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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Rasulullah bangun di waktu subuh dalam keadaan tidak memiliki air. Allah ta’ala kemudian menurunkan ayat tayamum
Imam Muslim : 550

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا قَالَتْ خَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَعْضِ أَسْفَارِهِ حَتَّى إِذَا كُنَّا بِالْبَيْدَاءِ أَوْ بِذَاتِ الْجَيْشِ انْقَطَعَ عِقْدٌ لِي فَأَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى الْتِمَاسِهِ وَأَقَامَ النَّاسُ مَعَهُ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ فَأَتَى النَّاسُ إِلَى أَبِي بَكْرٍ فَقَالُوا أَلَا تَرَى إِلَى مَا صَنَعَتْ عَائِشَةُ أَقَامَتْ بِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَبِالنَّاسِ مَعَهُ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ فَجَاءَ أَبُو بَكْرٍ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاضِعٌ رَأْسَهُ عَلَى فَخِذِي قَدْ نَامَ فَقَالَ حَبَسْتِ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالنَّاسَ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ قَالَتْ فَعَاتَبَنِي أَبُو بَكْرٍ وَقَالَ مَا شَاءَ اللَّهُ أَنْ يَقُولَ وَجَعَلَ يَطْعُنُ بِيَدِهِ فِي خَاصِرَتِي فَلَا يَمْنَعُنِي مِنْ التَّحَرُّكِ إِلَّا مَكَانُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى فَخِذِي فَنَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى أَصْبَحَ عَلَى غَيْرِ مَاءٍ فَأَنْزَلَ اللَّهُ آيَةَ التَّيَمُّمِ فَتَيَمَّمُوا فَقَالَ أُسَيْدُ بْنُ الْحُضَيْرِ وَهُوَ أَحَدُ النُّقَبَاءِ مَا هِيَ بِأَوَّلِ بَرَكَتِكُمْ يَا آلَ أَبِي بَكْرٍ فَقَالَتْ عَائِشَةُ فَبَعَثْنَا الْبَعِيرَ الَّذِي كُنْتُ عَلَيْهِ فَوَجَدْنَا الْعِقْدَ تَحْتَهُ

हमनी के बतवले बाड़े [याह्या बिन याह्या] उ कहले रहले कि, 'हम [मलिक] के मौजूदगी में [अब्दुररहमान बिन अल-कासिम] से [उनकर पिता] से [ऐस्याह रदीयल्लाहुअनहा] से पढ़नी कि उ कहले रहले कि, 'हमनी के एक बेर रसुलुल्लाह सल्लाह सल्लल्लाहुअलैहसल्लम के संगे उनुका कुछ यात्रा प एक संगे निकलल रहनी।' जब तक हम अल-बैदा’ या ज़ातुल जैसी ना पहुंचनी तब तक हमार गर्दन के जंजीर कट गईल रहे अवुरी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहिवसल्लम ओकरा के खोजे लगले। लोग रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के साथे भी उनका के खोजत रहे भले ही उ लोग अइसन जगह पर ना रहे जहाँ पानी रहे अउरी पानी ना रहे| तब लोग अबू बकर के लगे आके कहलस कि आईशा के काम ना देखनी? ' उ अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम अवुरी लोग से अपना गर्दन के जंजीर खोजे के काम कईले, जबकि उ लोग अयीसन जगह प ना रहले, जहां पानी रहे अवुरी उ लोग के लगे भी पानी ना रहे? तब अबू बकर हमरा लगे अइले आ ओह घरी रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम। हमरा जांघ पर आपन माथा रख के सुतल रहे। उ कहले कि, 'रउआ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम अवुरी लोग के हिरासत में लेले बानी, जबकि उ सभ अयीसन जगह प ना रहले, जहां पानी रहे अवुरी उ लोग के लगे भी पानी ना रहे'। ऐसिया कहलन कि अबू बकर हमरा के माँ-स्या-अल्लाह शब्दन से ताना मारत रहले जबले कि ऊ हमरा ग्रोइन के हाथ से ना निचोड़ लिहलन. हम हिल ना पवनी काहे कि रसुलुल्लाह शल्लल्लाहुअलैहिवसल्लम हमरा जांघ पर रहले। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहुअलैहिवसल्लम तब तक सुतल रहले जब तक कि अगिला दिने बिना पानी के जाग ना गईले। तब अल्लाह तयमुम आयत के उतार दिहले। तायम्मुम भी करत रहले। एह संबंध में एगो नेता उसैद बिन अल हुदैर कहले कि, ए अबू बकर के परिवार, रउआ खातिर इ पहिला बरकत नईखे! तब ऐस्या कहली, 'तब हम जवना ऊंट पर सवार रहनी ओकरा के खोजनी त ओकरा नीचे हार मिलल'।

हदीस :

Imam Ahmad : 17603, 17607, 17608, 17611, 18125, 18130, 18721, 20407, 20587, 23164
Imam Bukhari : 322, 326, 327, 328, 329, 330, 331, 332, 333, 334, 335, 1809, 3396, 4766
Imam Muslim : 550, 551, 552, 553, 1893
Imam Abu Dawud : 274, 275, 276, 281, 282
Imam Tirmidzi : 115, 134, 135
Imam Nasa'i : 308, 310, 311, 312, 313, 314, 315, 316, 317, 318, 319, 320, 321, 322
Imam Ibnu Majah : 561, 562, 563, 1653
Imam Darimi : 738, 739