Hadith Representative
Rasulullah memerintahkan thuma’ninah jika melaksanakan shalat
Imam Tirmidzi : 278حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ يَحْيَى بْنِ عَلِيِّ بْنِ يَحْيَى بْنِ خَلَّادِ بْنِ رَافِعٍ الزُّرَقِيِّ عَنْ جَدِّهِ عَنْ رِفَاعَةَ بْنِ رَافِعٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَمَا هُوَ جَالِسٌ فِي الْمَسْجِدِ يَوْمًا قَالَ رِفَاعَةُ وَنَحْنُ مَعَهُ إِذْ جَاءَهُ رَجُلٌ كَالْبَدَوِيِّ فَصَلَّى فَأَخَفَّ صَلَاتَهُ ثُمَّ انْصَرَفَ فَسَلَّمَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَعَلَيْكَ فَارْجِعْ فَصَلِّ فَإِنَّكَ لَمْ تُصَلِّ فَرَجَعَ فَصَلَّى ثُمَّ جَاءَ فَسَلَّمَ عَلَيْهِ فَقَالَ وَعَلَيْكَ فَارْجِعْ فَصَلِّ فَإِنَّكَ لَمْ تُصَلِّ فَفَعَلَ ذَلِكَ مَرَّتَيْنِ أَوْ ثَلَاثًا كُلُّ ذَلِكَ يَأْتِي النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَيُسَلِّمُ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَيَقُولُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَعَلَيْكَ فَارْجِعْ فَصَلِّ فَإِنَّكَ لَمْ تُصَلِّ فَخَافَ النَّاسُ وَكَبُرَ عَلَيْهِمْ أَنْ يَكُونَ مَنْ أَخَفَّ صَلَاتَهُ لَمْ يُصَلِّ فَقَالَ الرَّجُلُ فِي آخِرِ ذَلِكَ فَأَرِنِي وَعَلِّمْنِي فَإِنَّمَا أَنَا بَشَرٌ أُصِيبُ وَأُخْطِئُ فَقَالَ أَجَلْ إِذَا قُمْتَ إِلَى الصَّلَاةِ فَتَوَضَّأْ كَمَا أَمَرَكَ اللَّهُ ثُمَّ تَشَهَّدْ وَأَقِمْ فَإِنْ كَانَ مَعَكَ قُرْآنٌ فَاقْرَأْ وَإِلَّا فَاحْمَدْ اللَّهَ وَكَبِّرْهُ وَهَلِّلْهُ ثُمَّ ارْكَعْ فَاطْمَئِنَّ رَاكِعًا ثُمَّ اعْتَدِلْ قَائِمًا ثُمَّ اسْجُدْ فَاعْتَدِلْ سَاجِدًا ثُمَّ اجْلِسْ فَاطْمَئِنَّ جَالِسًا ثُمَّ قُمْ فَإِذَا فَعَلْتَ ذَلِكَ فَقَدْ تَمَّتْ صَلَاتُكَ وَإِنْ انْتَقَصْتَ مِنْهُ شَيْئًا انْتَقَصْتَ مِنْ صَلَاتِكَ قَالَ وَكَانَ هَذَا أَهْوَنَ عَلَيْهِمْ مِنْ الْأَوَّلِ أَنَّهُ مَنْ انْتَقَصَ مِنْ ذَلِكَ شَيْئًا انْتَقَصَ مِنْ صَلَاتِهِ وَلَمْ تَذْهَبْ كُلُّهَاقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَعَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ رِفَاعَةَ بْنِ رَافِعٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ رِفَاعَةَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ
हमसे कहिन है [अली बिन हुजर] कहिन; हमका [इस्माइल बिन जाफर] [यह्या बिन अली बिन यह्या बिन खल्लाद बिन रफी' अज़ जुराकी] से [उनके दादा] से [रिफा' बिन रफी'] से रिपोर्ट किहिन हैं; 'जब एक दिन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरे साथ बैठे - रिफाअह ने कहा; 'हम उनके साथ हैं,' - एक गाँव का आदमी उनके पास आवा, उ तब प्रार्थना किहिन अऊर आपन प्रार्थना हल्का किहिन। यहिके बाद उ चले गें अऊर पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से नमस्ते कहिन। त पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा: 'वापस जा अऊर फिर से नमाज पढ़, काहे से कि वास्तव मा तुमने अबहीं तक नमाज नाहीं पढ़ी है!' फिर उ दुई तीन बार फिर से नमाज पढ़िन, हर बार आके पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से नमस्कार किहिन। लेकिन पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वापस जाओ अऊर फिर से नमाज पढ़ो, काहे से कि वास्तव मा तुमने नमाज नाहीं पढ़ी है!' यहिसे मनई डर जात हैं अऊर चिंता करत हैं कि प्रार्थना का कम आंकै वाले मनई का मतलब है कि उइ प्रार्थना नाहीं किहिन हैं। आखिर गाँव वाला बोला; 'मुझे बताओ अऊर मोका सिखाओ, काहे से कि मैं केवल एक साधारण इंसान हउँ, कभौ-कभौ सही अऊर कभौ-कभौ गलत,' फिर उ कहिन: 'ठीक है, अगर तुम नमाज पढ़ै चाहत हौ तौ वजू करौ जइसे अल्लाह ने तोहका हुकुम दिहिस है, तौ तस्यहुद - वजू के बाद के नमाज - करौ अऊर नमाज करौ। अगर आप कुरान याद किहिन हैं तौ पढ़ौ, अगर नाहीं तौ तहमिड, तकबीर अऊर तहलील पढ़ौ। वहिके बाद चुपचाप प्रणाम करा, फिर खड़ा होइके शांति से सजदा करा, फिर खड़ा होइ जा। अगर आप अइसन करब त आपकी प्रार्थना सही होई, लेकिन अगर आप ओका कम करब त आपकी प्रार्थना कम होई'। उ -कथावाचक- कहिन; 'यह पहले से हल्का है, अर्थात जो इससे कुछ कम कर दे तो उसकी प्रार्थना का मूल्य कम हो जात है, लेकिन सब कुछ नष्ट नहीं होत है'। उ कहिन; 'इ अध्याय मा अबू हुरैरा अऊर अम्मर बिन यासिर से एक इतिहास भी है'। अबू ईसा कहिन; 'यह रिफाअह हदीस हसन प्रामाणिक है। ई हदीस रिफाअ से दूसर तरीका से भी रिवायित कीन गा है।