हदीस
Larangan minum dan makan dari bejana emas dan perak
Imam Nasa'i : 5206أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي نَجِيحٍ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ ابْنِ أَبِي لَيْلَى وَيَزِيدُ بْنُ أَبِي زِيَادٍ عَنْ ابْنِ أَبِي لَيْلَى وَأَبُو فَرْوَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُكَيْمٍ قَالَاسْتَسْقَى حُذَيْفَةُ فَأَتَاهُ دُهْقَانٌ بِمَاءٍ فِي إِنَاءٍ مِنْ فِضَّةٍ فَحَذَفَهُ ثُمَّ اعْتَذَرَ إِلَيْهِمْ مِمَّا صَنَعَ بِهِ وَقَالَ إِنِّي نُهِيتُهُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا تَشْرَبُوا فِي إِنَاءِ الذَّهَبِ وَالْفِضَّةِ وَلَا تَلْبَسُوا الدِّيبَاجَ وَلَا الْحَرِيرَ فَإِنَّهَا لَهُمْ فِي الدُّنْيَا وَلَنَا فِي الْآخِرَةِ
हमनी के [मुहम्मद बिन यजीद] के जानकारी देले बा उ कहले कि; हमनी के [सुफयान] बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; हमनी के [इब्न अबू नजीह] [मुजाहिद] से [अबू लैला] से, अवुरी [यजीद बिन अबू जियाद] से [इब्नु अबू लैला] से, अवुरी [अबू फरवाह] [अब्दुल्लाह बिन उकाईम] से कहले बाड़े कि, 'एक बेर हुदजाइफा शराब के मांग कईले, तब एगो गांव के मुखिया चांदी से बनल बर्तन में पानी लेके आईल रहले।' [हुदजाइफा] तब अपना कइल काम खातिर माफी मांगत पानी उझिल दिहलन, तब कहलन कि, 'हमरा अइसन चीजन से मना कइल गइल बा, हम अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कहत सुनले बानी कि 'सोना चांदी से बनल बर्तन में मत पीईं, बज्ज में कपड़ा मत पहिनीं - एगो प्रकार के रेशम - आ रेशम, काहे कि ऊ कपड़ा एह दुनिया में आ हमनी खातिर ओह लोग खातिर बनावल गइल बा।' परलोक में'।