Hadith Representative
Malaikat jibril memperkenalkan Nabi yahya dan 'isa kepada Rasulullah shalallahu alaihi wasallam selama isra'
Imam Nasa'i : 444أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ الدَّسْتَوَائِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ عَنْ مَالِكِ بْنِ صَعْصَعَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ بَيْنَا أَنَا عِنْدَ الْبَيْتِ بَيْنَ النَّائِمِ وَالْيَقْظَانِ إِذْ أَقْبَلَ أَحَدُ الثَّلَاثَةِ بَيْنَ الرَّجُلَيْنِ فَأُتِيتُ بِطَسْتٍ مِنْ ذَهَبٍ مَلْآنَ حِكْمَةً وَإِيمَانًا فَشَقَّ مِنْ النَّحْرِ إِلَى مَرَاقِّ الْبَطْنِ فَغَسَلَ الْقَلْبَ بِمَاءِ زَمْزَمَ ثُمَّ مُلِئَ حِكْمَةً وَإِيمَانًا ثُمَّ أُتِيتُ بِدَابَّةٍ دُونَ الْبَغْلِ وَفَوْقَ الْحِمَارِ ثُمَّ انْطَلَقْتُ مَعَ جِبْرِيلَ عَلَيْهِ السَّلَام فَأَتَيْنَا السَّمَاءَ الدُّنْيَا فَقِيلَ مَنْ هَذَا قَالَ جِبْرِيلُ قِيلَ وَمَنْ مَعَكَ قَالَ مُحَمَّدٌ قِيلَ وَقَدْ أُرْسِلَ إِلَيْهِ مَرْحَبًا بِهِ وَنِعْمَ الْمَجِيءُ جَاءَ فَأَتَيْتُ عَلَى آدَمَ عَلَيْهِ السَّلَام فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ قَالَ مَرْحَبًا بِكَ مِنْ ابْنٍ وَنَبِيٍّ ثُمَّ أَتَيْنَا السَّمَاءَ الثَّانِيَةَ قِيلَ مَنْ هَذَا قَالَ جِبْرِيلُ قِيلَ وَمَنْ مَعَكَ قَالَ مُحَمَّدٌ فَمِثْلُ ذَلِكَ فَأَتَيْتُ عَلَى يَحْيَى وَعِيسَى فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِمَا فَقَالَا مَرْحَبًا بِكَ مِنْ أَخٍ وَنَبِيٍّ ثُمَّ أَتَيْنَا السَّمَاءَ الثَّالِثَةَ قِيلَ مَنْ هَذَا قَالَ جِبْرِيلُ قِيلَ وَمَنْ مَعَكَ قَالَ مُحَمَّدٌ فَمِثْلُ ذَلِكَ فَأَتَيْتُ عَلَى يُوسُفَ عَلَيْهِ السَّلَام فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ قَالَ مَرْحَبًا بِكَ مِنْ أَخٍ وَنَبِيٍّ ثُمَّ أَتَيْنَا السَّمَاءَ الرَّابِعَةَ فَمِثْلُ ذَلِكَ فَأَتَيْتُ عَلَى إِدْرِيسَ عَلَيْهِ السَّلَام فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ فَقَالَ مَرْحَبًا بِكَ مِنْ أَخٍ وَنَبِيٍّ ثُمَّ أَتَيْنَا السَّمَاءَ الْخَامِسَةَ فَمِثْلُ ذَلِكَ فَأَتَيْتُ عَلَى هَارُونَ عَلَيْهِ السَّلَام فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ قَالَ مَرْحَبًا بِكَ مِنْ أَخٍ وَنَبِيٍّ ثُمَّ أَتَيْنَا السَّمَاءَ السَّادِسَةَ فَمِثْلُ ذَلِكَ ثُمَّ أَتَيْتُ عَلَى مُوسَى عَلَيْهِ السَّلَام فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ فَقَالَ مَرْحَبًا بِكَ مِنْ أَخٍ وَنَبِيٍّ فَلَمَّا جَاوَزْتُهُ بَكَى قِيلَ مَا يُبْكِيكَ قَالَ يَا رَبِّ هَذَا الْغُلَامُ الَّذِي بَعَثْتَهُ بَعْدِي يَدْخُلُ مِنْ أُمَّتِهِ الْجَنَّةَ أَكْثَرُ وَأَفْضَلُ مِمَّا يَدْخُلُ مِنْ أُمَّتِي ثُمَّ أَتَيْنَا السَّمَاءَ السَّابِعَةَ فَمِثْلُ ذَلِكَ فَأَتَيْتُ عَلَى إِبْرَاهِيمَ عَلَيْهِ السَّلَام فَسَلَّمْتُ عَلَيْهِ فَقَالَ مَرْحَبًا بِكَ مِنْ ابْنٍ وَنَبِيٍّ ثُمَّ رُفِعَ لِي الْبَيْتُ الْمَعْمُورُ فَسَأَلْتُ جِبْرِيلَ فَقَالَ هَذَا الْبَيْتُ الْمَعْمُورُ يُصَلِّي فِيهِ كُلَّ يَوْمٍ سَبْعُونَ أَلْفَ مَلَكٍ فَإِذَا خَرَجُوا مِنْهُ لَمْ يَعُودُوا فِيهِ آخِرَ مَا عَلَيْهِمْ ثُمَّ رُفِعَتْ لِي سِدْرَةُ الْمُنْتَهَى فَإِذَا نَبْقُهَا مِثْلُ قِلَالِ هَجَرٍ وَإِذَا وَرَقُهَا مِثْلُ آذَانِ الْفِيَلَةِ وَإِذَا فِي أَصْلِهَا أَرْبَعَةُ أَنْهَارٍ نَهْرَانِ بَاطِنَانِ وَنَهْرَانِ ظَاهِرَانِ فَسَأَلْتُ جِبْرِيلَ فَقَالَ أَمَّا الْبَاطِنَانِ فَفِي الْجَنَّةِ وَأَمَّا الظَّاهِرَانِ فَالْبُطَاءُ وَالنَّيْل ثُمَّ فُرِضَتْ عَلَيَّ خَمْسُونَ صَلَاةً فَأَتَيْتُ عَلَى مُوسَى فَقَالَ مَا صَنَعْتَ قُلْتُ فُرِضَتْ عَلَيَّ خَمْسُونَ صَلَاةً قَالَ إِنِّي أَعْلَمُ بِالنَّاسِ مِنْكَ إِنِّي عَالَجْتُ بَنِي إِسْرَائِيلَ أَشَدَّ الْمُعَالَجَةِ وَإِنَّ أُمَّتَكَ لَنْ يُطِيقُوا ذَلِكَ فَارْجِعْ إِلَى رَبِّكَ فَاسْأَلْهُ أَنْ يُخَفِّفَ عَنْكَ فَرَجَعْتُ إِلَى رَبِّي فَسَأَلْتُهُ أَنْ يُخَفِّفَ عَنِّي فَجَعَلَهَا أَرْبَعِينَ ثُمَّ رَجَعْتُ إِلَى مُوسَى عَلَيْهِ السَّلَام فَقَالَ مَا صَنَعْتَ قُلْتُ جَعَلَهَا أَرْبَعِينَ فَقَالَ لِي مِثْلَ مَقَالَتِهِ الْأُولَى فَرَجَعْتُ إِلَى رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ فَجَعَلَهَا ثَلَاثِينَ فَأَتَيْتُ عَلَى مُوسَى عَلَيْهِ السَّلَام فَأَخْبَرْتُهُ فَقَالَ لِي مِثْلَ مَقَالَتِهِ الْأُولَى فَرَجَعْتُ إِلَى رَبِّي فَجَعَلَهَا عِشْرِينَ ثُمَّ عَشْرَةً ثُمَّ خَمْسَةً فَأَتَيْتُ عَلَى مُوسَى عَلَيْهِ السَّلَام فَقَالَ لِي مِثْلَ مَقَالَتِهِ الْأُولَى فَقُلْتُ إِنِّي أَسْتَحِي مِنْ رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ أَنْ أَرْجِعَ إِلَيْهِ فَنُودِيَ أَنْ قَدْ أَمْضَيْتُ فَرِيضَتِي وَخَفَّفْتُ عَنْ عِبَادِي وَأَجْزِي بِالْحَسَنَةِ عَشْرَ أَمْثَالِهَا
हमका [याकूब बिन इब्राहिम] सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हमका [यह्या बिन सैद] बताय के बाद उ कहिन; हमसे [हिस्याम अद-दस्तावाई] कहिके उ कहिन; हमका [कतदाह] [अनस बिन मलिक] से [मलिक बिन शशा'ह] से बतावा गा है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'जब मैं सोवै अऊर जागै के बीच काबा के सामने रहा, त अचानक बीच मा तीन लोगन मा से एक बुद्धि से भरी सोने के बाल्टी लइके गिर गा, फिर उ मोर गला खोल दिहिस। पेट, फिर ज़मज़म पानी से अपने दिल का धोवा, फिर ओका बुद्धि अऊर विश्वास से भरा। फिर मोका एक सवारी करै वाला जानवर लावा गा रहा जवन बघल से छोट रहा - एक जानवर जवन घोड़ा अऊर गधा के बीच के क्रॉस से पैदा भवा रहा - अऊर गधा से बड़ा रहा। अगला मोका जिबरील अलैहिस सलाम द्वारा जाय का निमंत्रण मिला। हम पहुँचे जग के आसमान, तब हमसे पूछा गया, यह कौन है? 'उ जवाब दिहिस, जिब्रिल। फिरि पूछिन, 'कौन है तुम्हारे साथ?' जिबरील ने जवाब दिया, 'मुहम्मद'। उनसे फिर से पूछा गा, का उनका उनके पास भेजा गा रहा? स्वागत है, कुलीन मेहमान आए हैं! फिर हम आदम के पास गयेन? लाइहिस सलाम अऊर ओका अभिवादन करत हुए, उ कहिन, मोर बेटवा अऊर नबी का स्वागत करा! तब हम दूसरे स्वर्ग मा आयेन अऊर हमसे पूछा गा कि ई कौन है? जिब्रिल जवाब दिहिस, 'गेब्रियल'। फिरि पूछिन, 'तुम्हारे साथ कौन है? ऊ जवाब दिहिस, 'मुहम्मद'। फिर जवन भवा उ तब भवा जब उ आदम के साथे रही। मैं याह्या अऊर ईसा के पास आवा अऊर ओन दुइनौ का नमस्कार किहिन, फिर दुइनौ जने जवाब दिहिन, स्वागत है, हे कुलीन भाई अऊर नबी! अगला हम तीसरे स्वर्ग मा आए, अऊर उनसे - जिबरील - से पूछा गा, 'ई कौन है? उ जवाब दिहिस, 'गेब्रियल'। फिरि पूछिन, 'कौन है तुम्हारे साथ? ऊ जवाब दिहिस 'मुहम्मद'। फिर पहिले जइसन ही होइगा। फिर हम यूसुफ अलैह सलाम से मिलेन, अऊर हम उनसे नमस्ते कहिन, तब उ जवाब दिहिन; 'हे मोर कुलीन भाई अऊर पैगम्बर, स्वागत है! तब हम चौथे स्वर्ग में पहुँचे और ऐसा हुआ जैसा पहले हुआ, मैं इदरीस अलैहिस सलाम के पास आया, और मैंने उनसे नमस्ते कही, तब उन्होंने जवाब दिया, 'स्वागत है, हे मेरे कुलीन भाई और नबी। फिर हम पाँचवें स्वर्ग में आए और पहले जैसा हुआ, मैं हारून अलैहिस सलाम के पास आया और मैंने उनसे नमस्कार किया, फिर उन्होंने जवाब दिया। मोर भाइयन अऊर नबियन का स्वागत करा! फिर हम छठवें आकाश मा आयेन, अऊर वइसने भी भवा, अऊर मैं मूसा के पास आयेंव? laihis सलाम अऊर हम ओनका अभिवादन किहिन, फिर उ जवाब दिहिन, 'स्वागत है, मोर भाई अऊर कुलीन नबी! वहिके पास से गुजरै के बाद वा रोवत रहै तौ वहिसे पूछा गा कि काहे रोवत हौ? 'उ जवाब दिहेस, 'हे मोर प्रभु, ई जवान मनई मोर समय के बाद भेजा गा रहा, लेकिन ओकर लोग जे स्वर्ग मा प्रवेश करिहैं, मोर लोगन से ज्यादा संख्या मा अऊर महत्वपूर्ण हैं। तब हम सातवें स्वर्ग में आए और यह भी हुआ जैसा पहले, मैं इब्राहिम के पास आया? laihis सलाम अऊर हम ओनका नमस्कार किहिन, फिर उ जवाब दिहिन, 'हे मोर कुलीन पुत्र अऊर नबी, आपका स्वागत है! फिर हमका बैतुल मकमूर के पास नियुक्त कीन गा रहा। हम जिबरील से यहिके बारे मा पूछेन तौ जवाब दिहिन कि ई बैतुल मकमूर हैं। हर रोज सत्तर हजार फरिश्ता हैं जो यहमा प्रार्थना करत हैं। अगर छोड़ देत हैं तौ वापस नहीं आवत हैं। फिर मोहि सिद्रतुल मुन्तहा लइ गयेन, तौ एक पेड़ मिला, जेकर फल जार के बराबर रहा, ओकर पत्ता हाथी के कान के तरह रहा, तलवा मा चार नदी रहीं। दुई छुपी नदिया औ दुई साफ़-साफ़ दिखाई देय वाली नदिया॥ तौ हम जिब्रिल से पूछेन, तौ उ जवाब दिहिन; दुई छुपी नदियन स्वर्ग मा नदियन हैं, जबकि दुई नदियन जवन स्पष्ट रूप से दिखाई देत हैं, उ हैं फरात अऊर नील नदी। तब पचास बार नमाज पढ़ै का मजबूर होइ गयेन। तब मइँ मूसा के पास गयेउँ अउर उ कहेस, ‘तू का करत अहा? हम जवाब दिहेन, 'हमका पचास बार नमाज पढ़ै का मजबूर कीन गा है। 'उ कहिन, 'मैं आपसे अच्छा मानवीय हालत जानत हउँ। हम सेकु के कोशिश करे हई इजरायल के संतानन के सत्ता मा। तोहार लोग ईका अंजाम नाहीं दे पइहैं, यहिसे अपने रब्ब के पास लौटौ अऊर ओसे राहत माँगौ'। तौ मैं अपने रब्ब के पास लौटि गयौं अऊर मैं उनसे राहत माँगौं, अऊर अल्लाह ओका चालीस गुना कम कइ दिहिस। फिर मैं मूसा के पास वापस जात हउँ? लाइहिस सलाम औ ऊ कहिस, 'का करत हौ? 'हम जवाब दिहेन, 'उनका चालीस गुना कम कइ दिहिन। फिर उ कहिन जइसे उ पहिली बार कहिन, तौ मैं फिर से अपने रब्ब अज्जा वा जल्ला के पास लौटि गय। अऊर उ ओका तीस तक कम कइ दिहिस। फिर मैं मूसा अलैहिस के पास नमस्कार बतावै के लिए आवा, अऊर उ मूल शब्दन के समान कहिन। फिर मैं अपने रब्ब के पास लौटि गय अऊर उ ओका बीस गुना तक कम कइ दिहिस। फिर दस बार, अऊर अंत मा पाँच बार। फिर मैं मूसा अलैहिस के पास नमस्कार किहिन, अऊर उ कहिन जइसे उ पहिले कहिन, लेकिन मैं अल्लाह अज्जा व जल्ला के पास लौटै मा शर्मिंदा होइ गइन। तब उनका - पैगम्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम - का बोलावा गा, 'मैंने आपन दायित्व स्थापित किहिन हैं, मैंने अपने सेवकन का हल्का किहिन हैं, अऊर हर अच्छा काम का दस इनाम से पुरस्कृत कीन जाई।