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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Shalat Wajib dan Sunnah Adzan dan Iqamah Keutamaan muadzin: mengeraskan suara ketika adzan, kesaksian makhluk terhadap suara muadzin pada hari kiamat
हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Keutamaan muadzin: mengeraskan suara ketika adzan, kesaksian makhluk terhadap suara muadzin pada hari kiamat
Imam Nasa'i : 640

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْقَاسِمِ عَنْ مَالِكٍ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي صَعْصَعَةَ الْأَنْصَارِيُّ الْمَازِنِيُّ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ قَالَ لَهُإِنِّي أَرَاكَ تُحِبُّ الْغَنَمَ وَالْبَادِيَةَ فَإِذَا كُنْتَ فِي غَنَمِكَ أَوْ بَادِيَتِكَ فَأَذَّنْتَ بِالصَّلَاةِ فَارْفَعْ صَوْتَكَ فَإِنَّهُ لَا يَسْمَعُ مَدَى صَوْتِ الْمُؤَذِّنِ جِنٌّ وَلَا إِنْسٌ وَلَا شَيْءٌ إِلَّا شَهِدَ لَهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ قَالَ أَبُو سَعِيدٍ سَمِعْتُهُ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमनी के [मुहम्मद बिन सलामाह] के जानकारी देले बा उ कहले कि; [मलिक] से हमनी के [इब्नुल कासिम] के रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; हमरा के [‘अब्दुररहमान बिन अब्दुल्लाह बिन ‘अब्दुररहमान बिन अबू शा’शा’ आह अल-अंसारी अल-मजीनी] [उनकर पिता] से बतवले बाड़े कि उ उनुका के सूचित कईले रहले कि [अबू सैद अल-खुदरी] उनुका से कहले रहले; 'हम तहरा के बकरी आ गाँव नियर देखत बानी।' अगर रउरा बकरी के समूह में बानी भा अपना गाँव में बानी त नमाज के आह्वान करीं आ आवाज उठाईं. दरअसल, नमाज के आवाज़ जिन्न, इंसान अवुरी कुछूओ नईखे सुन सकत लेकिन - उ - क़यामत के दिन एकर गवाह होईहे'। अबू सईद अल खुदरी कहले कि; 'हम रसुलुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुनले बानी'।

हदीस :

Imam Ahmad : 10607, 10879, 10966
Imam Bukhari : 574, 3053, 6993
Imam Nasa'i : 640
Imam Ibnu Majah : 715
Imam Malik : 138