Hadith Representative
Aisyah haid beliau bersabda sisirlah dan berihramlah untuk haji dan tinggalkan 'umrah
Imam Bukhari : 1454حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْخَرَجْنَا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ فَأَهْلَلْنَا بِعُمْرَةٍ ثُمَّ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ كَانَ مَعَهُ هَدْيٌ فَلْيُهِلَّ بِالْحَجِّ مَعَ الْعُمْرَةِ ثُمَّ لَا يَحِلَّ حَتَّى يَحِلَّ مِنْهُمَا جَمِيعًا فَقَدِمْتُ مَكَّةَ وَأَنَا حَائِضٌ وَلَمْ أَطُفْ بِالْبَيْتِ وَلَا بَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ فَشَكَوْتُ ذَلِكَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ انْقُضِي رَأْسَكِ وَامْتَشِطِي وَأَهِلِّي بِالْحَجِّ وَدَعِي الْعُمْرَةَ فَفَعَلْتُ فَلَمَّا قَضَيْنَا الْحَجَّ أَرْسَلَنِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَعَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ إِلَى التَّنْعِيمِ فَاعْتَمَرْتُ فَقَالَ هَذِهِ مَكَانَ عُمْرَتِكِ قَالَتْ فَطَافَ الَّذِينَ كَانُوا أَهَلُّوا بِالْعُمْرَةِ بِالْبَيْتِ وَبَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ ثُمَّ حَلُّوا ثُمَّ طَافُوا طَوَافًا آخَرَ بَعْدَ أَنْ رَجَعُوا مِنْ مِنًى وَأَمَّا الَّذِينَ جَمَعُوا الْحَجَّ وَالْعُمْرَةَ فَإِنَّمَا طَافُوا طَوَافًا وَاحِدًا
हमसे कहा गा है [अब्दुल्लाह बिन मसलामा] हमसे [मलिक] से [इब्न शिहाब] से [उर्वाह बिन अज़ जुबैर] से [ऐस्याह रदलियाहु अन्हा] से, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी ने कहा: 'हम पैगम्बर सल्लाहुजी के साथ बाहर गये थे हल्लाम के दौरान तब वदा मलाम' उमराह के लिए इहराम। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तब कहा: 'जो कोई बलि का जानवर लाता है, वह हज और उमरा दोनों के लिए इहराम करे तब तक जब तक वह -हज्जी और 'उमरा-' दोनों के लिए तहल्लुल न करे तब तक उ तहल्लुल न करे। तौ मैं मक्का पहुँचा जब मैं मासिक धर्म करत रहा तौ मैं बैतुल्लोह मा तवाफ नाहीं किहेंव अऊर साथै साथ अश-शफा अऊर अल मरवाह पहाड़ियन के बीच साईय भी नाहीं किहेंव। फिर हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से आपन हालत के शिकायत किहेन। त उ कहिन: 'अपने बालन का उलझावा अऊर ओनका कंघी करा अऊर हज के लिए इहराम करा अऊर 'उमरा' छोड़ा। तौ फिर हम ई किहेन। हमरे हज रीति रिवाज पूरा करै के बाद, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मोका अब्दुर्रहमान बिन अबू बकर के साथे तनीम भेजिन, जहाँ से मोका उमराह शुरू करै का रहा। उ कहिन: 'ई तोहरे उमरा के विकल्प है।' रही बात हज अऊर उमरा का जोड़ै वाले मनई के तौ उ लोग केवल एक बार तवाफ करत हैं।