Hadith Representative
Perintah memerangi manusia hingga mereka berzakat
Imam Bukhari : 1312حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ الْحَكَمُ بْنُ نَافِعٍ أَخْبَرَنَا شُعَيْبُ بْنُ أَبِي حَمْزَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُقَالَ لَمَّا تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكَانَ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَكَفَرَ مَنْ كَفَرَ مِنْ الْعَرَبِ فَقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ كَيْفَ تُقَاتِلُ النَّاسَ وَقَدْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُمِرْتُ أَنْ أُقَاتِلَ النَّاسَ حَتَّى يَقُولُوا لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ فَمَنْ قَالَهَا فَقَدْ عَصَمَ مِنِّي مَالَهُ وَنَفْسَهُ إِلَّا بِحَقِّهِ وَحِسَابُهُ عَلَى اللَّهِ فَقَالَ وَاللَّهِ لَأُقَاتِلَنَّ مَنْ فَرَّقَ بَيْنَ الصَّلَاةِ وَالزَّكَاةِ فَإِنَّ الزَّكَاةَ حَقُّ الْمَالِ وَاللَّهِ لَوْ مَنَعُونِي عَنَاقًا كَانُوا يُؤَدُّونَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَقَاتَلْتُهُمْ عَلَى مَنْعِهَاقَالَ عُمَرُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَوَاللَّهِ مَا هُوَ إِلَّا أَنْ قَدْ شَرَحَ اللَّهُ صَدْرَ أَبِي بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَعَرَفْتُ أَنَّهُ الْحَقُّ
हमसे कहिन है [अबू अल यामन अल हकाम बिन नफी] हमसे [स्युएब बिन अबू हमजाह] से [अज जुहरी] हमसे कहिन हैं [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबाह बिन मसूद] कि [अबू हुरैराह रदलियाहु अन्हू] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मरय के बाद अऊर फिर अबू बकर रदलियाल्लाहु अनहू के खलीफा बनय के बाद, कुछ अरब लोग काफिर होवे मा लौटि आए - अनिच्छा से जकात देत -। त - जब अबू बकर रदलियाअल्लाहु अन्हू ओनसे लड़ै चाहत रहें -, [उमर बिन अल खथब] रदलियालाहु अन्हू ने पूछा: 'तुम लोगन से कैसे लड़ सकत हौ जब अल्लाह के रसूल शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा है: 'मुझे आदेश मिला कि तब तक लोगन से लड़ौ जब तक कि उ ला इलाह इल्लाह न कह दे। तौ जे कहिस है ओकर मतलब है कि ओकर खून अऊर धन ओकरे अधिकार के अलावा मुझसे सुरक्षित रही, जबकि हिसाब अल्लाह के पास है'। त [अबू बकर अश-शिदिक रदलियाअल्लाहु अन्हू] ने कहा: 'अल्लाह कसम, मैं निश्चित रूप से नमाज अऊर जकात के दायित्व का अलग करै वाले से लड़ब, काहे से कि जकात एक संपत्ति का अधिकार है। अल्लाह के कसम, अगर उ लोग उ बकरी के बच्चा के भुगतान करै से हिचकिचात हैं जेका उ लोग पहिले रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का सौंप दिहिन रहैं, तौ मैं निश्चित रूप से उ हिचकिचाहट के कारण ओनसे लड़ब'। उमर बिन अल खथब रदलियाअल्लाहु अन्हू ने कहा: 'अल्लाह के कसम, उनकी दृढ़ता और कोई नहीं बल्कि अल्लाह ने अबू बकर ऐश-शिदीक रदलियाअल्लाहु अन्हू का दिल खोल दिया है और मुझे एहसास हुआ कि उ वाकई सही रहे'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 64, 112, 232, 317, 7816, 8188, 8630, 9109, 9284, 9771, 9864, 10114, 10402, 10420, 12583, 12869, 13627, 13693, 14033, 14123, 14705, 15573, 15576
Imam Bukhari : 24, 379, 1312, 2727, 6413, 6741
Imam Muslim : 29, 30, 31, 32, 33, 34
Imam Abu Dawud : 1331, 2270, 2271
Imam Tirmidzi : 2531, 2532, 2533, 3264
Imam Nasa'i : 2400, 3040, 3041, 3042, 3043, 3044, 3904, 3906, 3907, 3908, 3909, 3910, 3911, 3912, 3913, 3914, 3915, 3916, 3917, 3918
Imam Ibnu Majah : 70, 71, 3917, 3918
Imam Darimi : 2338