Imam Ibnu Majah : 3859
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبَانَ بْنِ عُثْمَانَ قَالَ سَمِعْتُ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَا مِنْ عَبْدٍ يَقُولُ فِي صَبَاحِ كُلِّ يَوْمٍ وَمَسَاءِ كُلِّ لَيْلَةٍ بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لَا يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٌ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ ثَلَاثَ مَرَّاتٍ فَيَضُرَّهُ شَيْءٌقَالَ وَكَانَ أَبَانُ قَدْ أَصَابَهُ طَرَفٌ مِنْ الْفَالِجِ فَجَعَلَ الرَّجُلُ يَنْظُرُ إِلَيْهِ فَقَالَ لَهُ أَبَانُ مَا تَنْظُرُ إِلَيَّ أَمَا إِنَّ الْحَدِيثَ كَمَا قَدْ حَدَّثْتُكَ وَلَكِنِّي لَمْ أَقُلْهُ يَوْمَئِذٍ لِيُمْضِيَ اللَّهُ عَلَيَّ قَدَرَهُ
हमसे कहिन [मुहम्मद बिन बस्यार] हमसे कहिन हैं [अबू दाउद] हमसे [इब्नू अबू अज़ जिन्नद] [अपने पिता] से [अबन बिन उथमान] से कहिन हैं; हम ['उस्मान बिन 'अफ्फान] का कहत सुने रहेन; हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना: 'कोई नौकर नहीं है जो हर रात सुबह-शाम पढ़े; बिस्मिल्लाहिल्लादज़ी ला यद्ज़ुरु म'अस्मिहि स्याइ`उन फिल अलर्दली वाला फिस समा` वाहुवास समी'उल 'अलीम -अल्लाह के नाम के जिक्र से, पृथ्वी अऊर आकाश मा कुछौ भी उनके नाम से नुकसान नाहीं होई, अऊर उ सर्वश्रवण, सर्वज्ञ है-'। तीन बार तक, आपका निश्चित रूप से कउनौ चीज से नुकसान नाहीं होई।' अबू जिन्नद कहिन; 'इधर अब्बान लकवाग्रस्त होइगा रहा, जबकि एक मनई ओका देखत रहा। एह बरे अब्बान ओसे कहेस; 'तुम मोका काहे देखत हौ?' जहाँ तक ई हदीस के बात है, तौ हम ईका वइसने सुनाय दिहे हई जइसे हम आपसे सुनाई रहेन। लेकिन ऊ समय - ऊ घटना - हम ई नाहीं पढ़े रहेन, एहसे अल्लाह हमका आपन किस्मत से पहिले से तय कइ दिहिस'।