Wanita yang diperkosa tidak dikenai hukuman, dan orang yang dituduh keliru dibebaskan setelah pelaku sebenarnya mengaku
Imam Muslim : 3209
حَدَّثَنِي أَبُو غَسَّانَ مَالِكُ بْنُ عَبْدِ الْوَاحِدِ الْمِسْمَعِيُّ حَدَّثَنَا مُعَاذٌ يَعْنِي ابْنَ هِشَامٍ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ حَدَّثَنِي أَبُو قِلَابَةَ أَنَّ أَبَا الْمُهَلَّبِ حَدَّثَهُ عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ أَنَّ امْرَأَةً مِنْ جُهَيْنَةَ أَتَتْ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهِيَ حُبْلَى مِنْ الزِّنَى فَقَالَتْ يَا نَبِيَّ اللَّهِ أَصَبْتُ حَدًّا فَأَقِمْهُ عَلَيَّ فَدَعَا نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلِيَّهَا فَقَالَ أَحْسِنْ إِلَيْهَا فَإِذَا وَضَعَتْ فَأْتِنِي بِهَا فَفَعَلَ فَأَمَرَ بِهَا نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَشُكَّتْ عَلَيْهَا ثِيَابُهَا ثُمَّ أَمَرَ بِهَا فَرُجِمَتْ ثُمَّ صَلَّى عَلَيْهَا فَقَالَ لَهُ عُمَرُ تُصَلِّي عَلَيْهَا يَا نَبِيَّ اللَّهِ وَقَدْ زَنَتْ فَقَالَ لَقَدْ تَابَتْ تَوْبَةً لَوْ قُسِمَتْ بَيْنَ سَبْعِينَ مِنْ أَهْلِ الْمَدِينَةِ لَوَسِعَتْهُمْ وَهَلْ وَجَدْتَ تَوْبَةً أَفْضَلَ مِنْ أَنْ جَادَتْ بِنَفْسِهَا لِلَّهِ تَعَالَى و حَدَّثَنَاه أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ بْنُ مُسْلِمٍ حَدَّثَنَا أَبَانُ الْعَطَّارُ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ بِهَذَا الْإِسْنَادِ مِثْلَهُ
ने मुझसे कहा है [अबू गस्सान मलिक बिन अब्दुल वाहिद अल मिसमाई] ने हमसे कहा है [मुआज़] - अर्थात् इब्न हिशम - ने मुझसे कहा है [मेरे पिता] से [यह्या बिन अबू कत्सिर] ने मुझसे [अबू किलाबाह] से कहा है कि [अबू अल मुहल्लाब] ने उन्हें ['इमरान बिन हुमान] से कहा है, कि एक औरत से जूना आई पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, भले ही उ व्यभिचार के परिणामस्वरूप गर्भवती रहीं। महिला ने कहा कि हे अल्लाह के रसूल, हमने कानून का उल्लंघन किया है, इसलिये मुझ पर सजा लागू करें'। तब अल्लाह के पैगम्बर ने औरत के अभिभावक को बुलाया और उससे कहा: 'इस औरत का खूब देखभाल कर, जब वह बच्चा पैदा करे तो उसे मेरे सामने लाओ'। फिर अभिभावक संदेश का अंजाम दिहिन। यहिके बाद पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने औरत का पत्थरबाजी करै का आदेश दिहिन, यहिसे औरत के कपड़ा साफ-सुथरा कीन गा - ताकि पत्थरबाजी करै पर ओकर गुप्त अंग उजागर न होइ -। फिर ओका पत्थरबाजी करै का आदेश दिहिन। पत्थरबाजी के बाद उ आपन लाश के लिए दुआ किहिन, लेकिन ई बात से उमर उनसे पूछिन कि हे अल्लाह के पैगम्बर, का उनके लिए दुआ करब जरूरी है? का ऊ व्यभिचार नाहीं किहेस?' ऊ जवाब दिहिस: 'सुनगुह, ऊ पश्चाताप किहिस है। अगर उनकर पश्चाताप मदीना के सत्तर लोगन मा बाँटा जात तौ निश्चित तौर पै उनकर पश्चाताप सबके लिए काफी होत। का ईमानदारी से अल्लाह तआला के सामने आपन जान समर्पित करै से ज्यादा महत्वपूर्ण पश्चाताप है?' अऊर हमसे कहिस है [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमसे कहिस है ['अफ्फान बिन मुस्लिम] हमसे कहिस है [अबन आल 'अथर] हमसे [यह्या बिन अबू कतसीर] का एक इस तरह के सनाद के साथ कहिस है'।