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Larangan mendahului kehendak Allah dalam ampunan: Kisah dua orang Bani Israil
Imam Abu Dawud : 4255حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ بْنِ سُفْيَانَ أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ ثَابِتٍ عَنْ عِكْرِمَةَ بْنِ عَمَّارٍ قَالَ حَدَّثَنِي ضَمْضَمُ بْنُ جَوْسٍ قَالَ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ كَانَ رَجُلَانِ فِي بَنِي إِسْرَائِيلَ مُتَوَاخِيَيْنِ فَكَانَ أَحَدُهُمَا يُذْنِبُ وَالْآخَرُ مُجْتَهِدٌ فِي الْعِبَادَةِ فَكَانَ لَا يَزَالُ الْمُجْتَهِدُ يَرَى الْآخَرَ عَلَى الذَّنْبِ فَيَقُولُ أَقْصِرْ فَوَجَدَهُ يَوْمًا عَلَى ذَنْبٍ فَقَالَ لَهُ أَقْصِرْ فَقَالَ خَلِّنِي وَرَبِّي أَبُعِثْتَ عَلَيَّ رَقِيبًا فَقَالَ وَاللَّهِ لَا يَغْفِرُ اللَّهُ لَكَ أَوْ لَا يُدْخِلُكَ اللَّهُ الْجَنَّةَ فَقَبَضَ أَرْوَاحَهُمَا فَاجْتَمَعَا عِنْدَ رَبِّ الْعَالَمِينَ فَقَالَ لِهَذَا الْمُجْتَهِدِ أَكُنْتَ بِي عَالِمًا أَوْ كُنْتَ عَلَى مَا فِي يَدِي قَادِرًا وَقَالَ لِلْمُذْنِبِ اذْهَبْ فَادْخُلْ الْجَنَّةَ بِرَحْمَتِي وَقَالَ لِلْآخَرِ اذْهَبُوا بِهِ إِلَى النَّارِقَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَتَكَلَّمَ بِكَلِمَةٍ أَوْبَقَتْ دُنْيَاهُ وَآخِرَتَهُ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन ऐश शब्बाह बिन सुफियन] कहलनि, हमरा सब के [अली बिन थाबीत] के [इकरीमा बिन अम्मर] स कहलक अछि ओ कहलनि; हमरा [धमधाम बिन जौस] कहने छथि ओ कहलनि; [अबू हुरैरा] कहलनि, 'हम अल्लाह केर रसूलुल्लाह (स.अ.व.) केँ कहैत सुनलहुँ जे बनी इस्राइल सँ दू गोटे भाइ छलाह; एकटा पाप करब पसिन करैत अछि जखन कि दोसर पूजा मे सक्रिय अछि। पूजा मे सक्रिय व्यक्ति सदिखन अपन भाइ केँ पाप करैत देखैत अछि जाबत धरि ओ ‘रुक’ नहि कहैत अछि | फेर एक दिन अपन भाइ केँ फेर पाप करैत भेटलनि, फेर बजलाह, ‘रुक’। पाप करब नीक लगैत अछि ओ कहैत अछि जे हमरा हमर प्रभु लग छोड़ि दिअ, की अहाँ हमरा पर सदिखन नजरि रखबाक लेल पठाओल गेल छी!' नमाज पढ़निहार कहलक जे अल्लाहक कसम अल्लाह अहाँ केँ माफ नहि करताह, आ ने अहाँ केँ स्वर्ग मे प्रवेश करौताह’। तखन अल्लाह दुनू गोटेक जान ल' लेलनि, जाहि सँ दुनू गोटे दुनियाँक मालिकक कात मे जमा भ' गेलाह। तखन अल्लाह इबादत के विशेषज्ञ स पूछलखिन: 'की अहाँ हमरा स बेसी जनैत छी? आकि, अहाँ जे हमर सामर्थ्य मे अछि से क' सकैत छी?' तखन अल्लाह पापी केँ कहलखिन: 'हमर कृपा सँ जाउ आ स्वर्ग मे प्रवेश करू'। आ पूजा-पाठक लोक सभ केँ कहलखिन- 'नरक मे जाउ'। अबू हुरैरा कहलनि जे, 'जिनकर हाथ मे हमर आत्मा अछि, हुनका द्वारा सचमुच ओ एकटा एहन शब्द बाजल छथि जे एहि दुनिया आ परलोक के नाश करबा मे सक्षम अछि'।