Hadith Representative
Malaikat jibril dan mikail telah datang kepada Rasulullah dan mereka berdua mengajarkan beliau tujuh dialek yang berbeda
Imam Nasa'i : 932أَخْبَرَنِي يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسٍ عَنْ أُبَيٍّ قَالَ مَا حَاكَ فِي صَدْرِي مُنْذُ أَسْلَمْتُ إِلَّا أَنِّي قَرَأْتُ آيَةً وَقَرَأَهَا آخَرُ غَيْرَ قِرَاءَتِي فَقُلْتُ أَقْرَأَنِيهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ الْآخَرُ أَقْرَأَنِيهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا نَبِيَّ اللَّهِ أَقْرَأْتَنِي آيَةَ كَذَا وَكَذَا قَالَ نَعَمْ وَقَالَ الْآخَرُ أَلَمْ تُقْرِئْنِي آيَةَ كَذَا وَكَذَا قَالَ نَعَمْ إِنَّ جِبْرِيلَ وَمِيكَائِيلَ عَلَيْهِمَا السَّلَام أَتَيَانِي فَقَعَدَ جِبْرِيلُ عَنْ يَمِينِي وَمِيكَائِيلُ عَنْ يَسَارِي فَقَالَ جِبْرِيلُ عَلَيْهِ السَّلَام اقْرَأْ الْقُرْآنَ عَلَى حَرْفٍ قَالَ مِيكَائِيلُ اسْتَزِدْهُ اسْتَزِدْهُ حَتَّى بَلَغَ سَبْعَةَ أَحْرُفٍ فَكُلُّ حَرْفٍ شَافٍ كَافٍ
मोका [याकूब बिन इब्राहिम] से रिपोर्ट कइके उ कहिन; हमका [यह्या] से [हुमैद] से [अनास] से [उबय] से कहिके उ कहिन; 'जब से हम इस्लाम धर्म अपनाये हई तब से हमरे दिल मा कौनो संदेह नाहीं रहा, सिवाय तब के जब हम एक आयत पढ़ित है लेकिन कोई अउर पढ़त है लेकिन ई हमार पढ़े से अलग है। हम कहेन; 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम ने मुझसे पढ़ा है'। दूसरे ने कहा कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम ने भी मुझसे पढ़ा है ! ' तब मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम के पास आया और कहा; 'हे अल्लाह के पैगम्बर, का तुम ई आयत का मोका अइसन अऊर अइसन पढ़त हौ? ' उ जवाब दिहिन: 'हाँ। दूसर लोग भी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन कि का तुम मोका ई आयत अइसन अऊर अइसन नाहीं पढ़े रहेव? ' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम ने कहा: 'हाँ। सचमुच, जिबरील अऊर मिकाइल मोर पास आए हैं। जिब्रिल मोर दाईं ओर बैठा रहा जबकि मिकाइल मोर बाईं ओर बैठा रहा। जिबरील कहिन, 'कुरान एक अक्षर से पढ़ौ'। माइकल कहिन; 'सात अक्षर तक जोड़ौ -बोली-। कौनो भी बोली काफी है।