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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Tirmidzi : 654

حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ الْأَشَجُّ حَدَّثَنَا أَبُو خَالِدٍ الْأَحْمَرُ عَنْ حَجَّاجِ بْنِ أَرْطَاةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ أَكَلَ أَوْ شَرِبَ نَاسِيًا فَلَا يُفْطِرْ فَإِنَّمَا هُوَ رِزْقٌ رَزَقَهُ اللَّهُحَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ الْأَشَجُّ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ عَوْفٍ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ وَخَلَّاسٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِثْلَهُ أَوْ نَحْوَهُ قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي سَعِيدٍ وَأُمِّ إِسْحَقَ الْغَنَوِيَّةِ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ و قَالَ مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ إِذَا أَكَلَ فِي رَمَضَانَ نَاسِيًا فَعَلَيْهِ الْقَضَاءُ وَالْقَوْلُ الْأَوَّلُ أَصَحُّ

म्हानै बतायो है [अबू सईद अल अस्याज] म्हानै बतायो है [अबू खालिद अल अहमर] सूं [हज्जाज बिन अर्थह] सूं [कतदाह] सूं [इब्न सिरिन] सूं [अबू हुरैराह] उण कह्यो है, रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो है: 'जो कोई भी भूल जावै है, तो रोजा नीं राखै है, क्यूंकै वो रोजा नीं तोड़ै है। अल्लाह री व्यवस्था। उणनै रोजी रोटी री व्यवस्था करो'। आपां नै बतायो है [अबू सईद अल अस्यज्ज] आपां नै [अबू उसामा] सूं ['अउफ] सूं [इब्न सिरिन] अर [खल्लास] सूं [अबू हुरैरा] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं बतायो है जियां कै ऊपर री हदीस है। -कथावाचक- कह्यो, इण अध्याय मांय -अबू सईद अर उम्म इशाक अल घनाविया रो -पेंट- इतिहास भी है। अबू ईसा कह्यो, अबू हुरैरा री हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है अर इणनै घणकरा विद्वान जियां कै सुफियान अत्स त्सौरी, स्याफी, अहमद अर इशाक करै है। इण बीच, इमाम मलिक बिन अनस कह्यो कै, अगर कोई रमदलान रै महीनै रै मांय खाणो-पीणो भूल जावै है, तो उणनै आपरो रोजा री भरपाई करणी जरूरी है। हालांकि, पैली राय ज्यादा मान्य है।