Imam Tirmidzi : 1654
حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ مَنْصُورٍ أَخْبَرَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنْ أُمِّ الْحَسَنِ أَنَّ أُمَّ سَلَمَةَ حَدَّثَتْهُمْأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَبَّرَ لِفَاطِمَةَ شِبْرًا مِنْ نِطَاقِهَاقَالَ أَبُو عِيسَى وَرَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ أُمِّهِ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ وَفِي هَذَا الْحَدِيثِ رُخْصَةٌ لِلنِّسَاءِ فِي جَرِّ الْإِزَارِ لِأَنَّهُ يَكُونُ أَسْتَرَ لَهُنَّ
इसने सानु दस्सेया है [इशाक बिन मंशूर] ने आख्या है, इसने सानु दस्सेया है [अफ्फान] ने कहा, इसने सानु [हम्मद बिन सलामाह] [अली बिन जैद] से [उम्मूल हसन] से बताया है कि [उम्मूल हसन] ने उन्हें बताया है, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फातिमा को राहत दे दी कि कमर बन्ने कपड़े दा इक इंच लंबा कर दे। अबू ईसा ने आख्या, 'कुछ हदीस दे माहिर [हम्मद बिन सलामाह] तों, [अली बिन जैद] तों, [अल हसन] तों, [उसदी मां] तों, [उम्मू सलामाह] तों रिवायत करदे हन। इस हदीस च महिलाएं गी अपने सरोंग गी लंबा करने च राहत ऐ - जदूं तकर ओह जमीन नेईं झाड़ू -, कीजे इस कन्नै उंदे निजी अंगें गी बेहतर ढंगै कन्नै ढक सकदा ऐ'।