Imam Muslim : 3897
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ سَهْلٍ التَّمِيمِيُّ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ عُقْبَةَ عَنْ كُرَيْبٍ مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَى خَاتَمًا مِنْ ذَهَبٍ فِي يَدِ رَجُلٍ فَنَزَعَهُ فَطَرَحَهُ وَقَالَ يَعْمِدُ أَحَدُكُمْ إِلَى جَمْرَةٍ مِنْ نَارٍ فَيَجْعَلُهَا فِي يَدِهِ فَقِيلَ لِلرَّجُلِ بَعْدَ مَا ذَهَبَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خُذْ خَاتِمَكَ انْتَفِعْ بِهِ قَالَ لَا وَاللَّهِ لَا آخُذُهُ أَبَدًا وَقَدْ طَرَحَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमरा [मुहम्मद बिन सहल एट तमीमी] कहि देने छथि; हमरा सभकेँ [इब्न अबू मरियम] कहि देने छथि; हमरा [मुहम्मद बिन जा'फर] के जानकारी देने अछि; हमरा [इब्राहिम बिन उकबाह] के [कुरैब] स रिपोर्ट केने छथि - गुलाम- इब्न अब्बास [अब्दुल्लाह बिन अब्बास] स; कि रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कि रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसलम एक बेर एक आदमी के हाथ पर सोना के अंगूठी देखने छल | तखन ओ अंगूठी उतारलनि आ तुरन्त फेकि देलनि, कहलनि: 'अहाँ सभ मे सँ एक गोटे केँ नरकक आगि केर अंगारी चाही आ हाथ मे राखि देल जाय?'. रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के गेलाक बाद कियो ओहि आदमी के कहलक; 'अंगूठी ल' लिअ जाहि सँ अहाँ केँ एकर लाभ भेटि सकय'। ओ आदमी उत्तर देलक; 'नहि, अल्लाह के कसम हम अंगूठी हमेशा के लेल नै लेब, कियाक त अंगूठी अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम द्वारा फेंक देल गेल छल।