Hadith Representative
Hendaklah kamu berbuat lembut, karena tidaklah sikap lembut ada pada sesuatu kecuali menghiasinya dan tidaklah ia dicabut dari sesuatu kecuali akan menjadikannya buruk
Imam Abu Dawud : 4174حَدَّثَنَا عُثْمَانُ وَأَبُو بَكْرٍ ابْنَا أَبِي شَيْبَةَ وَمُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ الْبَزَّازُ قَالُوا حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَسَأَلْتُ عَائِشَةَ عَنْ الْبَدَاوَةِ فَقَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَبْدُو إِلَى هَذِهِ التِّلَاعِ وَإِنَّهُ أَرَادَ الْبَدَاوَةَ مَرَّةً فَأَرْسَلَ إِلَيَّ نَاقَةً مُحَرَّمَةً مِنْ إِبِلِ الصَّدَقَةِ فَقَالَ لِي يَا عَائِشَةُ ارْفُقِي فَإِنَّ الرِّفْقَ لَمْ يَكُنْ فِي شَيْءٍ قَطُّ إِلَّا زَانَهُ وَلَا نُزِعَ مِنْ شَيْءٍ قَطُّ إِلَّا شَانَهُ قَالَ ابْنُ الصَّبَّاحِ فِي حَدِيثِهِ مُحَرَّمَةٌ يَعْنِي لَمْ تُرْكَبْ
हमसे [उथमान] अऊर [अबू बकर] -अबू स्याबाह के दुइनौ बेटवा- अऊर [मुहम्मद बिन अश शब्बाह अल बज्जाज] से कहा गा है कि उइ कहिन; हमका [शरीक] से [अल मिक्दम बिन सुरैह] से [अपने पिता] से कहिन है, 'मैंने 'ऐस्याह से बेडौइन जीवन के बारे में पूछा। ['ऐस्याह] तब कहिन, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार बहुत पानी वाले क्षेत्र मा गए रहे - बेडौइन लोगन का एक क्षेत्र -, अऊर उ बेडौइन जीवन का अनुभव करै चाहत रहे। एक बार उन्होंने एक जकात ऊँट से एक ऊँट भेजी, जेहि पर कभी सवारी नाहीं कीन गै रही, तौ उ मोसे कहिन: 'हे ऐशा, कोमल रहौ। काहे से कि असल मा कोमल रवैया कउनौ चीज से तब तक जुड़ा नाहीं रहत जब तक कि ऊ सजावट न बन जाय, अउर जब तक बुराई प्रकट न होइ जाय तब तक ऊ कउनौ चीज से अलग नाहीं होत।' इब्न अश शब्बाह ने अपनी हदीस मा कहा है, 'मुहर्रमह का मतलब है कि कभी सवारी न कीन जाय'।