हदीस
Doa menjelang tidur: ALLAHUMMA INNAKA KHALAQTA NAFSI WA ANTA TAWAFFAAHAA LAKA MAMATUHA …
Imam Muslim : 4887حَدَّثَنَا عُقْبَةُ بْنُ مُكْرَمٍ الْعَمِّيُّ وَأَبُو بَكْرِ بْنُ نَافِعٍ قَالَا حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ خَالِدٍ قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الْحَارِثِ يُحَدِّثُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ أَنَّهُ أَمَرَ رَجُلًا إِذَا أَخَذَ مَضْجَعَهُ قَالَ اللَّهُمَّ خَلَقْتَ نَفْسِي وَأَنْتَ تَوَفَّاهَا لَكَ مَمَاتُهَا وَمَحْيَاهَا إِنْ أَحْيَيْتَهَا فَاحْفَظْهَا وَإِنْ أَمَتَّهَا فَاغْفِرْ لَهَا اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَافِيَةَ فَقَالَ لَهُ رَجُلٌ أَسَمِعْتَ هَذَا مِنْ عُمَرَ فَقَالَ مِنْ خَيْرٍ مِنْ عُمَرَ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ ابْنُ نَافِعٍ فِي رِوَايَتِهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ وَلَمْ يَذْكُرْ سَمِعْتُ
हमनी के बतावल गइल बा [‘उकबाह बिन मुक्रम अल ‘अम्मी] आ [अबू बकर बिन नाफी’] ऊ दुनु जने कहले कि; हमनी से [घुंदर] [खालिद] से हमनी के [शु'बाह] के बतवले बाड़े उ कहले; हम सुनले रहनी कि [अब्दुल्लाह बिन अल हरिथ] [अब्दुल्लाह बिन उमर] से कहत रहले कि उ एक बेर केहू के आदेश देले रहले जवन सुते वाला रहे कि उ एगो नमाज पढ़े; 'अल्लूहुम्मा खोलाक्ता नफसी, वा अंता तवाफ्फाआहा लका, ममातुहा वामाह्याआहा, इन-अह्याताहा फहफज-हा वैन अमत्तहा फगफिरलाहा, अल्लाहुम्मा इन्नी अस-औलका अल'आफियाता 'हे अल्लाह, तू हमरा के रचले बाड़ू आ तू ही हमरा के मार देबऽ। हमार मौत आ हमार जान खाली तोहरा खातिर बा। अगर तू हमरा के जिंदा करऽ त हमार ख्याल राखऽ। आ अगर तू हमरा के मार देबऽ त हमरा के माफ करऽ। हे अल्लाह, हम रउआ से पूरा स्वास्थ्य के मांग करतानी'। अब्दुल्ला बिन उमर से एक बेर केहू पूछले रहे कि; 'हे अब्दुल्ला, उमर से ई दुआ सुनले बाड़ू? ' अब्दुल्ला बिन उमर जवाब दिहले; 'हमरा उमर से भी श्रेष्ठ आ श्रेष्ठ केहू से मिलल बा, यानी अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम'। इब्न नाफी’ अब्दुल्लाह बिन अल हरिथ से अपना रिवायत में बिना शब्दावली के जिक्र कइले कहले बाड़न; 'सामी'तु - सुनले बानी -।