प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1629
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ قَالَ رَمَى عَبْدُ اللَّهِمِنْ بَطْنِ الْوَادِي فَقُلْتُ يَا أَبَا عَبْدِ الرَّحْمَنِ إِنَّ نَاسًا يَرْمُونَهَا مِنْ فَوْقِهَا فَقَالَ وَالَّذِي لَا إِلَهَ غَيْرُهُ هَذَا مَقَامُ الَّذِي أُنْزِلَتْ عَلَيْهِ سُورَةُ الْبَقَرَةِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَوَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْوَلِيدِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ بِهَذَا
[मुहम्मद बिन कसीर] ने हमें [सुफ़यान] को [अल अमाश] से [इब्राहिम] से [अब्दुर्रहमान बिन यज़ीद] से वर्णित किया, जिन्होंने कहा: "[अब्दुल्ला] ने घाटी के नीचे से पत्थर फेंके, फिर मैंने पूछा: "हे अब्दुर्रहमान, लोग (घाटी के) ऊपर से पत्थर फेंकते हैं?" तो उन्होंने कहा: "उसके अलावा कोई भगवान नहीं है, यह स्थान उस व्यक्ति का स्थान है जिस पर सूरह अल बक़रा का खुलासा हुआ था, अर्थात् मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम"। और कहा, [अब्दुल्ला बिन अल वालिद] ने हमसे [सुफ़यान] ने हमसे [अल अमाश] इस तरह की हदीस वर्णित की है"।