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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Shalat Wajib dan Sunnah Qiyamul Lail dan Witir Doa shalat malam - 2: ALLAHUMMA LAKAL HAMDU ANTA NURUS SAMAWATI WAL ARDLI WAMAN FI HINNA WA LAKAL HAMDU ...
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Doa shalat malam - 2: ALLAHUMMA LAKAL HAMDU ANTA NURUS SAMAWATI WAL ARDLI WAMAN FI HINNA WA LAKAL HAMDU ...
Imam Tirmidzi : 3340

حَدَّثَنَا الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ طَاوُسٍ الْيَمَانِيِّ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا قَامَ إِلَى الصَّلَاةِ مِنْ جَوْفِ اللَّيْلِ يَقُولُ اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ نُورُ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضِ وَلَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ قَيَّامُ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضِ وَلَكَ الْحَمْدُ أَنْتَ رَبُّ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَنْ فِيهِنَّ أَنْتَ الْحَقُّ وَوَعْدُكَ الْحَقُّ وَلِقَاؤُكَ حَقٌّ وَالْجَنَّةُ حَقٌّ وَالنَّارُ حَقٌّ وَالسَّاعَةُ حَقٌّ اللَّهُمَّ لَكَ أَسْلَمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَإِلَيْكَ أَنَبْتُ وَبِكَ خَاصَمْتُ وَإِلَيْكَ حَاكَمْتُ فَاغْفِرْ لِي مَا قَدَّمْتُ وَمَا أَخَّرْتُ وَمَا أَسْرَرْتُ وَمَا أَعْلَنْتُ أَنْتَ إِلَهِي لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ

हमसे कहिन [अल अंसारी] हमसे कहिन हैं [मा'न] हमसे कहिन हैं [मलिक बिन अनस]? [अबू अज़ जुबैर] से? [थावस अल यामानी] से?? [अब्दुल्ला बिन अब्बास] से? रदलियाल्लाहु अन्हुमा कि नबी? शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, जब आधी रात में नमाज पढ़ने उठे तो बोले: अल्लाहुम्मा लकल हमदु अन्ता नूरुस समावति वाल अर्धि वा लकल हमदु अन्ता काययुमुस समावति वाल अर्धि, वा लकल हमदु अन्तुआ समावत वामाउस फिहिन्ना, अन्तल हक्क़ु वा वा'दुकल हक्क़ु वा लिकाउका हककुन वाल जन्नातु हक्क़ुन रहा साअतु हककुन, अल्लाहुम्मा लका असलमतु वा बिका आमन्तु वा अलैका तका इआतुवा वाबिया खाशामतु वा इलाइका हाकमतु फघफिर LII मा कद्दामतु वा मा अखखरतु वा मा असरर्तु वा मा अ'लंतू, अंता इलाहाही, ला इलाहा इलाआ अंतरा'। -हे अल्लाह, सब स्तुति तोहरे लिए, तू जे आकाश अऊर धरती का रोशनी देत ​​है, सब स्तुति तोहरे लिए, तू जे आकाश अऊर धरती के देखभाल जारी रखत है। तुम्हार\आपक स्तुति हो, तुम आकाश अऊर पृथ्वी अऊर ओनके सब कुछ के स्वामी हौ। तू परम सत्य है तुम्हारा वचन सत्य है तुम्हारे साथ मिलन सत्य है स्वर्ग सत्य है क़यामत का दिन सत्य है हे अल्लाह, मैं तोहरे ऊपर समर्पण करत हउँ, तोहरे ऊपर मैं विश्वास करत हउँ, तोहरे ऊपर भरोसा करत हउँ, तोहरे ऊपर मैं लौटत हउँ, तोहरे मदद से मैं लड़त हउँ, अऊर तोहरे पास मैं न्याय करत हउँ, एहसे मोका माफ करौ कि हम का किहिन अऊर का नाहीं किहिन, का हम छुपाए अऊर का प्रकट किहिन। तुम मोर भगवान हौ, तुम्हारे सिवाय पूजा लायक कौनो भगवान नाहीं है। अबू ईसा कहिन; ई हदीस एक प्रामाणिक हसन हदीस है अऊर एक से अधिक तरफ से, इब्न अब्बास से रिवायित कीन गा है? पैगम्बर से? शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 2673, 3196
Imam Bukhari : 5842, 6837, 6888, 6945
Imam Muslim : 1288
Imam Abu Dawud : 655
Imam Tirmidzi : 3340
Imam Nasa'i : 1601
Imam Ibnu Majah : 1345
Imam Malik : 451
Imam Darimi : 1448