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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Sumpah, Nadzar dan Persaksian Bai’at Bai'at Dlimadl bersumpah setia dengan anda untuk memeluk islam
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Bai'at Dlimadl bersumpah setia dengan anda untuk memeluk islam
Imam Nasa'i : 1560

أَخْبَرَنَا عُتْبَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ فِي خُطْبَتِهِ يَحْمَدُ اللَّهَ وَيُثْنِي عَلَيْهِ بِمَا هُوَ أَهْلُهُ ثُمَّ يَقُولُ مَنْ يَهْدِهِ اللَّهُ فَلَا مُضِلَّ لَهُ وَمَنْ يُضْلِلْهُ فَلَا هَادِيَ لَهُ إِنَّ أَصْدَقَ الْحَدِيثِ كِتَابُ اللَّهِ وَأَحْسَنَ الْهَدْيِ هَدْيُ مُحَمَّدٍ وَشَرُّ الْأُمُورِ مُحْدَثَاتُهَا وَكُلُّ مُحْدَثَةٍ بِدْعَةٌ وَكُلُّ بِدْعَةٍ ضَلَالَةٌ وَكُلُّ ضَلَالَةٍ فِي النَّارِ ثُمَّ يَقُولُ بُعِثْتُ أَنَا وَالسَّاعَةُ كَهَاتَيْنِ وَكَانَ إِذَا ذَكَرَ السَّاعَةَ احْمَرَّتْ وَجْنَتَاهُ وَعَلَا صَوْتُهُ وَاشْتَدَّ غَضَبُهُ كَأَنَّهُ نَذِيرُ جَيْشٍ يَقُولُ صَبَّحَكُمْ مَسَّاكُمْ ثُمَّ قَالَ مَنْ تَرَكَ مَالًا فَلِأَهْلِهِ وَمَنْ تَرَكَ دَيْنًا أَوْ ضَيَاعًا فَإِلَيَّ أَوْ عَلَيَّ وَأَنَا أَوْلَى بِالْمُؤْمِنِينَ

हमका [उतबाह बिन अब्दुल्लाह] सूचित कइके उ कहिन; हमका [इब्नुल मुबारक] [सुफयान] से [जाफर बिन मुहम्मद] से [अपने पिता] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; 'जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उपदेश दिया तो उन्होंने उन चीजों से अल्लाह का स्तुति और स्तुति की, जो उनकी हकदार हैं, फिर कहा: 'जिसे अल्लाह से मार्गदर्शन हुआ है, तब कोई उसे भटकाव नहीं कर सकता। जिसको अल्लाह गुमराह किया है, तब कोई हिदायत नहीं कर सकत सबसे सच्चा शब्द अल्लाह के किताब - कुरान - हैं, सबसे अच्छा मार्गदर्शन मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का मार्गदर्शन है, अऊर सबसे भद्दा अऊर भद्दा चीजें नई चीजें हैं, हर नई चीज एक पाखंड है अऊर हर पाखंड एक विचलन है, अऊर हर विचलन नरक मा है'। तब ऊ फिर कहिस कि 'जब मोका भेजा गा रहा, तब मोरे अउर क़यामत के बीच के दूरी दुइ अंगुली के दूरी के समान रही'। जब ऊ क़यामत के जिक्र करत है, तौ ओकर गाल लाल होइ जात हैं, ओकर आवाज उठ जात है, अऊर ओकर गुस्सा बढ़ जात है, मानो ऊ सैनिकन का चेतावनी देत ​​होय। उ कहिन: 'अपने सुबह अऊर शाम का सावधान रहौ'। जे धन छोड़त है, ऊ अपने परिवार के लिए है अऊर जे कर्ज छोड़त है या कुछ खो जात है, ऊ मोर लिए है। मैं विश्वासियन का रक्षक हउँ''।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 2613, 14455
Imam Muslim : 1436
Imam Nasa'i : 1560, 3226
Imam Ibnu Majah : 1882, 1883