Imam Tirmidzi : 633
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ عُثْمَانَ بْنِ مُحَمَّدٍ الْأَخْنَسِيِّ عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الصَّوْمُ يَوْمَ تَصُومُونَ وَالْفِطْرُ يَوْمَ تُفْطِرُونَ وَالْأَضْحَى يَوْمَ تُضَحُّونَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَفَسَّرَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ هَذَا الْحَدِيثَ فَقَالَ إِنَّمَا مَعْنَى هَذَا أَنَّ الصَّوْمَ وَالْفِطْرَ مَعَ الْجَمَاعَةِ وَعُظْمِ النَّاسِ
हमरा के बतावल गइल बा [मुहम्मद बिन इस्माइल] हमनी के बतवले बाड़न [इब्राहिम बिन अल मुंडिर] हमनी के बतवले बाड़न [इशहाक बिन जाफर बिन मुहम्मद] हमरा के [अब्दुल्लाह बिन जाफर] [उस्मान बिन मुहम्मद अल अखनासी] से [सईद अल मकबुरी] से [अबू हुरैरा] से बतवले बाड़न कि पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़न: 'रोजा ओह दिन होला जवना दिन रउरा रोजा राखब आ रोजा तोड़ल ओह दिन होला जवना दिन रउरा सभे रोजा तोड़ब, ओइसहीं ईद अल-अधा के साथे, माने कि जवना दिन रउरा सभे बलिदान करीलें’. अबू ईसा कहले कि इ हसन घरीब हदीस ह, कुछ विद्वान ए हदीस के व्याख्या अयीसन करेले कि, सचमुच रोजा अवुरी रोजा तोड़ल जामा अवुरी अधिकांश लोग के संगे बा।