Wanita yang diperkosa tidak dikenai hukuman, dan orang yang dituduh keliru dibebaskan setelah pelaku sebenarnya mengaku
Imam Muslim : 3206
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنِي عَبْدُ الْأَعْلَى حَدَّثَنَا دَاوُدُ عَنْ أَبِي نَضْرَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ أَنَّ رَجُلًا مِنْ أَسْلَمَ يُقَالُ لَهُ مَاعِزُ بْنُ مَالِكٍ أَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنِّي أَصَبْتُ فَاحِشَةً فَأَقِمْهُ عَلَيَّ فَرَدَّهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِرَارًا قَالَ ثُمَّ سَأَلَ قَوْمَهُ فَقَالُوا مَا نَعْلَمُ بِهِ بَأْسًا إِلَّا أَنَّهُ أَصَابَ شَيْئًا يَرَى أَنَّهُ لَا يُخْرِجُهُ مِنْهُ إِلَّا أَنْ يُقَامَ فِيهِ الْحَدُّ قَالَ فَرَجَعَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَمَرَنَا أَنْ نَرْجُمَهُ قَالَ فَانْطَلَقْنَا بِهِ إِلَى بَقِيعِ الْغَرْقَدِ قَالَ فَمَا أَوْثَقْنَاهُ وَلَا حَفَرْنَا لَهُ قَالَ فَرَمَيْنَاهُ بِالْعَظْمِ وَالْمَدَرِ وَالْخَزَفِ قَالَ فَاشْتَدَّ وَاشْتَدَدْنَا خَلْفَهُ حَتَّى أَتَى عُرْضَ الْحَرَّةِ فَانْتَصَبَ لَنَا فَرَمَيْنَاهُ بِجَلَامِيدِ الْحَرَّةِ يَعْنِي الْحِجَارَةَ حَتَّى سَكَتَ قَالَ ثُمَّ قَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَطِيبًا مِنْ الْعَشِيِّ فَقَالَ أَوَ كُلَّمَا انْطَلَقْنَا غُزَاةً فِي سَبِيلِ اللَّهِ تَخَلَّفَ رَجُلٌ فِي عِيَالِنَا لَهُ نَبِيبٌ كَنَبِيبِ التَّيْسِ عَلَيَّ أَنْ لَا أُوتَى بِرَجُلٍ فَعَلَ ذَلِكَ إِلَّا نَكَّلْتُ بِهِ قَالَ فَمَا اسْتَغْفَرَ لَهُ وَلَا سَبَّهُ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ حَدَّثَنَا بَهْزٌ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ حَدَّثَنَا دَاوُدُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ مِثْلَ مَعْنَاهُ وَقَالَ فِي الْحَدِيثِ فَقَامَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ الْعَشِيِّ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ أَمَّا بَعْدُ فَمَا بَالُ أَقْوَامٍ إِذَا غَزَوْنَا يَتَخَلَّفُ أَحَدُهُمْ عَنَّا لَهُ نَبِيبٌ كَنَبِيبِ التَّيْسِ وَلَمْ يَقُلْ فِي عِيَالِنَا و حَدَّثَنَا سُرَيْجُ بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ زَكَرِيَّاءَ بْنِ أَبِي زَائِدَةَ ح و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ كِلَاهُمَا عَنْ دَاوُدَ بِهَذَا الْإِسْنَادِ بَعْضَ هَذَا الْحَدِيثِ غَيْرَ أَنَّ فِي حَدِيثِ سُفْيَانَ فَاعْتَرَفَ بِالزِّنَى ثَلَاثَ مَرَّاتٍ
ई मोका बतावा गा है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] ने मोका बतावा है [अब्दुल अ'ला] ने हमसे [दाउद] से [अबू नदलरा] से [अबू सैद] से कहा है, कि बनी असलम से एक आदमी माइज बिन मलिक नामक रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आवा रहा, अऊर कहिस, 'मैं सीधे तौर पर एक मना कर चुका हौं,'! लेकिन पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे मुँह फेर लिया, ऐसा कई बार हुआ'। अबू सईद ने कहा, 'फिर उ अपने लोगन से पूछिन, उ जवाब दिहिन, 'हम ओका कुछ क्रूरता करत नाहीं देखेन लेकिन उ कुछ किहिन, अऊर जब तक ओनके ऊपर एक सीमा नाहीं लगावा गा रहा, तब तक उ ई समस्या से बाहर नाहीं निकल सकत रहा'। अबू सैद आगे कहिन, 'फिर उ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास लौटि गा, फिर उ हमका पत्थर मारय का हुकुम दिहिस'। अबू सईद आगे कहिन, 'ओकरे बाद हम बकी' घरकाद गयेन, हम ओका न बाँधेन अऊर न ही हम ओका दफनायेन'। अबू सईद जारी रखिन, 'फिर हम ओनके ऊपर हड्डी अऊर कठोर माटी फेंकिन।' अबू सैद ने कहा, 'माइज़ तब तक भागै के कोशिश किहिन जब तक कि उ हुर्रा के पास न होइ गें, लेकिन हम ओनके पीछा किहिन अऊर ओनका वापस पा लिहेन, फिर हम ओनके ऊपर बड़े पत्थर फेंकिन जब तक कि उ चुप नाइ होइ गें -मर-'। दुपहरिया मा रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम खड़ा होइके उपदेश दिहिन, कहिन: 'अइसन काहे अहै कि जब हम अल्लाह के राह मा जेहाद लड़ै खातिर युद्ध मा गये रहेन, तौ तुममें से एक नाहीं गवा अऊर हमरे परिवार के साथे रहा, तौ ऊ नर बकरी के तरह एक आह भरिस -जब संभोग करत रहा-। त, आप ई काम करै वाले मनई का मोर पास न लावा, लेकिन मैं ओका मंजूरी देब'। अबू सईद ने कहा, 'त उ न तो उनके लिए माफी माँगिन अऊर न ही उ उनकर अपमान किहिन'। अऊर मोका बताइस है [मुहम्मद बिन हातिम] हमसे कहिस है [बहज] हमसे कहिस है [यजीद बिन ज़ुराई'] हमसे [दाउद] का ई सनाद से कहिस है, जइसे कि हदीस का अर्थ। यहि हदीस मा उ कहत हैं, 'दुपहर मा, पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम खड़ा होइके अल्लाह के स्तुति किहिन अऊर उनकर महिमा किहिन, फिर कहिन: 'अम्मा बा'दू।' अइसन काहे है कि जब हम युद्ध मा जात रहेन तौ ओनमा से एक जने पीछे हट जात रहें -नहीं आए- हमरे साथ, उनके पास नर बकरी के आह के तरह एक आह रही -जब संभोग करत रहे-'। अऊर उ नाहीं कहिन, 'हमरे परिवार के साथ''। अऊर हमसे कहिस है [सूरैज बिन यूनुस] हमसे कहिस है [यह्या बिन जकारिया बिन अबू जैदा]। -दूसरे तरीका से ई कहा गा है- हमसे कहिन है [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमसे कहिन है [मुआविया बिन हिशम] हमसे [सुफयान] इनमें से कुछ हदीस के सनाद के साथ [दाउद] दुइनौ का बताइन हैं, लेकिन सुफियान के हदीस मा कहा गा है, 'अगर उ स्वीकार करत है कि उ तीन बार व्यभिचार किहिस है'।