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Hanya berkumur saja ketika setelah memakan sawiq
Imam Bukhari : 5034حَدَّثَنَا عَلِيٌّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ سَمِعْتُ يَحْيَى بْنَ سَعِيدٍ عَنْ بُشَيْرِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ سُوَيْدِ بْنِ النُّعْمَانِ قَالَخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى خَيْبَرَ فَلَمَّا كُنَّا بِالصَّهْبَاءِ دَعَا بِطَعَامٍ فَمَا أُتِيَ إِلَّا بِسَوِيقٍ فَأَكَلْنَا فَقَامَ إِلَى الصَّلَاةِ فَتَمَضْمَضَ وَمَضْمَضْنَاقَالَ يَحْيَى سَمِعْتُ بُشَيْرًا يَقُولُ حَدَّثَنَا سُوَيْدٌ خَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى خَيْبَرَ فَلَمَّا كُنَّا بِالصَّهْبَاءِ قَالَ يَحْيَى وَهِيَ مِنْ خَيْبَرَ عَلَى رَوْحَةٍ دَعَا بِطَعَامٍ فَمَا أُتِيَ إِلَّا بِسَوِيقٍ فَلُكْنَاهُ فَأَكَلْنَا مَعَهُ ثُمَّ دَعَا بِمَاءٍ فَمَضْمَضَ وَمَضْمَضْنَا مَعَهُ ثُمَّ صَلَّى بِنَا الْمَغْرِبَ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ وَقَالَ سُفْيَانُ كَأَنَّكَ تَسْمَعُهُ مِنْ يَحْيَى
हमसे कहिस है [अली] कहिस, हमसे कहिस है [सुफयान] हम [यह्या बिन सैद] [बुसैर बिन यासर] से [सुवैद बिन अन नूमान] से सुने रहेन, उ कहिन, 'हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे खैबर के ओर निकले रहेन, जब हम शाहबा पहुँचेन, तौ उ खाना तैयार करै का कहिन। अऊर ओका सविक -गेहूं के आटा पानी मा मिला के कुछौ नाहीं दीन गा रहा, तौ हम खाये रहेन। फिर उ प्रार्थना करै के लिए खड़ा भवा, उ आपन मुँह कुल्ला किहिन अऊर हम भी आपन मुँह कुल्ला किहिन'। याह्या कहिन; हम बुस्यार का कहत सुने रहेन; हमका बताइस है सुवैद कहिन, 'हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे खैबर के ओर निकले रहेन, जब हम शाहबा पहुँचेन` -यह्या कहिन; खैबर से दूरी कुछ मील ही रही, उ खाना बनावै के लिए कहिन। अऊर ओका सविक के अलावा कुछौ खाना नाहीं दीन गा रहा, हम फिर ओनके साथे खाना खाये रहेन। फिर उ पानी माँगिस, उ फिर आपन मुँह गराराइस अऊर हम ओकरे पीछे गरारा करै चले गयेन, फिर उ हमका मगरिब के नमाज मा लइ गें अऊर फिर वजू नाहीं किहिन।' सुफयान बोले, 'मुझे लगता है कि तुम याह्या से सुने हो'।