हदीस
Larangan bicara saat shalat: hingga turunlah ayat - dan berdirilah (shalatlah) kalian menghadap Allah dengan khusyu’ (QS. Al-Baqarah: 238)
Imam Bukhari : 1125حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى أَخْبَرَنَا عِيسَى هُوَ ابْنُ يُونُسَ عَنْ إِسْمَاعِيلَ عَنْ الْحَارِثِ بْنِ شُبَيْلٍ عَنْ أَبِي عَمْرٍو الشَّيْبَانِيِّ قَالَ قَالَ لِي زَيْدُ بْنُ أَرْقَمَإِنْ كُنَّا لَنَتَكَلَّمُ فِي الصَّلَاةِ عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُكَلِّمُ أَحَدُنَا صَاحِبَهُ بِحَاجَتِهِ حَتَّى نَزَلَتْ{ حَافِظُوا عَلَى الصَّلَوَاتِ وَالصَّلَاةِ الْوُسْطَى وَقُومُوا لِلَّهِ قَانِتِينَ }فَأُمِرْنَا بِالسُّكُوتِ
हमनी के बतवले बा [इब्राहिम बिन मूसा] हमनी के बतवले बाड़े ['ईसा] उ [इस्माइल] से यूनुस के बेटा हवें [अल हरिथ बिन शुबैल] से [अबू अमरू असी स्याबानी] से कहले बाड़े; [जैद बिन अरकाम] हमरा से कहले: 'वास्तव में हमनी के एक बेर नमाज के दौरान बात कईले रहनी जा जब तक कि हमनी में से केहु अपना दोस्त से ओकर जरूरत के बारे में बात ना कईलस जब तक कि तब तक अल्लाह तआला के वचन ना उतरल - सूरह अल बकरा में - 'अपना सभ नमाज अवुरी अल वुस्ता के नमाज के रखीं अवुरी नम्रता के संगे - नमाज में - अल्लाह खाती खड़ा रहीं''। -क्यूएस के बा। अल्बकरा, 238-, त हमनी के चुप रहे के आदेश दिहल गईल'।