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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Haji dan Umrah Jenis Niat Ihram (Ifrad, Tamattu', Qiran) dan Hadyu Tata cara haji Nabi pada Haji Wada' dan ketentuan hadyu bagi jamaah
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Tata cara haji Nabi pada Haji Wada' dan ketentuan hadyu bagi jamaah
Imam Bukhari : 1578

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ ابْنَ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَتَمَتَّعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ بِالْعُمْرَةِ إِلَى الْحَجِّ وَأَهْدَى فَسَاقَ مَعَهُ الْهَدْيَ مِنْ ذِي الْحُلَيْفَةِ وَبَدَأَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَهَلَّ بِالْعُمْرَةِ ثُمَّ أَهَلَّ بِالْحَجِّ فَتَمَتَّعَ النَّاسُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْعُمْرَةِ إِلَى الْحَجِّ فَكَانَ مِنْ النَّاسِ مَنْ أَهْدَى فَسَاقَ الْهَدْيَ وَمِنْهُمْ مَنْ لَمْ يُهْدِ فَلَمَّا قَدِمَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَكَّةَ قَالَ لِلنَّاسِ مَنْ كَانَ مِنْكُمْ أَهْدَى فَإِنَّهُ لَا يَحِلُّ لِشَيْءٍ حَرُمَ مِنْهُ حَتَّى يَقْضِيَ حَجَّهُ وَمَنْ لَمْ يَكُنْ مِنْكُمْ أَهْدَى فَلْيَطُفْ بِالْبَيْتِ وَبِالصَّفَا وَالْمَرْوَةِ وَلْيُقَصِّرْ وَلْيَحْلِلْ ثُمَّ لِيُهِلَّ بِالْحَجِّ فَمَنْ لَمْ يَجِدْ هَدْيًا فَلْيَصُمْ ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ فِي الْحَجِّ وَسَبْعَةً إِذَا رَجَعَ إِلَى أَهْلِهِ فَطَافَ حِينَ قَدِمَ مَكَّةَ وَاسْتَلَمَ الرُّكْنَ أَوَّلَ شَيْءٍ ثُمَّ خَبَّ ثَلَاثَةَ أَطْوَافٍ وَمَشَى أَرْبَعًا فَرَكَعَ حِينَ قَضَى طَوَافَهُ بِالْبَيْتِ عِنْدَ الْمَقَامِ رَكْعَتَيْنِ ثُمَّ سَلَّمَ فَانْصَرَفَ فَأَتَى الصَّفَا فَطَافَ بِالصَّفَا وَالْمَرْوَةِ سَبْعَةَ أَطْوَافٍ ثُمَّ لَمْ يَحْلِلْ مِنْ شَيْءٍ حَرُمَ مِنْهُ حَتَّى قَضَى حَجَّهُ وَنَحَرَ هَدْيَهُ يَوْمَ النَّحْرِ وَأَفَاضَ فَطَافَ بِالْبَيْتِ ثُمَّ حَلَّ مِنْ كُلِّ شَيْءٍ حَرُمَ مِنْهُ وَفَعَلَ مِثْلَ مَا فَعَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ أَهْدَى وَسَاقَ الْهَدْيَ مِنْ النَّاسِوَعَنْ عُرْوَةَ أَنَّ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا أَخْبَرَتْهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي تَمَتُّعِهِ بِالْعُمْرَةِ إِلَى الْحَجِّ فَتَمَتَّعَ النَّاسُ مَعَهُ بِمِثْلِ الَّذِي أَخْبَرَنِي سَالِمٌ عَنْ ابْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमसे कहिन है [यह्या बिन बुकैर] हमसे [अल लैट्स] से ['उकैल] से [इब्नू शिहाब] से [सलीम बिन अब्दुल्ला] से कहिन है कि [इब्नू उमर रदलियाल्लाहु अन्हुमा] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने इरादे -बेरिहराम- 'उमरा अऊर हज्जी का जोड़ के हजी वादा' के दौरान हज्जी तमट्टू किहिन अऊर उ एक बलि के जानवर लइके आए। उ दज़ुल हुलैफा से आपन बलि के जानवर का नेतृत्व किहिन फिर उ उमरा के इरादा से इहराम शुरू किहिन फिर हज्जी के लिए इहराम किहिन। इ बीच, लोग अपने हज्जी के कार्यान्वयन के लिए इहराम उमराह के इरादे से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ हज्जी तमत्तू करत हैं। जेहिमा बलि के जानवर लावै वाले भी हैं अउर बलि के जानवर नहीं लावैं वाले भी हैं। जब पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम मक्का पहुँचे, तौ उ भीड़ से कहिन: 'तुममें से जे बलिदान का जानवर लावत है, तौ ओकरे लिए उ हलाल नाहीं है, ओकरे लिए कुछौ भी मना है जब तक कि उ हज के सब अनुष्ठान पूरा न कर लेत है अऊर तुममें से जे बलिदान का जानवर नाहीं लावत है, ओका कबाह अऊर बाउल मा तवाल करै देई'। शफा अऊर मरवाह के पहाड़ियन के बीच स'य फिर उ आपन बाल काटत है अऊर फिर तहल्लुल करत है। फिर हज्जी के लिए इहराम किहिन। और जेकरे पास यज्ञ पशु न हो, हज के समय तीन दिन और अपने परिवार के पास लौटने पर सात दिन रोजा रखे। जब उ मक्का पहुँचत है तौ ओका कुछ अइसन करै का परत है कि उ अर-रुकुन -अल हजर अल असवाद- का चूम के तवाफ करै का है, जवन कि तीन राउंड तक तेजी से चलै अऊर बाकी चार राउंड तक सामान्य रूप से चलै से ओकर तवाफ है, फिर बैतुल्लाह काबा मा आपन तवाफ पूरा करै के बाद, ओका इब्राइम के पीछे दुइ रकात नमाज पढ़ै का चाही, फिर जब उ कहत है, खतम होइगा, तौ ओका अश-शफा पहाड़ी मा जाय का चाही अऊर सात चक्कर लगावै के ताईं शफा अऊर मरवाह पहाड़ियन के बीच साय करै का चाही, फिर ओका हल करै का चाही कि ओका मना कीन गा है, आपन तीर्थयात्रा पूरा करै अऊर नाहर के दिन बलि के जानवर का वध करै तक। वहिके बाद उ मक्का गें, फिर तवाफ किहिन, फिर उ सब कुछ जवन पहिले उनके लिए मना रहा, हलाल होइ गवा। तौ जे बलि चढ़ावत हैं अऊर बलि के जानवर लावत हैं, वइसने करत हैं जइसे पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम किहिन'। अऊर [उर्वाह] से कि [ऐस्याह रदलियाह अन्हा] हज तमत्तू के दौरान पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से उनके हज्जी के दौरान 'उमरा' के इरादे से रिपोर्ट किहिन, यहिसे लोग उनके साथ हज्जी तमत्तू' किहिन जइसे कि सलीम द्वारा इब्नू उमर रदलियाहुल्लाहुलाहुलाहुलाहुलाहुल्लाह सल्लहुल्लाह सल्लुल्लाह से मोका बतावा गा रहा। वसल्लम।

Hadith Corroboration :


Imam Ahmad : 5967
Imam Bukhari : 1578
Imam Muslim : 2159, 2160