Hadith Representative
Kebun yang dishadaqahkan kembali kepada pemilik semula setelah penerima wafat
Imam Tirmidzi : 1270حَدَّثَنَا الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ جَابِرٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أَيُّمَا رَجُلٍ أُعْمِرَ عُمْرَى لَهُ وَلِعَقِبِهِ فَإِنَّهَا لِلَّذِي يُعْطَاهَا لَا تَرْجِعُ إِلَى الَّذِي أَعْطَاهَا لِأَنَّهُ أَعْطَى عَطَاءً وَقَعَتْ فِيهِ الْمَوَارِيثُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهَكَذَا رَوَى مَعْمَرٌ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ مِثْلَ رِوَايَةِ مَالِكٍ وَرَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ الزُّهْرِيِّ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ وَلِعَقِبِهِ وَرُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ جَابِرٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْعُمْرَى جَائِزَةٌ لِأَهْلِهَا وَلَيْسَ فِيهَا لِعَقِبِهِ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ قَالُوا إِذَا قَالَ هِيَ لَكَ حَيَاتَكَ وَلِعَقِبِكَ فَإِنَّهَا لِمَنْ أُعْمِرَهَا لَا تَرْجِعُ إِلَى الْأَوَّلِ وَإِذَا لَمْ يَقُلْ لِعَقِبِكَ فَهِيَ رَاجِعَةٌ إِلَى الْأَوَّلِ إِذَا مَاتَ الْمُعْمَرُ وَهُوَ قَوْلُ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ وَالشَّافِعِيِّ وَرُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْعُمْرَى جَائِزَةٌ لِأَهْلِهَا وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ قَالُوا إِذَا مَاتَ الْمُعْمَرُ فَهُوَ لِوَرَثَتِهِ وَإِنْ لَمْ تُجْعَلْ لِعَقِبِهِ وَهُوَ قَوْلُ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ
हमसे [अल अंसारी] बतावा गा है, हमसे बतावा गा है [मा'न] हमसे [मलिक] [इब्न शिहाब] से [अबू सलामा] से [जाबिर] से कहिन है कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जेका ओकरे अऊर ओकरे वंशज के लिए जमीन दीन जात है, उ व्यक्ति का दान वापस नाहीं करत है जेका दीन गा रहा ई, काहे से कि उ अपने वारिस सहित एक उपहार दिहिस। अबू ईसा कहिन; ई हदीस प्रामाणिक है, जइसे कि [मा'मर] अऊर [अज जुहरी] से बहुत कुछ जइसे कि [मलिक] का इतिहास। ओनमा से कुछ लोग अज़ जुहरी से रिवायत किहिन लेकिन हदीस मा लफाज़ वा लिअकाबिही का जिक्र नाहीं किहिन। ई हदीस पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से जाबीर से एक अउर मार्ग से भी सुनाई गै रही, उ कहिन: 'उमरा परिवार का दीन जा सकत है, लेकिन ओनके वंशज का नाहीं'। ई हदीस प्रामाणिक है अऊर कुछ विद्वानन के अनुसार दान के लिए एक दिशानिर्देश है, उनका तर्क है; अगर दाता कहै; ई वरदान आपके जीवन भर अऊर आपके वंशजन के लिए है, यहिसे ई वरदान उ व्यक्ति के लिए है जेका ई दिहा गा रहा अऊर पहिले व्यक्ति के पास वापस नाहीं आवत है। हालांकि, अगर दाता अपने वंशज के लिए अइसन नाहीं कहत है तौ ई पहिला व्यक्ति के पास लौट जात है अगर ई व्यक्ति मर जात है जेका ई दिहा गा रहा, ई मलिक बिन अनस अऊर ऐश स्याफी के राय है। अऊर ई पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से एक अउर मार्ग से रिवायित कीन गा है, उ कहिन: 'उमरा उनके परिवार का दीन जा सकत है'। कुछ विद्वानन के अनुसार ई हदीस दान के लिए एक दिशानिर्देश है, उनका तर्क है; अगर ई दीन जाय वाला मनई मर जात है, तौ वरदान ओकरे वारिसन का दीन जात है, अगर कौनो नाहीं है तौ ओकरे वंशज का दीन जात है, ई सुफयान आट्स त्सौरी, अहमद अऊर इशाक के राय है।