Hadith Representative
Rasulullah menyuruh mencambuk atau mendera pezina yang belum pernah menikah itu seratus kali dan diasingkan selama satu tahun
Imam Tirmidzi : 1353حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ وَغَيْرُ وَاحِدٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ سَمِعَهُ مِنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ وَشِبْلٍأَنَّهُمْ كَانُوا عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَاهُ رَجُلَانِ يَخْتَصِمَانِ فَقَامَ إِلَيْهِ أَحَدُهُمَا وَقَالَ أَنْشُدُكَ اللَّهَ يَا رَسُولَ اللَّهِ لَمَا قَضَيْتَ بَيْنَنَا بِكِتَابِ اللَّهِ فَقَالَ خَصْمُهُ وَكَانَ أَفْقَهَ مِنْهُ أَجَلْ يَا رَسُولَ اللَّهِ اقْضِ بَيْنَنَا بِكِتَابِ اللَّهِ وَأْذَنْ لِي فَأَتَكَلَّمَ إِنَّ ابْنِي كَانَ عَسِيفًا عَلَى هَذَا فَزَنَى بِامْرَأَتِهِ فَأَخْبَرُونِي أَنَّ عَلَى ابْنِي الرَّجْمَ فَفَدَيْتُ مِنْهُ بِمِائَةِ شَاةٍ وَخَادِمٍ ثُمَّ لَقِيتُ نَاسًا مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ فَزَعَمُوا أَنَّ عَلَى ابْنِي جَلْدَ مِائَةٍ وَتَغْرِيبَ عَامٍ وَإِنَّمَا الرَّجْمُ عَلَى امْرَأَةِ هَذَا فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَأَقْضِيَنَّ بَيْنَكُمَا بِكِتَابِ اللَّهِ الْمِائَةُ شَاةٍ وَالْخَادِمُ رَدٌّ عَلَيْكَ وَعَلَى ابْنِكَ جَلْدُ مِائَةٍ وَتَغْرِيبُ عَامٍ وَاغْدُ يَا أُنَيْسُ عَلَى امْرَأَةِ هَذَا فَإِنْ اعْتَرَفَتْ فَارْجُمْهَا فَغَدَا عَلَيْهَا فَاعْتَرَفَتْ فَرَجَمَهَاحَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مُوسَى الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ بِإِسْنَادِهِ نَحْوَ حَدِيثِ مَالِكٍ بِمَعْنَاهُ قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي بَكْرَةَ وَعُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَأَبِي سَعِيدٍ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَجَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ وَهَزَّالٍ وَبُرَيْدَةَ وَسَلَمَةَ بْنِ الْمُحَبَّقِ وَأَبِي بَرْزَةَ وَعِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهَكَذَا رَوَى مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ وَمَعْمَرٌ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَوَوْا بِهَذَا الْإِسْنَادِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ إِذَا زَنَتْ الْأَمَةُ فَاجْلِدُوهَا فَإِنْ زَنَتْ فِي الرَّابِعَةِ فَبِيعُوهَا وَلَوْ بِضَفِيرٍ وَرَوَى سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ وَشِبْلٍ قَالُوا كُنَّا عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَكَذَا رَوَى ابْنُ عُيَيْنَةَ الْحَدِيثَيْنِ جَمِيعًا عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ وَشِبْلٍ وَحَدِيثُ ابْنِ عُيَيْنَةَ وَهِمَ فِيهِ سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ أَدْخَلَ حَدِيثًا فِي حَدِيثٍ وَالصَّحِيحُ مَا رَوَى مُحَمَّدُ بْنُ الْوَلِيدِ الزُّبَيْدِيُّ وَيُونُسُ بْنُ عُبَيْدٍ وَابْنُ أَخِي الزُّهْرِيِّ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا زَنَتْ الْأَمَةُ فَاجْلِدُوهَا وَالزُّهْرِيُّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ شِبْلِ بْنِ خَالِدٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَالِكٍ الْأَوْسِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا زَنَتْ الْأَمَةُ وَهَذَا الصَّحِيحُ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ وَشِبْلُ بْنُ خَالِدٍ لَمْ يُدْرِكْ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّمَا رَوَى شِبْلٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَالِكٍ الْأَوْسِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهَذَا الصَّحِيحُ وَحَدِيثُ ابْنِ عُيَيْنَةَ غَيْرُ مَحْفُوظٍ وَرُوِيَ عَنْهُ أَنَّهُ قَالَ شِبْلُ بْنُ حَامِدٍ وَهُوَ خَطَأٌ إِنَّمَا هُوَ شِبْلُ بْنُ خَالِدٍ وَيُقَالُ أَيْضًا شِبْلُ بْنُ خُلَيْدٍ
हमसे [नशर बिन अली] अऊर दूसरन ने हमसे [सुफयान बिन उयैना] [अज़ जुहरी] से [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उत्बाह] से कहिन है, उ [अबू हुरैरा] अऊर [जैद बिन खालिद] अऊर [सिबल] से सुनिन कि उ लोग पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि अलैहि के बगल मा रहे, फिर दुई लोगन के एक स्टोग रहा, अऊर कहिन; कसम अल्लाह के रसूल हम और अल्लाह कि किताब के बीच फैसला क्यों नहीं करते उनकर अधिक वाक्पटु प्रतिद्वंद्वी कहिन; सही बात है या अल्लाह के रसूल अल्लाह कि किताब से हमरे बीच फैसला करो और मुझे इजाजत दो मैं तौ कहब कि मोर लड़का का या मड़ई के ऊपर तरस आवत है, वा आपन मेहरिया के साथै व्यभिचार करिस है तबै मोहिका बताइन कि मोर लड़का का पत्थर मारैं का परी। फिर हम सौ ऊँट अऊर ओनके नौकरन के साथ फिदिया का भुगतान किहिन, वहिके बाद हम उलमा के एक समूह से मिलेन, उइ हमसे कहिन कि हमरे बच्चा का सौ बार मारौ अऊर ओका एक साल के लिए निर्वासित करौ, दरअसल पत्थरबाजी केवल यहि औरत के लिए रही। तौ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'उनके हाथ मा मोर आत्मा है, मैं अल्लाह के किताब से आप दुइनौ के बीच सही मायने मा फैसला करब, सौ ऊँट अऊर ओनके नौकर आपके पास लौटा जइहैं, आपके बच्चा का सौ बार पीटा जाय अऊर एक साल के लिए निर्वासित कीन जाय। हे उनाईस, ई औरत के पास जा, अगर उ कबूल करत है तौ ओका पत्थर मारौ'। यहिसे दुइनौ जने वहि मेहरारू का देखै गें, तौ वा स्वीकार करिस कि वहिका पत्थर मार दीन गा है। हमसे [इशाक बिन मूसा अल अंसारी] बताइस है, हमसे कहिस है [मा'न] हमसे [मलिक] से [इब्न शिहाब] से [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्ला] से [अबू हुरैरा] अऊर [जैद बिन खालिद अल जुहानी] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से कहिस है जइसे कि ओकरे अर्थ के साथ। हमका [कुतैबा] बताइस है, हमका [अल लैट्स] [इब्न शिहाब] से अपने सनाद के साथ बताइस है जइसे कि हदीस मलिक अपने अर्थ के साथ। उ कहिन; यहि मामला मा अबू बकरा, उबादह बिन अश शमित, अबू हुरैराह, अबू सैद, इब्न अब्बास, जाबीर बिन समुराह, हज्जल, बुरैदह, सलामा बिन अल मुहब्बाक, अबू बरजाह अऊर इमरान बिन हुशैन से समान हदीस हैं। अबू ईसा कहिन; अबू हुरैरा अऊर जैद बिन खालिद के हदीस एक हसन प्रामाणिक हदीस है, यहिसे मलिक बिन अनस, मामर अऊर दूसर लोग अबू हुरैरा से उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्ला बिन उत्बाह से अज़ जुहरी से अऊर पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से जैद बिन खालिद से हदीस से सुनाइन हैं। उइ पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से ई सनाद के साथे सुनाइन कि उइ कहिन: 'अगर दासी व्यभिचार करत है तौ दंडित कीन जाय, अगर उ चार बार व्यभिचार करत है तौ ओका ऊँट के काठी के पट्टा से भी बेच देई'। सुफयान बिन उयैना ने अबू हुरैराह, जैद बिन खालिद अऊर सिबिल से उबैदुल्लाह से अज जुहरी से सुनाई, उइ कहिन; हम एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बगल में ऐसे रहे। इब्न उयैना ने अबू हुरैराह, जैद बिन खालिद अऊर सिबल से दुई हदीस सुनाई हैं, लेकिन इब्न उयैना के हदीस मा, सुफयान बिन उयैना अस्पष्ट रहे, उ एक हदीस का दूसर हदीस मा डालिन। प्रामाणिक बात ई है कि मुहम्मद बिन अल वालिद अज जुबैदी, यूनुस बिन उबैद, अज़ जुहरी से मोर भाई अज जुहरी के बेटवा, अबू हुरैरा से उबैदुल्लाह अऊर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम से जैद बिन खालिद द्वारा सुनावा गा रहा, उ कहिन: 'अगर एक महिला दास व्यभिचार करत है, तौ ओका दंडित करा'। अऊर अज जुहरी उबैदुल्लाह से सैबिल बिन खालिद से अब्दुल्लाह बिन मलिक अल औसी से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उ कहिन: 'अगर एक महिला दास व्यभिचार करत है'। हदीस विद्वानन के अनुसार ई वही है जवन प्रामाणिक है, लेकिन सैबिल बिन खालिद पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से नाहीं मिले रहे, वास्तव मा सिबल केवल पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अब्दुल्लाह बिन मलिक अल औसी से रिवायित किहिन हैं, अऊर ई प्रामाणिक है। एही बीच, इब्न उयैना के हदीस सुरक्षित नाहीं अहै अऊर उनसे ई भी रिवायत अहै कि उ कहिन; सैबिल बिन हमीद गलत है, सही वाला सैबल बिन खालिद है अऊर ओका सिबल बिन खुलैद भी कहा जात है।