Hadith Representative
Mewarnai jenggot dengan khaluq (kunyit dan wangi)
Imam Abu Dawud : 3542حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ الْقَعْنَبِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ يَعْنِي ابْنَ مُحَمَّدٍ عَنْ زَيْدٍ يَعْنِي ابْنَ أَسْلَمَأَنَّ ابْنَ عُمَرَ كَانَ يَصْبُغُ لِحْيَتَهُ بِالصُّفْرَةِ حَتَّى تَمْتَلِئَ ثِيَابُهُ مِنْ الصُّفْرَةِ فَقِيلَ لَهُ لِمَ تَصْبُغُ بِالصُّفْرَةِ فَقَالَ إِنِّي رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَصْبُغُ بِهَا وَلَمْ يَكُنْ شَيْءٌ أَحَبُّ إِلَيْهِ مِنْهَا وَقَدْ كَانَ يَصْبُغُ ثِيَابَهُ كُلَّهَا حَتَّى عِمَامَتَهُ
हमसे कहिन है [अब्दुल्ला बिन मसलामा अल का'नाबी] कहिन, हमसे कहिन हैं [अब्दुल अजीज] -मतलब अब्दुल अजीज इब्नू मुहम्मद- [जैद] से -मतलब जैद बिन असलम- उ कहिन, '[इबनू उमर] एक बार आपन दाढ़ी पीला रंगिन -वारस अऊर ज'फारन- जब तक कि उनकर कपड़ा पीला न होइ गवा। फिर ओसे कहा गा कि 'तुमने ईका पीला काहे रंगा?' उ जवाब दिहिन, 'काहे से कि हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का उ रंग से रंगत देखेन, अऊर उ रंग के अलावा उनका कुछौ पसंद नाहीं रहा। अपने कपड़ा अऊर पगड़ी का भी वहि रंग से रंग दिहिन।'