Hadith Representative
larangan perang 1.ingin jima' 2. belum selesai bangun 3. kambingnnya melahirkan
Imam Bukhari : 2892حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ مَعْمَرٍ عَنْ هَمَّامِ بْنِ مُنَبِّهٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ غَزَا نَبِيٌّ مِنْ الْأَنْبِيَاءِ فَقَالَ لِقَوْمِهِ لَا يَتْبَعْنِي رَجُلٌ مَلَكَ بُضْعَ امْرَأَةٍ وَهُوَ يُرِيدُ أَنْ يَبْنِيَ بِهَا وَلَمَّا يَبْنِ بِهَا وَلَا أَحَدٌ بَنَى بُيُوتًا وَلَمْ يَرْفَعْ سُقُوفَهَا وَلَا أَحَدٌ اشْتَرَى غَنَمًا أَوْ خَلِفَاتٍ وَهُوَ يَنْتَظِرُ وِلَادَهَا فَغَزَا فَدَنَا مِنْ الْقَرْيَةِ صَلَاةَ الْعَصْرِ أَوْ قَرِيبًا مِنْ ذَلِكَ فَقَالَ لِلشَّمْسِ إِنَّكِ مَأْمُورَةٌ وَأَنَا مَأْمُورٌ اللَّهُمَّ احْبِسْهَا عَلَيْنَا فَحُبِسَتْ حَتَّى فَتَحَ اللَّهُ عَلَيْهِ فَجَمَعَ الْغَنَائِمَ فَجَاءَتْ يَعْنِي النَّارَ لِتَأْكُلَهَا فَلَمْ تَطْعَمْهَا فَقَالَ إِنَّ فِيكُمْ غُلُولًا فَلْيُبَايِعْنِي مِنْ كُلِّ قَبِيلَةٍ رَجُلٌ فَلَزِقَتْ يَدُ رَجُلٍ بِيَدِهِ فَقَالَ فِيكُمْ الْغُلُولُ فَلْيُبَايِعْنِي قَبِيلَتُكَ فَلَزِقَتْ يَدُ رَجُلَيْنِ أَوْ ثَلَاثَةٍ بِيَدِهِ فَقَالَ فِيكُمْ الْغُلُولُ فَجَاءُوا بِرَأْسٍ مِثْلِ رَأْسِ بَقَرَةٍ مِنْ الذَّهَبِ فَوَضَعُوهَا فَجَاءَتْ النَّارُ فَأَكَلَتْهَا ثُمَّ أَحَلَّ اللَّهُ لَنَا الْغَنَائِمَ رَأَى ضَعْفَنَا وَعَجْزَنَا فَأَحَلَّهَا لَنَا
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल 'आला'] हमसे [इब्नू अल मुबारक] से [ममर] से [हम्मम बिन मुनब्बिह] से [अबू हुरैरा रदलियाअल्लाहु अनहू] कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'नबियन मा एक पैगम्बर रहे जे युद्ध लड़िन अऊर अपने लोगन से कहिन; 'मोरे पीछे न चलौ, जे अभी-अभी एक औरत से शादी किहिस है अऊर उ ओकरे साथ यौन संबंध बनावै चाहत है काहे से कि उ पहिली रात से ओकरे साथ यौन सम्बन्ध नाहीं रखे है, अऊर जे घर बनावत है अऊर उ छत नाहीं लगाइस है, अऊर जे जानवर के बच्चा पैदा करै के इंतजार करत समय गर्भवती बकरी या ऊँट खरीदत है, ओका न करौ'। तौ पैगम्बर युद्ध मा चले गें अऊर जब उ लगभग एक गाँव के पास पहुँचे रहे, तौ असर के नमाज का समय आवा या उहै समय के आसपास अऊर पैगम्बर सूरज से कहिन; 'तुम एक नौकर हो जेका आदेश मिला है अऊर हम एक नौकर हई जेका आदेश मिला है। हे अल्लाह ई सूरज का हमरे लिए धारण करा। यहिसे सूरज अटक गा रहा - घूमब बंद होइगा - जब तक कि अल्लाह पैगम्बर का जीत नाहीं दिहिस। फिर पैगम्बर ने घनिमा इकट्ठा किहिन अऊर कुछ देर बाद आग ओका भस्म करै आई - ओका जलावा - लेकिन आग ओका भस्म नाहीं कइ पाइस। त पैगम्बर कहिन; 'वास्तव में तोहरे बीच कुछ अइसन हैं जे धोखा देत हैं - घनिमा चोरी करत हैं - यहि कारन से, हर जनजाति से कोई न कोई मोर प्रति निष्ठा करै। फिर नबी के हाथ से एक आदमी का हाथ जुड़ा रहा - हाथ मिला रहा था और नबी ने कहा ; 'तोहरे जनजाति मा घनिमा चोरावै वाले लोग हैं, तौ तोहार जनजाति मोरे प्रति निष्ठा लेय।' तो कबीले के दो तीन आदमियों के हाथ नबी के हाथ से मिल गए और नबी ने कहा; 'तुम्हारे जनजाति के बीच घनिमा चोरने वाले लोग हैं'। सो गाय के मूड़े जितना बड़ा सोना लइके आये अउर धइ दिहिन।' तब आगि आइके जला दिहिस। फिर अल्लाह ने हमरे लिए घनिमाह का हलाल बनावा काहे से कि अल्लाह ने हमरे कमजोरी अऊर अक्षमता का देखिन तौ उ हमरे लिए हलाल बनाइन'।