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Bintang (meteor) itu tidak jatuh karena meninggalnya seseorang dan tidak pula karena lahirnya seseorang
Imam Tirmidzi : 3148حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْأَعْلَى حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عَلِيِّ بْنِ حُسَيْنٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَبَيْنَمَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَالِسٌ فِي نَفَرٍ مِنْ أَصْحَابِهِ إِذْ رُمِيَ بِنَجْمٍ فَاسْتَنَارَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا كُنْتُمْ تَقُولُونَ لِمِثْلِ هَذَا فِي الْجَاهِلِيَّةِ إِذَا رَأَيْتُمُوهُ قَالُوا كُنَّا نَقُولُ يَمُوتُ عَظِيمٌ أَوْ يُولَدُ عَظِيمٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَإِنَّهُ لَا يُرْمَى بِهِ لِمَوْتِ أَحَدٍ وَلَا لِحَيَاتِهِ وَلَكِنَّ رَبَّنَا عَزَّ وَجَلَّ إِذَا قَضَى أَمْرًا سَبَّحَ لَهُ حَمَلَةُ الْعَرْشِ ثُمَّ سَبَّحَ أَهْلُ السَّمَاءِ الَّذِينَ يَلُونَهُمْ ثُمَّ الَّذِينَ يَلُونَهُمْ حَتَّى يَبْلُغَ التَّسْبِيحُ إِلَى هَذِهِ السَّمَاءِ ثُمَّ سَأَلَ أَهْلُ السَّمَاءِ السَّادِسَةِ أَهْلَ السَّمَاءِ السَّابِعَةِ مَاذَا قَالَ رَبُّكُمْ قَالَ فَيُخْبِرُونَهُمْ ثُمَّ يَسْتَخْبِرُ أَهْلُ كُلِّ سَمَاءٍ حَتَّى يَبْلُغَ الْخَبَرُ أَهْلَ السَّمَاءِ الدُّنْيَا وَتَخْتَطِفُ الشَّيَاطِينُ السَّمْعَ فَيُرْمَوْنَ فَيَقْذِفُونَهُ إِلَى أَوْلِيَائِهِمْ فَمَا جَاءُوا بِهِ عَلَى وَجْهِهِ فَهُوَ حَقٌّ وَلَكِنَّهُمْ يُحَرِّفُونَهُ وَيَزِيدُونَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عَلِيِّ بْنِ الْحُسَيْنِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ رِجَالٍ مِنْ الْأَنْصَارِ قَالُوا كُنَّا عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ نَحْوَهُ بِمَعْنَاهُ حَدَّثَنَا بِذَلِكَ الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ
हमसे कहिन है [नशर बिन अली अल जहदलामी] हमसे कहिन है [अब्दुल अ'ला] हमसे कहिन है [मामर] से [अज़ जुहरी] से [अली बिन हुसैन] से [इब्न अब्बास] ने कहा: जब रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम अपने कुछ साथियन के साथे बैठे रहे, तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ एक तारा रहा अऊर तब सल्लल्लाहु वसल्लम ने पूछा: 'भविष्य मा अइसन -चीजन- के बारे मा का सोचत हौ? जब तुम देखत हौ तौ अज्ञानी?' उइ जवाब दिहिन: 'हम कहत रहेन कि एक महान मनई मर जात है या एक संभावित महान मनई पैदा होत है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'असल में ई केहू के मउत या केहू के जान के कारण नाहीं फेंका जात है, बल्कि हमार रब्ब अज्जा वजल्ला जब कौनो बात का फैसला करत हैं, तौ देवदूत जे अरश उठावत हैं, उ तस्बीह करत हैं, फिर आकाश के निवासी तस्बीह करत हैं, तब उ स्वर्ग के निवासियन के बाद करत हैं। तसबीह जब तक तसबीह इस आकाश तक न पहुंच जाय, छठे स्वर्ग के निवासी सातवें स्वर्ग के निवासी से पूछते हैं: तुम्हारे रब्ब ने क्या कहा? फिर उई बताइन, जेकरे बाद हर स्वर्ग के निवासी सवाल करत रहे जब तक कि ई खबर सबसे निचले स्वर्ग के निवासियन तक नाहीं पहुँच जात। शैतान ओनके बात सुनिन अऊर ओनके ऊपर पत्थर मारिन, फिर उइ अपने संरक्षकन का बताइन। उई जवन लाए रहे उ सही रहा, लेकिन उई बदलिन अऊर वहिमा जोड़िन'। अबू ईसा ने कहा: यह हदीस हसन शाही है। ई हदीस अज़ जुहरी से अली बिन अल हुसैन से इब्न अब्बास से [कुछ अंसार] से भी रिवायित कीन गा रहा, उइ कहिन: हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास रहेन तब इब्न अब्बास ने अपने अर्थ के साथ एक समान हदीस का जिक्र किहिन। हमसे अइसे कहिन है कि [अल हुसैन बिन हुरैत्स] हमसे कहिन हैं [अल वालिद बिन मुस्लिम] हमसे [अल औजाई] कहिन हैं।