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Doa Nabi saat wabah melanda Madinah: ALLAHUMMA HABBIB ILAINAA ALMADINAH KAMAA HABBABTA ILAINAA MAKKATA…
Imam Bukhari : 1756حَدَّثَنَا عُبَيْدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْلَمَّا قَدِمَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَدِينَةَ وُعِكَ أَبُو بَكْرٍ وَبِلَالٌ فَكَانَ أَبُو بَكْرٍ إِذَا أَخَذَتْهُ الْحُمَّى يَقُولُ كُلُّ امْرِئٍ مُصَبَّحٌ فِي أَهْلِهِوَالْمَوْتُ أَدْنَى مِنْ شِرَاكِ نَعْلِهِوَكَانَ بِلَالٌ إِذَا أُقْلِعَ عَنْهُ الْحُمَّى يَرْفَعُ عَقِيرَتَهُ يَقُولُ أَلَا لَيْتَ شِعْرِي هَلْ أَبِيتَنَّ لَيْلَةًبِوَادٍ وَحَوْلِي إِذْخِرٌ وَجَلِيلُوَهَلْ أَرِدَنْ يَوْمًا مِيَاهَ مَجَنَّةٍوَهَلْ يَبْدُوَنْ لِي شَامَةٌ وَطَفِيلُقَالَ اللَّهُمَّ الْعَنْ شَيْبَةَ بْنَ رَبِيعَةَ وَعُتْبَةَ بْنَ رَبِيعَةَ وَأُمَيَّةَ بْنَ خَلَفٍ كَمَا أَخْرَجُونَا مِنْ أَرْضِنَا إِلَى أَرْضِ الْوَبَاءِ ثُمَّ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اللَّهُمَّ حَبِّبْ إِلَيْنَا الْمَدِينَةَ كَحُبِّنَا مَكَّةَ أَوْ أَشَدَّ اللَّهُمَّ بَارِكْ لَنَا فِي صَاعِنَا وَفِي مُدِّنَا وَصَحِّحْهَا لَنَا وَانْقُلْ حُمَّاهَا إِلَى الْجُحْفَةِ قَالَتْ وَقَدِمْنَا الْمَدِينَةَ وَهِيَ أَوْبَأُ أَرْضِ اللَّهِ قَالَتْ فَكَانَ بُطْحَانُ يَجْرِي نَجْلًا تَعْنِي مَاءً آجِنًا
हमसे कहिन है ['उबैद बिन इस्माइल] हमसे [अबू उसामा] से [हिस्याम] से [अपने पिता] से [ऐस्या रदलियाहु अन्हा] कहिन हैं; जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना पहुँचे, तब अबू बकर अऊर बिलाल बुखार से पीड़ित रहे। और अबू बकर जब गरम बुखार महसूस किहिन, तब कविता गाइन; सुबह सब अपने परिवार के साथ आराम करत हैं। भले ही मौत ओकरे चप्पल के पट्टा से ज्यादा नजदीक है। और जब बिलाल बुखार से उबर गए तो उन्होंने जोर से आवाज में गाया- हे मेरे विवेक, का मैं रात बिता सकत रहा? इद्ज़किर अऊर जलिल के पेड़न से घिरी एक घाटी मा। का एक दिन है जब मैं मजन्ना के पानी तक पहुँच सकूँ। अऊर का स्याम अऊर थुफैल के पहाड़ी मोका दिखाई देई? फिर उ कहिन: 'हे अल्लाह, स्याबा बिन रबिया, उकबा बिन रबिया अऊर उमय्या बिन खलफ का सराप दे जे हमका एक देश से ई विनाशकारी महामारी से भरी भूमि मा निकार दिहिन हैं'। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हे अल्लाह, मदीना का एक अइसन शहर बनावा जेसे हमका उतना ही प्यार है जेतना हम मक्का से प्यार करत हैं या ओसे भी ज्यादा। हे अल्लाह, हमका शा' तराजू मा आशीर्वाद दे अऊर हमका स्वस्थ - समृद्ध - हमरे लिए मदीना बना अऊर बुखार महामारी का जुहफा' मा ले जा। ऐसिया रदलियाल्लाहु अन्हा ने कहा; जब हम मदीना पहुँचे, उ समय मदीना अल्लाह के सबसे ज्यादा विपत्ति वाली धरती रही। उ आगे कहिन: 'बठान घाटी मा कीटाणु युक्त धुंधला पानी बहत है'।