Hadith Representative
Abdullah bin Mas’ud
Imam Ahmad : 3792حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ وَحَسَنُ بْنُ مُوسَى قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ عَاصِمٍ عَنْ زِرِّ بْنِ حُبَيْشٍ عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ أَنَّهُ كَانَ يَجْتَنِي سِوَاكًا مِنْ الْأَرَاكِ وَكَانَ دَقِيقَ السَّاقَيْنِ فَجَعَلَتْ الرِّيحُ تَكْفَؤُهُ فَضَحِكَ الْقَوْمُ مِنْهُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِمَّ تَضْحَكُونَ قَالُوا يَا نَبِيَّ اللَّهِ مِنْ دِقَّةِ سَاقَيْهِ فَقَالَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَهُمَا أَثْقَلُ فِي الْمِيزَانِ مِنْ أُحُدٍ
हमका बतावा गा है कि [अब्दुश शमाद] अऊर [हसन बिन मूसा] दुइनौ कहिन; हमका [हम्मद] से [अशिम] से [जिर्र बिन हुबैसी] से [इब्न मसूद] से बतावा गा है कि उ अरक के पेड़ से मिसवाक चुनिन अऊर उनके पास छोट-छोट बछड़ा रहे, अचानक हवा उनके गोड़न का उजागर कइ दिहिस अऊर लोग उनके ऊपर हँसिन। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा कि क्या हँस रहे हो? उइ जवाब दिहिन; हे नबीयूल्लाह, हम उनके छोटे बछड़न पर हँसे, तौ उ कहिन: 'उसके कसम जेकरे हाथ मा मोर आत्मा है, ओकर दुइ बछड़ा वाकई उहुद पर्वत से भारी हैं'।