Hukuman rajam untuk zina tertera dalam kitab Taurat
Imam Muslim : 3212حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ كِلَاهُمَا عَنْ أَبِي مُعَاوِيَةَ قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُرَّةَ عَنْ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ قَالَ مُرَّ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِيَهُودِيٍّ مُحَمَّمًا مَجْلُودًا فَدَعَاهُمْ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ هَكَذَا تَجِدُونَ حَدَّ الزَّانِي فِي كِتَابِكُمْ قَالُوا نَعَمْ فَدَعَا رَجُلًا مِنْ عُلَمَائِهِمْ فَقَالَ أَنْشُدُكَ بِاللَّهِ الَّذِي أَنْزَلَ التَّوْرَاةَ عَلَى مُوسَى أَهَكَذَا تَجِدُونَ حَدَّ الزَّانِي فِي كِتَابِكُمْ قَالَ لَا وَلَوْلَا أَنَّكَ نَشَدْتَنِي بِهَذَا لَمْ أُخْبِرْكَ نَجِدُهُ الرَّجْمَ وَلَكِنَّهُ كَثُرَ فِي أَشْرَافِنَا فَكُنَّا إِذَا أَخَذْنَا الشَّرِيفَ تَرَكْنَاهُ وَإِذَا أَخَذْنَا الضَّعِيفَ أَقَمْنَا عَلَيْهِ الْحَدَّ قُلْنَا تَعَالَوْا فَلْنَجْتَمِعْ عَلَى شَيْءٍ نُقِيمُهُ عَلَى الشَّرِيفِ وَالْوَضِيعِ فَجَعَلْنَا التَّحْمِيمَ وَالْجَلْدَ مَكَانَ الرَّجْمِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَوَّلُ مَنْ أَحْيَا أَمْرَكَ إِذْ أَمَاتُوهُ فَأَمَرَ بِهِ فَرُجِمَ فَأَنْزَلَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ { يَا أَيُّهَا الرَّسُولُ لَا يَحْزُنْكَ الَّذِينَ يُسَارِعُونَ فِي الْكُفْرِ } إِلَى قَوْلِهِ { إِنْ أُوتِيتُمْ هَذَا فَخُذُوهُ } يَقُولُ ائْتُوا مُحَمَّدًا صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَإِنْ أَمَرَكُمْ بِالتَّحْمِيمِ وَالْجَلْدِ فَخُذُوهُ وَإِنْ أَفْتَاكُمْ بِالرَّجْمِ فَاحْذَرُوا فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَعَالَى { وَمَنْ لَمْ يَحْكُمْ بِمَا أَنْزَلَ اللَّهُ فَأُولَئِكَ هُمْ الْكَافِرُونَ } { وَمَنْ لَمْ يَحْكُمْ بِمَا أَنْزَلَ اللَّهُ فَأُولَئِكَ هُمْ الظَّالِمُونَ } { وَمَنْ لَمْ يَحْكُمْ بِمَا أَنْزَلَ اللَّهُ فَأُولَئِكَ هُمْ الْفَاسِقُونَ } فِي الْكُفَّارِ كُلُّهَا حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ وَأَبُو سَعِيدٍ الْأَشَجُّ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ نَحْوَهُ إِلَى قَوْلِهِ فَأَمَرَ بِهِ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرُجِمَ وَلَمْ يَذْكُرْ مَا بَعْدَهُ مِنْ نُزُولِ الْآيَةِ
म्हानै [यह्या बिन यह्या] अर [अबू बकर बिन अबू स्याबा] दोनूं नै [अबू मुआविया] बतायो है, [यह्या] कह्यो; म्हानै [अबू मुआविया] नै [अल आमसी] सूं [अब्दुल्लाह बिन मुर्रा] सूं [अल बर्रा` बिन अजीब] सूं बतायो है, 'एक बार एक यहूदी जिणनै काळा रंग सूं रंग दियो गयो हो अर पीटियो गयो हो, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै साम्हीं सूं गुजरियो, फेर बो बांनै बुलायो अर कह्यो: 'मैं तोराह रै मांय थांरै वयस्क रै वास्तै आ सजा पाऊंला'? बां जवाब दियो, 'हां, ओ ठीक है'। फेर उण एक आदमी नै बुलायो जको बां रा विद्वानां मांय सूं एक हो, उण पूछ्यो: 'म्हैं आशा करूं कै थै अल्लाह रै नाम सूं कसम खावोला जिणनै मूसा नै तौरात भेजी ही, कांई आ साची में व्यभिचार री सजा है जिकी थनै थारी तौरात री किताब मांय मिलैला?' उण जवाब दियो, 'नीं, जे थूं अल्लाह रै नाम माथै म्हारी कसम नीं खावती तो म्हैं थानै साची बात नीं बताती। अर जो आपां तोराह रै मांय जाणां हां, सजा पत्थरबाजी है, पण आमतौर माथै आ सजा आपां रै अधिकारियां माथै लागू कोनी हुवै, जे पकड़ेड़ा अधिकारी है तो आपां बस इयां ई छोड़ देवां, पण जे पकड़ेड़ा छोटा लोग है तो आपां तोरा रै मुजब कानून लागू करां। सेवट आपां एक विचार-विमर्श करियो, कानून माथै चर्चा करी जिणनै आपां अधिकारियां अर आम लोगां रै वास्तै लागू कर सकां। फेर म्हे फैसलो कर लियो कै पत्थरबाजी रै बदलै शरीर नै काळो कर दियो जावै अर व्यभिचारी नै कोड़ा मार दियो जावै। आदमी री बात पूरी होवण रै बाद, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'हे अल्लाह, वाकई म्हैं थारी सुन्नत नै पुनर्जीवित करण आळो पैलो आदमी हो जद बां हुकम नै खत्म कर दियो'। इणरै बाद, उण हुकम दियो कै व्यभिचार करण आळा यहूदी नै पत्थरबाजी री सजा दी जावै, फेर अल्लाह अज्जा वजल्ला आ आयत उतार दी: '-हे रसूल, दुखी मत हो, क्यूंकै कफिर री तरफ भागै है -जद तांई उणरी बात कोनी- जे थनै ओ दियो जावै तो इणनै स्वीकार कर ल्यो-' -प्रश्न। अल मैदाह: 41-। यहूदी बोल्या, 'मुहम्मद शाल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रै कनै आओ, जे वो थानै थारै शरीर नै काळो कर'र कोड़ा मार'र सजा देबा रो फैसलो करै है तो स्वीकार करो, पण जे वो थानै पत्थर मार'र फतवा दे देवै तो सावधान रैवो। तो अल्लाह ताआला ने यो आयत उतार दियो: '-जो कोई भी अल्लाह री उतारी हुई बात सूं न्याय कोनी करे तो वो काफिर है। अर जो कोई भी अल्लाह रै बताई गई बात रै आधार माथै फैसलो नीं करैला, वो गलत है। अर जो कोई भी अल्लाह रै उतार्योड़ी चीज रै आधार माथै फैसलो नीं करैला, तो वै दुष्ट लोग है' -प्रश्न। अल मैदाह: 44- 47-। ओ सगळा अविश्वासियां माथै भी लागू होवै है। म्हानै बतायो गयो है कै [इब्न नुमीर] अर [अबू सईद अल अस्याज] दोनूं ई कैयो; म्हानै बतायो है [वाकी'] म्हानै [अल अमसी] नै इण भांत री सनाद रै साथै बतायो है कै उण कैयो, 'फेर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उणनै पत्थरबाजी रो हुकम दियो अर आखिरकार उणनै पत्थर मार दियो गयो'। अर इण मांय इणरै पछै कीं भी नीं बतायो गयो है जियां कै श्लोक रो प्रगट होवणो'।