Hadith Representative
Asal muasal lafadz adzan dan iqamah: abdullah bin zaid diperlihatkan tentang kalimat kalimat adzan dalam mimpi
Imam Tirmidzi : 174حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ الْأُمَوِيُّ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَقَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ الْحَارِثِ التَّيْمِيِّ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَلَمَّا أَصْبَحْنَا أَتَيْنَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْبَرْتُهُ بِالرُّؤْيَا فَقَالَ إِنَّ هَذِهِ لَرُؤْيَا حَقٍّ فَقُمْ مَعَ بِلَالٍ فَإِنَّهُ أَنْدَى وَأَمَدُّ صَوْتًا مِنْكَ فَأَلْقِ عَلَيْهِ مَا قِيلَ لَكَ وَلْيُنَادِ بِذَلِكَ قَالَ فَلَمَّا سَمِعَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ نِدَاءَ بِلَالٍ بِالصَّلَاةِ خَرَجَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَجُرُّ إِزَارَهُ وَهُوَ يَقُولُ يَا رَسُولَ اللَّهِ وَالَّذِي بَعَثَكَ بِالْحَقِّ لَقَدْ رَأَيْتُ مِثْلَ الَّذِي قَالَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلِلَّهِ الْحَمْدُ فَذَلِكَ أَثْبَتُقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَى هَذَا الْحَدِيثَ إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَقَ أَتَمَّ مِنْ هَذَا الْحَدِيثِ وَأَطْوَلَ وَذَكَرَ فِيهِ قِصَّةَ الْأَذَانِ مَثْنَى مَثْنَى وَالْإِقَامَةِ مَرَّةً مَرَّةً وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ زَيْدٍ هُوَ ابْنُ عَبْدِ رَبِّهِ وَيُقَالُ ابْنُ عَبْدِ رَبٍّ وَلَا نَعْرِفُ لَهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَيْئًا يَصِحُّ إِلَّا هَذَا الْحَدِيثَ الْوَاحِدَ فِي الْأَذَانِ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ زَيْدِ بْنِ عَاصِمٍ الْمَازِنِيُّ لَهُ أَحَادِيثُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ عَمُّ عَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ
हमरा सभकेँ कहने छथि [सैद बिन याह्या बिन सईद अल उमावी] कहलनि; हमरा सभकेँ कहने छथि [हमर पिता] कहलनि; हमरा सब के [मुहम्मद बिन इशक] के [मुहम्मद बिन इब्राहिम अल हरित्स एट तैमी] स [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन जैद] स [अपन पिता] स कहलक अछि; 'एक दिन भोरे हम सब रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम लग गेलहुं, हम तखन हुनका अपन सपना के बारे में कहलियनि, ओ तखन कहलनि: 'ई सच्चा सपना अछि, तें बिलाल के संग ठाढ़ रहू, कारण ओकर आवाज अहां सं बेसी तेज आ नमहर अछि, ओकरा कहि दियौक जे अहाँ की कहलहुं - सपना देखलहुं -, ओकरा कहि दियौ जे एहि सं चिचियाह'।' अब्दुल्ला बिन जैद कहलनि; 'जखन उमर बिन अल खथथब बिलाल के आवाज सुनलनि त ओ अपन सरोंग ल क रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वस्लाम स भेंट करय लेल निकललाह, तखन ओ कहलनि; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, जे अहाँ के सच्चाई के संग पठौलनि, हुनकर द्वारा हमहूँ सपना देखने छी जेना ओ कहलनि'। अब्दुल्ला बिन जैद कहलनि; 'त' अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'सब स्तुति अल्लाह के अछि, तखन ई आओर मजबूत होयत'। ओ कहलनि; 'एहि अध्याय मे इब्न उमर सँ सेहो इतिहास अछि' | अबू ईसा कहलनि; 'अब्दुल्लाह बिन जैद केरऽ ई हदीस हसन प्रामाणिक छै ।' [इब्राहिम बिन सअद] न॑ [मुहम्मद बिन इशाक] स॑ ई हदीस क॑ अधिक सिद्ध आरू लम्बा लफाज के साथ बतैन॑ छै । हदीस में कहल गेल अछि जे नमाज के आह्वान दू बेर-दू बेर होइत अछि, जखन कि इकमाह एक बेर-एक बेर होइत अछि'। अब्दुल्लाह बिन जैद इब्न अब्दु रब्बी छै, आरू इब्नू अब्दु रब्बी भी कहलऽ जाय छै । आरू हम्में हुनका स॑ कहियो भी कोनो सच्चे हदीस नै जानलऽ छेलियै जे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ रिवायत होय छै, एकरा अलावा ई नमाज स॑ संबंधित हदीस के अलावा । जबकि अब्दुल्लाह बिन जैद बिन अशिम अल मज़िनी के पास पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ रिवायत कई हदीस छै । ओ अब्बाद बिन तमीम के मामा छलाह।