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Janganlah suatu shalat disambung dengan shalat lain, kecuali setelah kita mengucapkan kata-kata atau keluar dari masjid
Imam Muslim : 1463حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ عَنْ ابْنِ جُرَيْجٍ قَالَ أَخْبَرَنِي عُمَرُ بْنُ عَطَاءِ بْنِ أَبِي الْخُوَارِ أَنَّ نَافِعَ بْنَ جُبَيْرٍ أَرْسَلَهُ إِلَى السَّائِبِ ابْنِ أُخْتِ نَمِرٍ يَسْأَلُهُ عَنْ شَيْءٍ رَآهُ مِنْهُ مُعَاوِيَةُ فِي الصَّلَاةِ فَقَالَ نَعَمْ صَلَّيْتُ مَعَهُ الْجُمُعَةَ فِي الْمَقْصُورَةِ فَلَمَّا سَلَّمَ الْإِمَامُ قُمْتُ فِي مَقَامِي فَصَلَّيْتُ فَلَمَّا دَخَلَ أَرْسَلَ إِلَيَّ فَقَالَ لَا تَعُدْ لِمَا فَعَلْتَ إِذَا صَلَّيْتَ الْجُمُعَةَ فَلَا تَصِلْهَا بِصَلَاةٍ حَتَّى تَكَلَّمَ أَوْ تَخْرُجَ فَإِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَرَنَا بِذَلِكَ أَنْ لَا تُوصَلَ صَلَاةٌ بِصَلَاةٍ حَتَّى نَتَكَلَّمَ أَوْ نَخْرُجَ و حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدٍ قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي عُمَرُ بْنُ عَطَاءٍ أَنَّ نَافِعَ بْنَ جُبَيْرٍ أَرْسَلَهُ إِلَى السَّائِبِ بْنِ يَزِيدَ ابْنِ أُخْتِ نَمِرٍ وَسَاقَ الْحَدِيثَ بِمِثْلِهِ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ فَلَمَّا سَلَّمَ قُمْتُ فِي مَقَامِي وَلَمْ يَذْكُرْ الْإِمَامَ
हमसे कहिन है [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमसे [घुंदर] [इब्न जुरैज] से कहिन हैं, उ कहिन, हमसे [उमर बिन अथा` बिन अबुल खुवर] बताइन हैं कि नफी बिन जुबैर ने ओनका नामीर के बहिन के बेटवा [सैब] के पास भेजा रहा कि उ कुछ अइसन चीज के बारे मा पूछे कि [मुआविया] नमाज मा देखे रहे, तौ हम सच है कि हम साईब कहिन, ई सच है कि हम सच है। एक बार मकशुराह मा मुआविया के साथे जुम्मा के नमाज पढ़िन - मस्जिद के अंदर बनावा गा एक कमरा -। इमाम के अभिवादन के बाद, मैं अपनी जगह पर खड़ा होइ गय अऊर फिर मैं सुन्नत नमाज पढ़िन। जब मुआविया अंदर आए तो उन्होंने मेरे पास किसी को भेजा और दूत ने कहा कि तू जो किये उसका दुबारा मत करो। अगर आपने जुम्मा का नमाज पढ़ना खतम कर लिया है, तो बातचीत से पहले या मस्जिद से बाहर निकलने से पहले सुन्नत नमाज के साथ जारी न रखें। काहे से कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमका आदेश दिहिन रहैं, यानी कि 'एक नमाज का दूसर नमाज से न जोड़ौ, सिवाय हमरे शब्द कहै या मस्जिद छोड़ै के बाद।' अऊर हमसे [हारून बिन अब्दुल्ला] हमसे [हज्जाज बिन मुहम्मद] बताये के बाद उ कहिन, [इब्न जुरैज] कहिन; ने मोका [उमर बिन अथा`] सूचित किहिन है कि नफी बिन जुबैर ने ओनका [साइब बिन यजीद बिन उख्ती नमीर] के पास भेजा है। उ एक समान हदीस का भी जिक्र किहिन, केवल उ कहिन; 'जब उ अभिवादन किहिन, तौ मैं तुरंत अपनी जगह पर खड़ा होइ गय'। उ इमाम शब्द का जिक्र नाहीं किहिन।