Hadith Representative
Janganlah kamu menjualnya sehingga kamu memisahkan antara emas dan permata
Imam Tirmidzi : 1176حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ أَبِي شُجَاعٍ سَعِيدِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ خَالِدِ بْنِ أَبِي عِمْرَانَ عَنْ حَنَشٍ الصَّنْعَانِيِّ عَنْ فَضَالَةَ بْنِ عُبَيْدٍ قَالَاشْتَرَيْتُ يَوْمَ خَيْبَرَ قِلَادَةً بِاثْنَيْ عَشَرَ دِينَارًا فِيهَا ذَهَبٌ وَخَرَزٌ فَفَصَلْتُهَا فَوَجَدْتُ فِيهَا أَكْثَرَ مِنْ اثْنَيْ عَشَرَ دِينَارًا فَذَكَرْتُ ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَا تُبَاعُ حَتَّى تُفْصَلَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ أَبِي شُجَاعٍ سَعِيدِ بْنِ يَزِيدَ بِهَذَا الْإِسْنَادِ نَحْوَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَغَيْرِهِمْ لَمْ يَرَوْا أَنْ يُبَاعَ السَّيْفُ مُحَلًّى أَوْ مِنْطَقَةٌ مُفَضَّضَةٌ أَوْ مِثْلُ هَذَا بِدَرَاهِمَ حَتَّى يُمَيَّزَ وَيُفْصَلَ وَهُوَ قَوْلُ ابْنِ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ وَقَدْ رَخَّصَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ فِي ذَلِكَ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَغَيْرِهِمْ
हमसे कहिन है [कुतैबा] हमसे कहिन है [अल लैट्स] से [अबू स्युजा' सैद बिन यजीद] से [खालिद बिन अबू इमरान] से [हनासी अश शाननी] से [फढालाह बिन उबैद] उ कहिन; हम एक बार खैबर युद्ध के समय बारह दीनार मा एक हार खरीदे रहेन, जेहिमा सोना अऊर रत्न शामिल रहे, फिर हम ओका अलग किहेन अऊर पता चला कि हमका पता चला कि ई बारह दीनार से अधिक रहा। हम ई बात पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक पहुँचाइन, उ इहौ कहिन: 'जब तक ई अलग न होइ जाय तब तक ईका न बेचौ'। हमसे कहिन है [कुतैबा] हमसे कहिन है [इब्नुल मुबारक] से [अबू स्युजा' सईद बिन यजीद] ई सनाद के साथ समान है। अबू ईसा कहिन; ई हदीस प्रामाणिक है अऊर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथियन मा से कुछ विद्वानन के अनुसार दान-दक्षिणा के लिए एक दिशा-निर्देश है अऊर ओनके अलावा, ओनके राय है कि जब तक उ अलग-अलग अऊर अलग न होइ जाए तब तक सोना के साथ तलवार या चाँदी के साथ हार या कुछ अइसने चीजन का दिरहम के साथ बेचब जायज नाहीं है, ई अश्बरक के राय है। स्याफी, अहमद अऊर इशाक। हालांकि, पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के साथियन अऊर ओनके अलावा कुछ विद्वान एकरा बेचे के अनुमति देत हैं।