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Siapa memulai perbuatan baik di islam, akan dapat pahala yang mencontoh perbuatan itu, tanpa mengurangi pahala mereka sedikitpun dan sebaliknya
Imam Nasa'i : 2507أَخْبَرَنَا أَزْهَرُ بْنُ جَمِيلٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ وَذَكَرَ عَوْنَ بْنَ أَبِي جُحَيْفَةَ قَالَ سَمِعْتُ الْمُنْذِرَ بْنَ جَرِيرٍ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ قَالَكُنَّا عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي صَدْرِ النَّهَارِ فَجَاءَ قَوْمٌ عُرَاةً حُفَاةً مُتَقَلِّدِي السُّيُوفِ عَامَّتُهُمْ مِنْ مُضَرَ بَلْ كُلُّهُمْ مِنْ مُضَرَ فَتَغَيَّرَ وَجْهُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِمَا رَأَى بِهِمْ مِنْ الْفَاقَةِ فَدَخَلَ ثُمَّ خَرَجَ فَأَمَرَ بِلَالًا فَأَذَّنَ فَأَقَامَ الصَّلَاةَ فَصَلَّى ثُمَّ خَطَبَ فَقَالَ{ يَا أَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمْ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ نَفْسٍ وَاحِدَةٍ وَخَلَقَ مِنْهَا زَوْجَهَا وَبَثَّ مِنْهُمَا رِجَالًا كَثِيرًا وَنِسَاءً وَاتَّقُوا اللَّهَ الَّذِي تَسَاءَلُونَ بِهِ وَالْأَرْحَامَ إِنَّ اللَّهَ كَانَ عَلَيْكُمْ رَقِيبًا }وَ{ اتَّقُوا اللَّهَ وَلْتَنْظُرْ نَفْسٌ مَا قَدَّمَتْ لِغَدٍ }تَصَدَّقَ رَجُلٌ مِنْ دِينَارِهِ مِنْ دِرْهَمِهِ مِنْ ثَوْبِهِ مِنْ صَاعِ بُرِّهِ مِنْ صَاعِ تَمْرِهِ حَتَّى قَالَ وَلَوْ بِشِقِّ تَمْرَةٍ فَجَاءَ رَجُلٌ مِنْ الْأَنْصَارِ بِصُرَّةٍ كَادَتْ كَفُّهُ تَعْجِزُ عَنْهَا بَلْ قَدْ عَجَزَتْ ثُمَّ تَتَابَعَ النَّاسُ حَتَّى رَأَيْتُ كَوْمَيْنِ مِنْ طَعَامٍ وَثِيَابٍ حَتَّى رَأَيْتُ وَجْهَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَهَلَّلُ كَأَنَّهُ مُذْهَبَةٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ سَنَّ فِي الْإِسْلَامِ سُنَّةً حَسَنَةً فَلَهُ أَجْرُهَا وَأَجْرُ مَنْ عَمِلَ بِهَا مِنْ غَيْرِ أَنْ يَنْقُصَ مِنْ أُجُورِهِمْ شَيْئًا وَمَنْ سَنَّ فِي الْإِسْلَامِ سُنَّةً سَيِّئَةً فَعَلَيْهِ وِزْرُهَا وَوِزْرُ مَنْ عَمِلَ بِهَا مِنْ غَيْرِ أَنْ يَنْقُصَ مِنْ أَوْزَارِهِمْ شَيْئًا
हमका [अजहर बिन जमील] सूचित कइके उ कहिन; हमसे कहिन [खालिद बिन अल हरिथ] उ कहिन; हमका [शुबा] बताइके उ कहिन; -अऊर उ ['औन बिन अबू जुहैफा] का जिक्र किहिन, - उ कहिन; हम [अल मुंडज़िर बिन जरीर] का [अपने पिता] से बतावत सुने रहेन कि उ कहिन; 'हम दिन मा एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे रहेन, अचानक लोगन के एक टोली नंगे पाँव आइन अऊर आपन तलवार लटका दिहिन। ओनमा से अधिकांश - इहाँ तक कि ओनमा से सब - मुडलर सर्कल से हैं। तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का चेहरा ओनमा देखे गए गरीबी के कारण बदल गा। फिर बाहर आके बिलाल से कहिन कि अज़ान कहौ, फिर नमाज पढ़ौ। फिर उ नमाज पढ़िन अऊर ओकरे बाद उ एक उपदेश दिहिन अऊर कहिन: 'हे लोग, अपने प्रभु से डरौ जे तोहका एक व्यक्ति से बनाइन, अऊर ओनसे अल्लाह आपन पत्नी बनाइन; अऊर ओन दुइनौ से अल्लाह बहुत पुरुष अऊर औरत पैदा किहिन। अऊर अल्लाह से डरौ, जेकरे नाम से तुम एक दूसरे से पूछत हौ, अऊर दोस्ताना संबंधन मा। दरअसल, अल्लाह हमेशा आप पर नजर रखत है अऊर आप पर नजर रखत है अन्नीसा: 1. हे इमानदार लोग, अल्लाह से डरौ अऊर सबका ध्यान दें कि उ कल के लिए का किहिन है अल हसीर: 18. फिर कहिन: 'एक मनई अपने दीनार, या अपने दिरहम, या अपने कपड़ा, या एक शा गेहूं, या एक शा खजूर से दान देत है, जब तक कि ऊ न कहे; तारीख के एक टुकड़ा के साथ भी'। तब अंसारन मा से कोई एक गठरी सामान लइके आवा जवन ऊ अपने साथ लइके आवा रहा, मानो अब ऊ ओनका ढोय नाहीं पावत रहा। जब तक दुई बोरा खाना अउर कपड़ा देखिन तबै तक मड़ई आवत रहैं। हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के चेहरा का भी सोने के चमक के तरह खुशी से चमकत देखेन। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जे इस्लाम मा अच्छा मिसाल कायम करत है, तौ ओकरे लिए इनाम अऊर इनाम है, जे आपन इनाम जरा भी कम किहे बिना ई अच्छा मिसाल का अभ्यास करत हैं। अऊर जे इस्लाम मा बुरा उदाहरण कायम करत है, तौ ओकरे लिए पाप है अऊर ओन लोगन के पाप है जे आपन पाप का जरा भी कम किहे बिना ई बुरा उदाहरण का अभ्यास करत हैं'।