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Nabi Ibrahim dan Ismail membangun Ka’bah dengan dasar tauhid
Imam Bukhari : 1483حَدَّثَنَا بَيَانُ بْنُ عَمْرٍو حَدَّثَنَا يَزِيدُ حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ رُومَانَ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَاأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَهَا يَا عَائِشَةُ لَوْلَا أَنَّ قَوْمَكِ حَدِيثُ عَهْدٍ بِجَاهِلِيَّةٍ لَأَمَرْتُ بِالْبَيْتِ فَهُدِمَ فَأَدْخَلْتُ فِيهِ مَا أُخْرِجَ مِنْهُ وَأَلْزَقْتُهُ بِالْأَرْضِ وَجَعَلْتُ لَهُ بَابَيْنِ بَابًا شَرْقِيًّا وَبَابًا غَرْبِيًّا فَبَلَغْتُ بِهِ أَسَاسَ إِبْرَاهِيمَ فَذَلِكَ الَّذِي حَمَلَ ابْنَ الزُّبَيْرِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا عَلَى هَدْمِهِ قَالَ يَزِيدُ وَشَهِدْتُ ابْنَ الزُّبَيْرِ حِينَ هَدَمَهُ وَبَنَاهُ وَأَدْخَلَ فِيهِ مِنْ الْحِجْرِ وَقَدْ رَأَيْتُ أَسَاسَ إِبْرَاهِيمَ حِجَارَةً كَأَسْنِمَةِ الْإِبِلِ قَالَ جَرِيرٌ فَقُلْتُ لَهُ أَيْنَ مَوْضِعُهُ قَالَ أُرِيكَهُ الْآنَ فَدَخَلْتُ مَعَهُ الْحِجْرَ فَأَشَارَ إِلَى مَكَانٍ فَقَالَ هَا هُنَا قَالَ جَرِيرٌ فَحَزَرْتُ مِنْ الْحِجْرِ سِتَّةَ أَذْرُعٍ أَوْ نَحْوَهَا
हमसे कहिन है [बयान बिन अमरू] हमसे कहिन है [यजीद] हमसे कहिन है [जरीर बिन हाजिम] हमसे [यजीद बिन रुमान] से [उर्वाह] से [ऐस्या रदलियाह अन्हा] से कहिन है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा: 'अगर ई आपके लोगन के अस्तित्व के लिए न होत जे अबहियों अज्ञानता के आदेश पर हैं, तो मैं कि बैतुल्लोह के काबा का उजाड़ दीन जाय अऊर फिर हम वहिमा से जवन निकाला गा रहा ओका डाल देब अऊर हम ओका - जवन दरवाजा अब वहिमा है - जमीन के सतह के बराबर बना देब, फिर हम पूरब के दरवाजा अऊर पश्चिम के दरवाजा का बना देब, तौ हम ओका उ नींव पर बनाब जवन पैगम्बर इब्राहिम अलैहिसलाम द्वारा बनावा गा रहा'। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के शब्दन का तब अब्दुल्लाह बिन अज़ जुबैर द्वारा बहाना के रूप मा इस्तेमाल कीन गा रहा ताकि उ इका तोड़ सकै। यजीद ने कहा: 'मैंने इब्न जुबैर को देखा जब उने इसे तोड़ दिया और फिर इसे फिर से बनाया, उन्होंने हिजिर इस्माइल का हिस्सा रखा और मैंने उ नींव देखी जो पैगम्बर इब्राहिम अलैहिसलालम ने ऊंट के कूबड़ जैसी चट्टानों के रूप में बनाई'। जरीर ने कहा: 'मैंने उनसे पूछा: 'उनका पद कहाँ है?'। ऊ कहिस: 'अब देखाय देब'। त हम उनके साथे अल हिजिर मा गयेन फिर उ एक जगह के ओर इशारा किहिन अऊर कहिन; 'ई पद है'। जरीर ने कहा: 'तब हम अल हिजिर से दूरी नापिन अऊर ई लगभग छह हाथ निकला'।