمُونَ بِنُشَّابِهِمْ إِلَى السَّمَاءِ فَيَرُدُّ اللَّهُ عَلَيْهِمْ نُشَّابَهُمْ مُحْمَرًّا دَمًا وَيُحَاصَرُ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ وَأَصْحَابُهُ حَتَّى يَكُونَ رَأْسُ الثَّوْرِ يَوْمَئِذٍ خَيْرًا لِأَحَدِهِمْ مِنْ مِائَةِ دِينَارٍ لِأَحَدِكُمْ الْيَوْمَ قَالَ فَيَرْغَبُ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ إِلَى اللَّهِ وَأَصْحَابُهُ قَالَ فَيُرْسِلُ اللَّهُ إِلَيْهِمْ النَّغَفَ فِي رِقَابِهِمْ فَيُصْبِحُونَ فَرْسَى مَوْتَى كَمَوْتِ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ قَالَ وَيَهْبِطُ عِيسَى وَأَصْحَابُهُ فَلَا يَجِدُ مَوْضِعَ شِبْرٍ إِلَّا وَقَدْ مَلَأَتْهُ زَهَمَتُهُمْ وَنَتَنُهُمْ وَدِمَاؤُهُمْ قَالَ فَيَرْغَبُ عِيسَى إِلَى اللَّهِ وَأَصْحَابُهُ قَالَ فَيُرْسِلُ اللَّهُ عَلَيْهِمْ طَيْرًا كَأَعْنَاقِ الْبُخْتِ قَالَ فَتَحْمِلُهُمْ فَتَطْرَحُهُمْ بِالْمَهْبِلِ وَيَسْتَوْقِدُ الْمُسْلِمُونَ مِنْ قِسِيِّهِمْ وَنُشَّابِهِمْ وَجِعَابِهِمْ سَبْعَ سِنِينَ قَالَ وَيُرْسِلُ اللَّهُ عَلَيْهِمْ مَطَرًا لَا يُكَنُّ مِنْهُ بَيْتُ وَبَرٍ وَلَا مَدَرٍ قَالَ فَيَغْسِلُ الْأَرْضَ فَيَتْرُكُهَا كَالزَّلَفَةِ قَالَ ثُمَّ يُقَالُ لِلْأَرْضِ أَخْرِجِي ثَمَرَتَكِ وَرُدِّي بَرَكَتَكِ فَيَوْمَئِذٍ تَأْكُلُ الْعِصَابَةُ مِنْ الرُّمَّانَةِ وَيَسْتَظِلُّونَ بِقَحْفِهَا وَيُبَارَكُ فِي الرِّسْلِ حَتَّى إِنَّ الْفِئَامَ مِنْ النَّاسِ لَيَكْتَفُونَ بِاللِّقْحَةِ مِنْ الْإِبِلِ وَإِنَّ الْقَبِيلَةَ لَيَكْتَفُونَ بِاللِّقْحَةِ مِنْ الْبَقَرِ وَإِنَّ الْفَخِذَ لَيَكْتَفُونَ بِاللِّقْحَةِ مِنْ الْغَنَمِ فَبَيْنَمَا هُمْ كَذَلِكَ إِذْ بَعَثَ اللَّهُ رِيحًا فَقَبَضَتْ رُوحَ كُلِّ مُؤْمِنٍ وَيَبْقَى سَائِرُ النَّاسِ يَتَهَارَجُونَ كَمَا تَتَهَارَجُ الْحُمُرُ فَعَلَيْهِمْ تَقُومُ السَّاعَةُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ جَابِرٍ
हमसे कहिन है ['अली बिन हुजर] हमसे [अल वालिद बिन मुस्लिम] अऊर [अब्दुल्ला बिन अब्दुर्रहमान बिन यजीद बिन जाबीर] बताइन हैं कि ओनमा से एक के हदीस दूसर हदीस मा शामिल है, [अब्दुर्रहमान बिन यजीद बिन जाबीर] से [यह्या बिन जाबीर अठ थो`बैर] से [अबदुर्रहमान बिन जुबैर से, जुबायर से। [अन नववास बिन सामन अल किलाई] से नुफैर] कहिन: एक दिन सुबह, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दज्जल का जिक्र किहिन, उ आपन आवाज कम किहिन अऊर तब तक उठाइन जब तक कि हम नाहीं सोचा कि उ खजूर के पेड़न के समूह मा हैं। हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से निकले अऊर फिर हम वापस आए, उनका ई बात का पता चला अऊर फिर उ पूछिन: 'तुम लोग काहे?' हमने जवाब दिया: हे अल्लाह के रसूल, राजा ने एक दिन सुबह दज्जल का जिक्र किया, उन्होंने अपनी आवाज कम और ऊपर उठाई जब तक कि हमने सोचा कि वह खजूर के पेड़ों के एक समूह में है, उन्होंने कहा: 'दज्जल के अलावा जो मैं आपके बारे में अधिक चिंतित हूं, अगर वह प्रकट होता है और मैं आपके बीच हूं, तो मैं उसे हरा देगा, आपको नहीं और अगर वह प्रकट होता है और आपके बीच म अऊर अल्लाह हर मुसलमान के लिए मोर विकल्प है, उ एक जवान आदमी है। कर्ल, आँखिन से बाहर निकलत, जइसे कि 'अब्दु अल 'उज्जा बिन कथान। आप में से जे भी ओका देखत है, उ गुफावासी के पत्र के शुरुआत पढ़े - अल कहफ -, उ सीरिया अऊर 'इराक के बीच मा प्रकट भवा अऊर दाहिने अऊर बाएं बहुत नुकसान पहुँचाइस, हे अल्लाह के सेवक, अडिग रहौ।' हम पूछेन: ऊ धरती पर कब तक रहे? रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: 'चालीस दिन, एक दिन साल के समान, एक दिन महीना के समान, एक दिन पेकन के समान अऊर बाकी दिन तोहरे दिन के तरह'। एक नववास ने कहा: हमने पूछा: हे अल्लाह के रसूल, आप एक दिन के साल के समान होवे के बारे मा का सोचत हई, का हमरे लिए एक दिन के नमाज पढ़ब काफी है? रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: नहीं, लेकिन उनके लिए अनुमान लगाओ'। एक नववास ने कहा: हमने पूछा: हे अल्लाह के रसूल, धरती पर कितनी तेज है? रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: जैसे बारिश जो हवा से उड़ती है तब उ लोग के पास आया और उन्हें बोलाया, उन्होंने उससे झूठ बोला और उन्होंने उसकी बातें उलट दीं, उन्होंने उन्हें छोड़ दिया फिर उन्होंने उनके सम्पति के पीछे-पीछे चला गया जब तक कि उनके पास अब कुछ नहीं रहा, उसके बाद उ लोगों के पास आकर उन्हें बुलाया, उन्होंने उन्हें स्वीकार किया, उन्होंने आकाश को बरसाने का आदेश दिया, फिर आकाश को बरसाने का आदेश दिया, उ पृथ्वी का वनस्पति पैदा करै का आदेश दिहिस, पृथ्वी तब वनस्पति पैदा किहिस, फिर ओनके पशुधन लंबा कूबड़, पेट चौड़ा अऊर भरे दूध के थैली लइके घरे आइन, तब दज्जल गाँव मा आवा जवन खंडहर मा रहि गा रहा अऊर ओसे कहिस: 'अपनी बचत निकालौ तब दज्जल ओका छोड़ दिहिस अऊर धरती के धन ओकरे पीछे-पीछे रानी के तरह चला गवा तब ऊ ओका एक आदमी का मार दिहिस, एक तलवार फिर ओका दुइ भाग मा काट दिहिस फिर ओका बोलाइस, अऊर जवान आदमी अचानक दिखाई दिहिस ओकर चेहरा चमकदार रहा अऊर हँसिस, जब उ अइसन रहा, अचानक 'ईसा मरियम के बेटवा दमिश्क के पूरब मा सफेद टावर मा उतरा, दुइ कपड़ा पहिन के दुइ स्वर्गदूतन के पंखन पर हाथ रखत रहा, जब उ आपन सिर नीचे करत है, अऊर पानी टपकत है ओकर माथा से पसीना मोती के तरह बहत है'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'कोऊ भी ओकर सांस का सूंघ नाहीं सकत है लेकिन निश्चित रूप से मर जाई अऊर ओकर साँस के गंध उहाँ तक जाई जहाँ तक ओकर आँखि देख सकत है'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: ''ईसा दज्जल का तब तक खोजत रहा जब तक कि उ लुद्द के दरवाजा पर ओसे नाहीं मिला फिर ओका मार डारिस'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वह भी बहुत समय तक रहा जब तक कि अल्लाह ने ओनके ऊपर लोगन का थुरसीना तक ले जाय के लिए प्रकट नाहीं किहिन काहे से कि हम अपने सेवकन का रखे हई जेकरे खिलाफ केहू नाहीं लड़ सकत है'। रसुलुल आह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अल्लाह ने याजुग अऊर मागोग का भेजा, वै वइसने हैं जइसे कहा गा रहा: 'ऊँच किलन से वै जल्दी से उतरे'। -क्यूएस। अल-अनबिया' 96-, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'फिर सामने वाला थाबरिया झील पार कर पिया फिर पीछे वाला पार करिस, बोला: इहाँ पानी रहा। पैदल चले बैतुल मकदीस पर्वत पर पहुँचे, बोले : धरती वालेन का हम मारि लिहेन, आसमान वालेन का मारौ। उइ आपन तीर आकाश मा चलाइन अऊर अल्लाह ओनके तीर का खून से लाल कइ दिहिन। 'ईसा, मरियम के बेटवा अऊर ओकर साथी एक भैंस के सिर तक घेर लिहिन। उ समय आज आप सब मा से एक के सौ दीनार से ओनमा से एक के लिए अच्छा रहा, तब 'ईसा पुत्र मरियम अऊर ओकर साथी अल्लाह से दुआ किहिन'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'फिर अल्लाह ने उनके गर्दन पर कीड़े भेजे और वे एक आत्मा के मरे के तरह मर गए, फिर 'ईसा और उनके साथी आए, एक इंच भी जगह नहीं रही लेकिन वह लाश और उनके खून के बदबू से भर गया'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'फिर 'ईसा अऊर उनके साथियन ने अल्लाह से दुआ किहिन फिर अल्लाह ने ऊँट के गर्दन के तरह एक चिड़िया भेजी'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'चिड़िया ओनका लइके जमीन के एक छेद मा फेंक दिहिस, मुसलमान सात साल तक ओनके तीर, तीर अऊर तीर का ईंधन के रूप मा इस्तेमाल किहिन'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'फिर अल्लाह ने उन पर बारिश भेजी, न तो पंख से बना घर रहा न माटी से बना घर था जो बारिश को गिरने से रोकता है'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'बारिश धरती को धोती है और हर जगह पोखर छोड़ देती है'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'यहिके बाद धरती से कहा गा कि आपन फल निकालौ अऊर आपन आशीर्वाद लौटाओ। वहि समय लोगन के एक समूह अनार खात रहा, उ चमड़ी का आश्रय के रूप मा उपयोग करत रहा, दूध का तब तक आशीर्वाद मिलत रहा जब तक कि एक समूह के लोग दूध के ऊँट से तृप्त न होइ जात रहे, एक जनजाति दूध के गाय से काफी रही अऊर कईयो रिश्तेदार दूध के बकरी से काफी रहे। जब उ लोग अइसन रहे, त अचानक अल्लाह सुभानाहु व तआला ने एक हवा भेजी अऊर हर मुमिन के जान ले लिहिस अऊर जवन लोग अबहियों रहे, उ लोग संभोग करै वाले गदहन के तरह खुलेआम यौन सम्बन्ध करत रहे। तौ ओनके ऊपर होई कि दुनिया का अंत होई।" अबू ईसा कहिन: ई हदीस हसन शाहिह गरीब है, हम ईका केवल अब्दुर्रहमान बिन यजीद बिन जाबीर के हदीस से जानित है।