Imam Tirmidzi : 1544
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا يَعْدِلُ الْجِهَادَ قَالَ إِنَّكُمْ لَا تَسْتَطِيعُونَهُ فَرَدُّوا عَلَيْهِ مَرَّتَيْنِ أَوْ ثَلَاثًا كُلُّ ذَلِكَ يَقُولُ لَا تَسْتَطِيعُونَهُ فَقَالَ فِي الثَّالِثَةِ مَثَلُ الْمُجَاهِدِ فِي سَبِيلِ اللَّهِ مَثَلُ الْقَائِمِ الصَّائِمِ الَّذِي لَا يَفْتُرُ مِنْ صَلَاةٍ وَلَا صِيَامٍ حَتَّى يَرْجِعَ الْمُجَاهِدُ فِي سَبِيلِ اللَّهِوَفِي الْبَاب عَنْ الشِّفَاءِ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ حُبْشِيٍّ وَأَبِي مُوسَى وَأَبِي سَعِيدٍ وَأُمِّ مَالِكٍ الْبَهْزِيَّةِ وَأَنَسٍ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमसे कहिन [कुतैबा बिन सैद] कहिन, हमसे [अबू अवाना] [सुहैल बिन अबू सालिह] से [अपने पिता] से [अबू हुरैरा] कहिन, उ कहिन, 'अल्लाह के रसूल से पूछा गा रहा, 'हे अल्लाह के रसूल, जेहाद के बराबर कौन सा काम हो सकत है?' उ जवाब दिहिस: 'तुम नाहीं कर पइहौ'। फिर उइ दुइ-तीन बार सवाल दोहराइन। अऊर हर बार उ जवाब देत रहें: 'तुम सक्षम नाहीं होब'। अऊर तीसरी बार उ कहिन: 'अल्लाह के राह मा मुजाहिद के उदाहरण वइसन है जइसे कोई खड़ा नमाज अऊर रोजा रखत है, जब तक अल्लाह के राह मा लड़त व्यक्ति युद्ध के मैदान से लौटत तब तक उ नमाज अऊर रोजा रखब बंद नाहीं करत है'। उ कहिन, 'इ अध्याय मा असी सीफा', अब्दुल्ला बिन हुब्सी, अबू मूसा, अबू सईद, उम् मलिक अल बहजिया अऊर अनस से भी हदीस हैं। और यह हदीस हसन सहीह है। ई हदीस अबू हुरैराह से, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कई तरह से रिवायित कीन गा है।