Hadith Representative
Diyat janin yang terbunuh dengan ghurrah yang ditanggung oleh pihak wanita yang membunuh
Imam Muslim : 3186حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الْحَنْظَلِيُّ أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عُبَيْدِ بْنِ نُضَيْلَةَ الْخُزَاعِيِّ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ قَالَ ضَرَبَتْ امْرَأَةٌ ضَرَّتَهَا بِعَمُودِ فُسْطَاطٍ وَهِيَ حُبْلَى فَقَتَلَتْهَا قَالَ وَإِحْدَاهُمَا لِحْيَانِيَّةٌ قَالَ فَجَعَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ دِيَةَ الْمَقْتُولَةِ عَلَى عَصَبَةِ الْقَاتِلَةِ وَغُرَّةً لِمَا فِي بَطْنِهَا فَقَالَ رَجُلٌ مِنْ عَصَبَةِ الْقَاتِلَةِ أَنَغْرَمُ دِيَةَ مَنْ لَا أَكَلَ وَلَا شَرِبَ وَلَا اسْتَهَلَّ فَمِثْلُ ذَلِكَ يُطَلُّ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَسَجْعٌ كَسَجْعِ الْأَعْرَابِ قَالَ وَجَعَلَ عَلَيْهِمْ الدِّيَةَ
हमसे कहिस है [इशाक बिन इब्राहिम अल हंझली] हमसे कहिस है [जरीर] से [मंसूर] से [इब्राहिम] से ['उबैद बिन नुदलैलाह अल खुजाई] से [मुघिराह बिन स्यू'बाह] उ कहिन, 'एक औरत अपने गर्भवती पति के शहद का टेंट पोल से तब तक मारिस जब तक कि उ मर नाहीं गवा - उ कहिन; दुइनौ मा से एक बानी लिहयान- से आवा रहा। स्यूबाह ने कहा, 'तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फैसला सुनाया कि 'जो मादा अशाबाह हत्या करत है, उहै दीयाह चुकावै का परी, अऊर गर्भ मा मरय वाले बच्चा के लिए फिरौती एक महँगा गुलाम चाहे ऊ नर होय या मादा, का आजाद करै से होत है'। तो हत्या करै वाली मेहरारू के अशाबा के एक आदमी कहिस कि जे न खात-पीत अउर न रोवत है, ओका दियात देय का चाही? ई बहुतै बर्बादी है!' त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'का तुम बेडौइन के तुकबंदी के तरह तुकबंदी करब?' स्यूबाह ने कहा, 'अंत मा उ अभी भी ओनके लिए दियात चुकावै का फैसला किहिन'।