Hadith Representative
Mati dalam keadaan syahid, pasti masuk surga
Imam Ahmad : 11937حَدَّثَنَا بَهْزٌ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ الْمُغِيرَةِ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تُعْجِبُهُ الرُّؤْيَا الْحَسَنَةُ فَرُبَّمَا قَالَ هَلْ رَأَى أَحَدٌ مِنْكُمْ رُؤْيَا فَإِذَا رَأَى الرَّجُلُ رُؤْيَا سَأَلَ عَنْهُ فَإِنْ كَانَ لَيْسَ بِهِ بَأْسٌ كَانَ أَعْجَبَ لِرُؤْيَاهُ إِلَيْهِ قَالَ فَجَاءَتْ امْرَأَةٌ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ رَأَيْتُ كَأَنِّي دَخَلْتُ الْجَنَّةَ فَسَمِعْتُ بِهَا وَجْبَةً ارْتَجَّتْ لَهَا الْجَنَّةُ فَنَظَرْتُ فَإِذَا قَدْ جِيءَ بِفُلَانِ بْنِ فُلَانٍ وَفُلَانِ بْنِ فُلَانٍ حَتَّى عَدَّتْ اثْنَيْ عَشَرَ رَجُلًا وَقَدْ بَعَثَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سَرِيَّةً قَبْلَ ذَلِكَ قَالَتْ فَجِيءَ بِهِمْ عَلَيْهِمْ ثِيَابٌ طُلْسٌ تَشْخُبُ أَوْدَاجُهُمْ قَالَ فَقِيلَ اذْهَبُوا بِهِمْ إِلَى نَهْرِ الْبَيْدَخِ أَوْ قَالَ إِلَى نَهَرِ الْبَيْدَجِ قَالَ فَغُمِسُوا فِيهِ فَخَرَجُوا مِنْهُ وُجُوهُهُمْ كَالْقَمَرِ لَيْلَةَ الْبَدْرِ قَالَ ثُمَّ أَتَوْا بِكَرَاسِيَّ مِنْ ذَهَبٍ فَقَعَدُوا عَلَيْهَا وَأُتِيَ بِصَحْفَةٍ أَوْ كَلِمَةٍ نَحْوِهَا فِيهَا بُسْرَةٌ فَأَكَلُوا مِنْهَا فَمَا يُقَلِّبُونَهَا لِشِقٍّ إِلَّا أَكَلُوا مِنْ فَاكِهَةٍ مَا أَرَادُوا وَأَكَلْتُ مَعَهُمْ قَالَ فَجَاءَ الْبَشِيرُ مِنْ تِلْكَ السَّرِيَّةِ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَانَ مِنْ أَمْرِنَا كَذَا وَكَذَا وَأُصِيبَ فُلَانٌ وَفُلَانٌ حَتَّى عَدَّ الِاثْنَيْ عَشَرَ الَّذِينَ عَدَّتْهُمْ الْمَرْأَةُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَيَّ بِالْمَرْأَةِ فَجَاءَتْ قَالَ قُصِّي عَلَى هَذَا رُؤْيَاكِ فَقَصَّتْ قَالَ هُوَ كَمَا قَالَتْ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَدَّثَنَا أَبُو النَّضْرِ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ الْمَعْنَى
म्हानै बतायो है [बहज] कैयो है, म्हानै बतायो है [सुलेमान इब्नुल मुघिराह] सूं [तसाबित] सूं [अनस] उण कैयो, 'अल्लाह रा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अच्छे सुपनां सूं घणा राजी हुया -ताजुब- अर अक्सर उण कैयो: 'कांई थारै मांय सूं कोई सुपनो देखै है?' तो जे कोई आदमी कोई सुपनो देखै है तो वो उणरै बारै में पूछै है, जे ओ सुपनो नकारात्मक कोनी है तो वो आपरै सुपनै रै बारै में खुश महसूस करै है। अनस कह्यो, 'फेर एक लुगाई आई अर बोली, 'हे अल्लाह रा रसूल, म्हैं सुपनो देख्यो जाणै म्हैं स्वर्ग मांय बड़ग्यो हो। अर म्हैं बठै चीजां रै गिरबा री आवाज सुणी जिणसूं आकास काँपग्यो। फेर म्हैं इणनै देख्यो, तो ठाह लाग्यो कै फलाणै, फलाणै अर फलाणै अर फलाणै नै पेश कर दियो गयो हो, जद तांई कै बां बारा लोगां रा नांव नीं बता दिया। अर इण सूं पैली पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सैनिक अभियान भेज चुक्या हा। बारह लोगां नै मैला कपड़ा पैरर ल्याया गया अर बां रै गळै री नस बहण लाग री ही।' अनस बोल्यो, 'फेर एक जोरदार आवाज आई; 'इणनै बैदाख नदी रै कनै ले जावो - या फेर बो बैदाज नदी कैयो-'। बठै वे डूबग्या - डुबोया, नहाया-। इणरै बाद वे पूर्णिमा रै चांद री तरै चेहरा बदळता थका बारै आया'। अनस बोल्यो, 'वे फेर सोने री कुर्सियां ल्यार आया अर बांनै सीट बणाया। फेर बांनै एक थाळी परोसी गई - या इणसूं बत्तो चोखो सबद - जिण मांय खजूर हो, अर बां बांनै खा ली। जद तांई बो आपरी मनचाही फल नीं खा सकै, बो थाळी नै उलट-पुलट नीं करतो। तो म्हैं बां रै सागै खायो। अनस कह्यो, 'फेर अल्लाह रै रसूल रै अभियान रो संदेशवाहक आयो अर बोल्यो, 'हे अल्लाह रै रसूल, म्हारी समस्यावां ऐड़ी ही, फेर फलाणी फलाणी अर फलाणी अर फलाणी मार दी गई'। जद तांई बो लुगाई रै गिणती रै मुजब बारा लोगां रा नांव नीं बता दिया। रसूलुल्लाह अलैहि वसल्लम फेर कह्यो: 'स्त्री नै अठै बुलाओ!' लुगाई रो सामनो हुयो। बो बोल्यो: 'इण मिनख नै आपरो सुपनो बताओ'। लुगाई फेर आपरो सुपनो बतायो। अनस ने बताया, 'घटना वैसी ही हुई जिसी महिला ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेही वसल्लम' कही थी। म्हानै [अबू अन नदलर] बतायो है, म्हानै [सुलेमान] नै सार्थक तरीका सूं बतायो है।