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Tata cara duduk tasyahud akhir
Imam Tirmidzi : 270حَدَّثَنَا بُنْدَارٌ مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ الْعَقَدِيُّ حَدَّثَنَا فُلَيْحُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْمَدَنِيُّ حَدَّثَنِي عَبَّاسُ بْنُ سَهْلٍ السَّاعِدِيُّ قَالَاجْتَمَعَ أَبُو حُمَيْدٍ وَأَبُو أُسَيْدٍ وَسَهْلُ بْنُ سَعْدٍ وَمُحَمَّدُ بْنُ مَسْلَمَةَ فَذَكَرُوا صَلَاةَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَبُو حُمَيْدٍ أَنَا أَعْلَمُكُمْ بِصَلَاةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَلَسَ يَعْنِي لِلتَّشَهُّدِ فَافْتَرَشَ رِجْلَهُ الْيُسْرَى وَأَقْبَلَ بِصَدْرِ الْيُمْنَى عَلَى قِبْلَتِهِ وَوَضَعَ كَفَّهُ الْيُمْنَى عَلَى رُكْبَتِهِ الْيُمْنَى وَكَفَّهُ الْيُسْرَى عَلَى رُكْبَتِهِ الْيُسْرَى وَأَشَارَ بِأُصْبُعِهِ يَعْنِي السَّبَّابَةَقَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَبِهِ يَقُولُ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ قَالُوا يَقْعُدُ فِي التَّشَهُّدِ الْآخِرِ عَلَى وَرِكِهِ وَاحْتَجُّوا بِحَدِيثِ أَبِي حُمَيْدٍ قَالُوا يَقْعُدُ فِي التَّشَهُّدِ الْأَوَّلِ عَلَى رِجْلِهِ الْيُسْرَى وَيَنْصِبُ الْيُمْنَى
सानु दस्सेया है [बुंदर मुहम्मद बिन बस्स्यार] ने आख्या; सानु दस्सेया है [अबू अमीर अल अकादी] ने कहा; सानु दस्सेया है [फुलैह बिन सुलेमान अल मदनी] ने कहा; ने मिगी [अब्बास बिन सहल अस सईदी] दस्सेया ऐ, उने आखेआ; अबू हुमैद, अबू उसैद, सहल बिन सद ते मुहम्मद बिन मसलमाह इकट्ठे होए, उने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दी नमाज दा जिक्र कीता। फिर [अबू हुमैद] ने आख्या; 'मैं ओह व्यक्ति हां जो नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम दी नमाज नू तुहाडे सारे तों बेहतर जानदा हां। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपनी बाएं टांग फैलांदे होई ते अपनी सज्जी टांग दे अग्गें दी बक्खी किबला आह्ली बक्खी मुँह करदे होई उस्सैहुद बैठे दे हे, उने अपने सज्जे हत्थ दी हथेली गी अपने सज्जे घुटने पर ते अपने बाएं हत्थ दी हथेली गी अपने बाएं घुटने पर रक्खेआ। फिर अपनी उंगली कन्नै इशारा करो, अर्थात तर्जनी कन्नै। अबू ईसा ने आख्या; 'इह हदीस हसन सच्चे है।' कुछ वैज्ञानिक इस हदीस दा पालन करदे न। इमाम स्याफीई, अहमद ते इशाक दी इह राय है। उने आख्या; 'तस्यहुद के अॊत भें एक व्मत्रि को अऩने ऩीछे ऩय फैठना चादहमे'। अबू हुमैद दी हदीस नाल पोस्टुलेट करदे हन, ओह आखदे ने; 'तस्यहुद के अॊत भें व्मत्रि को अऩनी बाईं टाॊग ऩय फैठकय अऩनी दाईं टाॊग सीधा कयनी चादहमे'।