प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 4421
حَدَّثَنِي زَكَرِيَّاءُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْخَرَجَتْ سَوْدَةُ بَعْدَمَا ضُرِبَ الْحِجَابُ لِحَاجَتِهَا وَكَانَتْ امْرَأَةً جَسِيمَةً لَا تَخْفَى عَلَى مَنْ يَعْرِفُهَا فَرَآهَا عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ فَقَالَ يَا سَوْدَةُ أَمَا وَاللَّهِ مَا تَخْفَيْنَ عَلَيْنَا فَانْظُرِي كَيْفَ تَخْرُجِينَ قَالَتْ فَانْكَفَأَتْ رَاجِعَةً وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَيْتِي وَإِنَّهُ لَيَتَعَشَّى وَفِي يَدِهِ عَرْقٌ فَدَخَلَتْ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي خَرَجْتُ لِبَعْضِ حَاجَتِي فَقَالَ لِي عُمَرُ كَذَا وَكَذَا قَالَتْ فَأَوْحَى اللَّهُ إِلَيْهِ ثُمَّ رُفِعَ عَنْهُ وَإِنَّ الْعَرْقَ فِي يَدِهِ مَا وَضَعَهُ فَقَالَ إِنَّهُ قَدْ أُذِنَ لَكُنَّ أَنْ تَخْرُجْنَ لِحَاجَتِكُنَّ
मुझे [ज़कारिया बिन यह्या] ने बताया है कि हमें [अबू उसामा] ने [हिशाम] से [अपने पिता] से [आइस्याह रदिअल्लाहु अन्हा] से बताया है उन्होंने कहा; "एक बार सौदा अपने हज पर निकलीं, जब महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य कर दिया गया था।" उन्होंने कहा; "सौदा एक लंबी महिला है इसलिए लोगों के लिए उसे पहचानना आसान है।" फिर उमर ने उसे देखा, उन्होंने उसे बुलाया; हे भाई! सच में मैं तुम्हें पहचान सकता हूँ, अगर तुम बाहर आओ तो देखो कैसे बाहर निकलते हो।" आखिर में सौदाह रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तरफ मुड़े, जो उस समय मेरे घर पर खाना खा रहे थे, उनके हाथ में मीट का एक टुकड़ा था। सौदाह अंदर आए और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, मैं अपनी ज़रूरतों के लिए बाहर गया था, फिर उमर ने मुझसे यह और वह कहा। ऐश्या ने कहा; फिर अल्लाह ने उन्हें बताया और जब उन्हें बताया गया तो मीट का टुकड़ा उनके हाथ में ही था, उन्होंने उसे नीचे नहीं रखा। फिर उन्होंने कहा: "तुम्हारे लिए अपनी ख्वाहिशें पूरी करने के लिए बाहर जाना जायज़ है।"