Wanita yang diperkosa tidak dikenai hukuman, dan orang yang dituduh keliru dibebaskan setelah pelaku sebenarnya mengaku
Imam Muslim : 3208
و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ ح و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ وَتَقَارَبَا فِي لَفْظِ الْحَدِيثِ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا بَشِيرُ بْنُ الْمُهَاجِرِ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ أَنَّ مَاعِزَ بْنَ مَالِكٍ الْأَسْلَمِيَّ أَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي قَدْ ظَلَمْتُ نَفْسِي وَزَنَيْتُ وَإِنِّي أُرِيدُ أَنْ تُطَهِّرَنِي فَرَدَّهُ فَلَمَّا كَانَ مِنْ الْغَدِ أَتَاهُ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي قَدْ زَنَيْتُ فَرَدَّهُ الثَّانِيَةَ فَأَرْسَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى قَوْمِهِ فَقَالَ أَتَعْلَمُونَ بِعَقْلِهِ بَأْسًا تُنْكِرُونَ مِنْهُ شَيْئًا فَقَالُوا مَا نَعْلَمُهُ إِلَّا وَفِيَّ الْعَقْلِ مِنْ صَالِحِينَا فِيمَا نُرَى فَأَتَاهُ الثَّالِثَةَ فَأَرْسَلَ إِلَيْهِمْ أَيْضًا فَسَأَلَ عَنْهُ فَأَخْبَرُوهُ أَنَّهُ لَا بَأْسَ بِهِ وَلَا بِعَقْلِهِ فَلَمَّا كَانَ الرَّابِعَةَ حَفَرَ لَهُ حُفْرَةً ثُمَّ أَمَرَ بِهِ فَرُجِمَ قَالَ فَجَاءَتْ الْغَامِدِيَّةُ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي قَدْ زَنَيْتُ فَطَهِّرْنِي وَإِنَّهُ رَدَّهَا فَلَمَّا كَانَ الْغَدُ قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ لِمَ تَرُدُّنِي لَعَلَّكَ أَنْ تَرُدَّنِي كَمَا رَدَدْتَ مَاعِزًا فَوَاللَّهِ إِنِّي لَحُبْلَى قَالَ إِمَّا لَا فَاذْهَبِي حَتَّى تَلِدِي فَلَمَّا وَلَدَتْ أَتَتْهُ بِالصَّبِيِّ فِي خِرْقَةٍ قَالَتْ هَذَا قَدْ وَلَدْتُهُ قَالَ اذْهَبِي فَأَرْضِعِيهِ حَتَّى تَفْطِمِيهِ فَلَمَّا فَطَمَتْهُ أَتَتْهُ بِالصَّبِيِّ فِي يَدِهِ كِسْرَةُ خُبْزٍ فَقَالَتْ هَذَا يَا نَبِيَّ اللَّهِ قَدْ فَطَمْتُهُ وَقَدْ أَكَلَ الطَّعَامَ فَدَفَعَ الصَّبِيَّ إِلَى رَجُلٍ مِنْ الْمُسْلِمِينَ ثُمَّ أَمَرَ بِهَا فَحُفِرَ لَهَا إِلَى صَدْرِهَا وَأَمَرَ النَّاسَ فَرَجَمُوهَا فَيُقْبِلُ خَالِدُ بْنُ الْوَلِيدِ بِحَجَرٍ فَرَمَى رَأْسَهَا فَتَنَضَّحَ الدَّمُ عَلَى وَجْهِ خَالِدٍ فَسَبَّهَا فَسَمِعَ نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَبَّهُ إِيَّاهَا فَقَالَ مَهْلًا يَا خَالِدُ فَوَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَقَدْ تَابَتْ تَوْبَةً لَوْ تَابَهَا صَاحِبُ مَكْسٍ لَغُفِرَ لَهُ ثُمَّ أَمَرَ بِهَا فَصَلَّى عَلَيْهَا وَدُفِنَتْ
हमसे कहिन [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमसे [अब्दुल्लाह बिन नुमीर] कहिन हैं। -दूसरे तरीका से ई कहा गा है- हमसे [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन नुमीर] कहिन हैं जबकि हदीस पाठ एक दूसरे के करीब हैं, हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] हमसे कहिन हैं [बसीर बिन मुहाजिर] हमसे [अब्दुल्लाह बिन बुरैदाह] [अपने पिता] से कहिन हैं, कि माइज़ बिन मलिक अल असलामी मेलसुलुलाह अलैह वल्लाह अऊर कहिन, 'हे रसूलुल्लाह, सचमुच हम खुदै अन्याय किहेन, काहे से कि हम व्यभिचार किहेन, यहिसे हम चाहित है कि तू हमका शुद्ध करा'। हालांकि, उ आपन कबूलनामा खारिज कइ दिहिन। अगले दिन, उ फिर से उनके पास आए, अऊर कहिन, 'हे अल्लाह के रसूल, सचमुच हम व्यभिचार किहिन हैं'। हालांकि, उ फिर भी दूसर कबूलनामा से इनकार कइ दिहिन। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने लोगन से मिलने के लिए किसी को भेजा और कहा: 'का तुम जानत हौ कि माइज़ के मन मा कुछ गड़बड़ है जेसे तुम इनकार करत हौ?' उइ जवाब दिहिन, 'हमका यकीन नाहीं है कि माइज़ परेशान है, जहाँ तक हम जानित है कि उ एक अच्छा मनई है अऊर अबहियों सुदृढ़ दिमाग वाला है'। तीसरी बार माइज बिन मलिक रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले आए ताकि उ आपन व्यभिचार के पाप से खुद का शुद्ध कर सकै। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने माइज़ के मन के हालत पूछने के लिए अपने लोगन के पास एक को भेजा, लेकिन उन्होंने बताया कि आपका मन स्वस्थ है और आप एक अच्छा इंसान हैं। जब माइज़ बिन मलिक चौथी बार उनके पास आए, तौ उ माइज़ के लिए एक फाँसी के गड्ढा बनावै का आदेश दिहिन। अंत मा उ ओका पत्थरबाजी करै का आदेश दिहिस, अऊर पत्थरबाजी के सजा निभाई गै'। बुरैदा आगे कहिन, 'एक बार एक घमिदिया महिला पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आईं अऊर कहिन, 'हे अल्लाह के रसूल, हम व्यभिचार किहे हई, एहसे हमका शुद्ध करा'। लेकिन पहली बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने महिला के कबूलनामा को अनदेखा कर दिया और यहां तक कि खारिज भी कर दिया। अगले दिन महिला रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलने आई, कह रही है कि हे रसूलल्लाह तुम मेरे कबूलनामा को काहे खारिज करत हौ? लागत है कि आप मोर कबूलनामा के साथ-साथ माइज के कबूलनामा का भी खारिज करत हैं। अल्लाह के कसम, अबही मैं वहि नाजायज रिश्ता से एक बच्चा से गर्भवती हौं।' ई कबूलनामा सुनके रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'अगर तुम पश्चाताप मा रहय चाहत हौ, तौ जब तक तुम बच्चा पैदा न करौ तब तक घरे जाओ'। बच्चा पैदा करै के बाद औरत कपड़ा मा लपेट के आपन बच्चा पकड़ के फिर से उनके पास आई, उ कहिन, 'ई बच्चा है जेका हम जन्म दिहे हई'। फिर उ कहिन: 'वापस जा अऊर अपने बच्चा का दूध पिलावा जब तक कि आप ओका दूध न छोड़ देई'। दूध छुड़ावै के अवधि मा प्रवेश करै के बाद, औरत फिर से अपने बच्चा के साथे आई, जबकि बच्चा के हाथ मा एक टुकड़ा रोटी रहा, फिर औरत कहिन, 'हे अल्लाह के पैगम्बर, हम ई छोटका बच्चा का दूध छुड़ाये हई, अऊर अब उ आपन खाना खुदै आनंद ले सकत है'। फिर उ बच्चा का एक मुसलमान मनई का दइ दिहिस, अऊर ओका पत्थरबाजी करै का आदेश दिहिस। अंत मा औरत का ओकरे छाती तक जमीन मा लगावा गा रहा। यहिके बाद उ लोगन का अपने ऊपर पत्थर फेंकै का आदेश दिहिन। इधर, खालिद बिन वालिद औरत के सिर पर पत्थर फेंकै मा शामिल होइ गें, अचानक खालिद के चेहरा पर खून के छींटा पड़ा, अऊर उ तुरंत औरत का गाली दिहिस। जब उ खालिद के गाली सुनिन तौ अल्लाह के पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'हे खालिद, अपने आप का शांत करा, जेकरे हाथ मा मोर आत्मा है, दरअसल ऊ औरत सही मायने मा पश्चाताप कइ लिहिस है, अगर अइसन पश्चाताप एक बड़का पाप करै वाले व्यक्ति द्वारा कीन जात तौ ओकर पाप निश्चित रूप से माफ होइ जात। यहिके बाद अपने शरीर खातिर प्रार्थना कइके दफनावै का आदेश दिहिन।'