Imam Bukhari : 3742
أَخْبَرَنَا حَسَّانُ بْنُ حَسَّانَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَلْحَةَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ عَمَّهُ غَابَ عَنْ بَدْرٍ فَقَالَ غِبْتُ عَنْ أَوَّلِ قِتَالِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَئِنْ أَشْهَدَنِي اللَّهُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيَرَيَنَّ اللَّهُ مَا أُجِدُّ فَلَقِيَ يَوْمَ أُحُدٍ فَهُزِمَ النَّاسُ فَقَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعْتَذِرُ إِلَيْكَ مِمَّا صَنَعَ هَؤُلَاءِ يَعْنِي الْمُسْلِمِينَ وَأَبْرَأُ إِلَيْكَ مِمَّا جَاءَ بِهِ الْمُشْرِكُونَ فَتَقَدَّمَ بِسَيْفِهِ فَلَقِيَ سَعْدَ بْنَ مُعَاذٍ فَقَالَ أَيْنَ يَا سَعْدُ إِنِّي أَجِدُ رِيحَ الْجَنَّةِ دُونَ أُحُدٍ فَمَضَى فَقُتِلَ فَمَا عُرِفَ حَتَّى عَرَفَتْهُ أُخْتُهُ بِشَامَةٍ أَوْ بِبَنَانِهِ وَبِهِ بِضْعٌ وَثَمَانُونَ مِنْ طَعْنَةٍ وَضَرْبَةٍ وَرَمْيَةٍ بِسَهْمٍ
हमसे कहिन है [हसन बिन हसन] हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन थलहा] हमसे [हुमैद] [अनस] रदलियाहू अन्हू से कहिन हैं, कि उनके चाचा बदर के लड़ाई मा भाग नाहीं लिहिन, उ कहिन, 'मैं प्रारंभिक लड़ाई मा भाग नाहीं लिहे रहेंव कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि लड़ाई मा रहें, अगर अल्लाह हमका भाग लेवे का मौका दिहिन- पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ तब अल्लाह देखेगा कि मेरे साथ क्या होगा हम किहेन'। फिर उ उहुद के युद्ध से सामना किहिन, जब लोग तबाह होइ गें। त चाचा अनस कहिन, 'हे अल्लाह, हम ओनके द्वारा कीन गए कामन से माफी मांगत हई - मतलब ओनके दोस्तन -, अऊर हम तोहरे ऊपर छोड़ देत हई कि मुश्रिक लोग का किहिन'। फिर उ अपनी तलवार के साथ आगे बढ़े जब तक कि उ साद बिन मुआद्ज से नाहीं मिले, फिर उ कहिन, 'कहाँ है, हे सद, मैं सचमुच उहुद के पीछे स्वर्ग के गंध देखत हउँ'। जब युद्ध खतम भवा, तौ ओका मार डावा गा रहा, अऊर ओनके ऊपर निशान या उंगली से ओनके शरीर का ओनके बहिन के अलावा केहू नाहीं पहचानिस, अऊर ओनका ओनके शरीर मा अस्सी से ढेर भाला, तलवार अऊर तीर के वार मिला।