Hadith Representative
Wanita yang diperkosa tidak dikenai hukuman, dan orang yang dituduh keliru dibebaskan setelah pelaku sebenarnya mengaku
Imam Abu Dawud : 3852حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَنَّ هِشَامًا الدَّسْتُوَائِيَّ وَأَبَانَ ابْنَ يَزِيدَ حَدَّثَاهُمْ الْمَعْنَى عَنْ يَحْيَى عَنْ أَبِي قِلَابَةَ عَنْ أَبِي الْمُهَلَّبِ عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍأَنَّ امْرَأَةً قَالَ فِي حَدِيثِ أَبَانَ مِنْ جُهَيْنَةَ أَتَتْ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ إِنَّهَا زَنَتْ وَهِيَ حُبْلَى فَدَعَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلِيًّا لَهَا فَقَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَحْسِنْ إِلَيْهَا فَإِذَا وَضَعَتْ فَجِئْ بِهَا فَلَمَّا أَنْ وَضَعَتْ جَاءَ بِهَا فَأَمَرَ بِهَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَشُكَّتْ عَلَيْهَا ثِيَابُهَا ثُمَّ أَمَرَ بِهَا فَرُجِمَتْ ثُمَّ أَمَرَهُمْ فَصَلُّوا عَلَيْهَا فَقَالَ عُمَرُ يَا رَسُولَ اللَّهِ تُصَلِّي عَلَيْهَا وَقَدْ زَنَتْ قَالَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَقَدْ تَابَتْ تَوْبَةً لَوْ قُسِّمَتْ بَيْنَ سَبْعِينَ مِنْ أَهْلِ الْمَدِينَةِ لَوَسِعَتْهُمْ وَهَلْ وَجَدْتَ أَفْضَلَ مِنْ أَنْ جَادَتْ بِنَفْسِهَا لَمْ يَقُلْ عَنْ أَبَانَ فَشُكَّتْ عَلَيْهَا ثِيَابُهَاحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْوَزِيرِ الدِّمَشْقِيُّ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ عَنْ الْأَوْزَاعِيِّ قَالَ فَشُكَّتْ عَلَيْهَا ثِيَابُهَا يَعْنِي فَشُدَّتْ
हमसे [मुस्लिम बिन इब्राहिम] बतावा गा है कि [हिस्याम अद दुस्तुवा`ई] अऊर [अबान बिन यजीद] दुइनौ ने ओनका सार्थक तरीका से बतावा रहा, [यह्या] से [अबू किलाबाह] से [अबू अल मुहल्लाब] से [इमरान बिन हुशैन] से कि अबान इयाथ मा एक औरत रही - जूहा से पैगम्बर तक सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम अऊर कहिन कि हम व्यभिचार किहिन अऊर गर्भवती रहीं। तब पैगम्बर शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने अपने अभिभावक को बुलाया, रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने अभिभावक से कहा: 'ओसे अच्छा व्यवहार करौ, अगर उ बच्चा पैदा किहिस है, तौ ओका इहाँ लइ आवा'। जब औरत बच्चा पैदा किहिस, तौ ओका पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने लाया गा, उ आदेश दिहिन कि सजा अंजाम दीन जाय। तब औरत के कपड़ा एक साथ खींचा गा - ताकि ओकर गुप्त अंग उजागर न होइ -, अऊर उ फिर से आदेश दिहिस कि सजा तुरंत अंजाम दीन जाय, यहिसे ओका पत्थर मार दीन गा। फिर उ अपने दोस्तन का आदेश दिहिन -उनके लिए प्रार्थना करैं-, उइ भी उनके लिए प्रार्थना किहिन। तब उमर ने कहा, 'हे अल्लाह के रसूल, तू व्यभिचार करते हुए भी उसे नमाज काहे चढ़ा रहे हो!' उ कहिन: 'उनके हाथ मा मोर आत्मा है, उ पश्चाताप किहिन हैं, अऊर अगर उनकर पश्चाताप मदीना के सत्तर निवासियन मा बांटा जात है तौ ई काफी होई। का तुमका लागत है कि ई औरत के प्रयास से ज्यादा महत्वपूर्ण का है, ऊ खुदै स्वेच्छा से आई?'। हालांकि, कथाकार ने अबन का जिक्र ई शब्दन के साथ नाहीं किहिन 'तब औरत के कपड़ा एक साथ खींचा गा रहा - ताकि ओकर गुप्त अंग उजागर न होइ -'। हमका बतावा गा है [मुहम्मद इब्नुल वजीर अद दिमासिकी] कहिन, हमका [अल वलिद] बतावा गा है [अल औजाई] से उ कहिन, 'महिला के कपड़ा तब एक साथ बाँधा गा रहा - ताकि ओकर गुप्त अंग उजागर न होइ -, मतलब बाँधा'।